ONGC या OIL India, किसमें निवेश करने से होगी मोटी कमाई? जानिए मॉर्गन स्टेनली का जवाब

मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि सरकार नेचुरल गैस और क्रूड ऑयल प्राइसेज को नियंत्रणमुक्त करने की पॉलिसी अपना रही है। क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने विंडफॉल टैक्स नहीं लगाया है, जो चौंकाता है। इससे अपस्ट्रीज कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल्स को सपोर्ट मिलेगा

अपडेटेड Jun 10, 2026 पर 2:04 PM
ओएनजीसी का शेयर 10 जून को 2 फीसदी गिरकर 253 रुपये पर चल रहा था।

मॉर्गन स्टेनली की राय भारत के अपस्ट्रीम एनर्जी सेक्टर को लेकर बदली है। इसकी कई वजहें हैं। इस सेक्टर में सालाना करीब 10 अरब डॉलर का निवेश हो रहा है। हाल में देश में नेचुरल गैस का भंडार मिला है। अपस्ट्रीम कंपनियों पर रॉयल्टी का बोझ घटा है। फ्यूल प्राइसिंग को लेकर सरकार की पॉलिसी सपोर्टिव है।

ONGC मॉर्गन स्टेनली की पहली पसंद

मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि सरकार नेचुरल गैस और क्रूड ऑयल प्राइसेज को नियंत्रणमुक्त करने की पॉलिसी अपना रही है। क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने विंडफॉल टैक्स नहीं लगाया है, जो चौंकाता है। इससे अपस्ट्रीज कंपनियों के वैल्यूएशन मल्टीपल्स को सपोर्ट मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म ने ओएनजीसी और ऑयल इंडिया में से ओएनजीसी को अपनी पहली पसंद बताया है। इसकी वजह ओएनजीसी का बेहतर रिप्लेसमेंट रेशियो, हायर नेचुरल गैस प्राइस रियलाइजेशन और रिजर्व का जल्द मॉनेटाइजेशन है।


ओएनजीसी के शेयर में आ सकता है 33% उछाल

ब्रोकरेज फर्म ने ONGC को ओवरवेट रेटिंग दी है। उसने इसके शेयर के लिए 345 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 9 जून के 259.55 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से करीब 33 फीसदी चढ़ सकता है। ओएनजीसी का शेयर 10 जून को 2 फीसदी गिरकर 253 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, 2026 में यह शेयर करीब 7 फीसदी चढ़ा है। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से अपस्ट्रीम कंपनियों को फायदा होता है।

दो दशकों में 33 अरब डॉलर का डिविडेंड

मॉर्गन स्टेनली ने FY26 से FY29 के बीच ओएनजीसी का सीएजीआर 3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इसमें घरेलू गैस का ज्यादा उत्पादन और कंपनी के इंटरनेशनल बिजनेस के प्रॉफिट में आने का हाथ होगा। उसने यह भी कहा है कि ओएनजीसी ने बीते दो दशकों में करीब 33 अरब डॉलर का डिविडेंड दिया है। यह कंपनी के मौजूदा बाजार पूंजीकरण के करीब बराबर है। उसने आगे भी कंपनी का डिविडेंड बेहतर रहने का अनुमान जताया है।

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ऑयल इंडिया के शेयरों का टारगेट प्राइस घटाया

ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक, ओएनजीसी को कवर करने वाले 31 में से 20 ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। छह ने शेयर को होल्ड करने की सलाह दी है। पांच एनालिस्ट्स ने शेयर को बेचने की सलाह दी है। मॉर्गन स्टेनली ने ऑयल इंडिया की रेटिंग घटाई है। इसके टारगेट प्राइस को 566 रुपये से घटाकर 404 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि 9 जून के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 15 फीसदी गिर सकता है। हालांकि, ऑयल इंडिया को ट्रैक करने वाले 22 में से 15 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। Oil India का शेयर 10 जून को 8.55 फीसदी फिसल गया

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