Oracle Financial ने लिया यू-टर्न, इस कारण 5% चढ़ने के बाद 12% टूटे शेयर

Oracle Financial Shares: जून तिमाही में मुनाफा और ऑपरेटिंग इनकम डबल होने के बाद ओरेकल फाइनेंशियल के शेयर 5% उछल पड़े लेकिन फिर एक वजह से इंट्रा-डे हाई लेवल से यह करीब 13% टूट गया। चेक करें कि ओरेकल फाइनेंशियल के लिए जून तिमाही कैसी रही और इसके शेयरों में धमाकेदार कारोबारी नतीजे के बावजूद दबाव क्यों आया

अपडेटेड Jul 23, 2026 पर 12:27 PM
जून तिमाही में Oracle Financial का रेवेन्यू सालाना आधार पर 68.7% बढ़कर ₹3,125.2 करोड़ पर पहुंच गया तो मुनाफा दोगुना से अधिक बढ़कर ₹642 करोड़ से ₹1,415.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Oracle Financial Share Price: सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स कंपनी ओरेकेल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर के शेयरों में तेज उठा-पटक दिखी। एक तरफ जून तिमाही में मुनाफे और ऑपरेटिंग इनकम के डबल होने पर यह 5% से अधिक उछल पड़ा था लेकिन दूसरी तरफ सीईओ और एमडी मकरंद पडालकर (Makrand Padalkar) के इस्तीफे ने ऐसा दबाव बनाया कि यह धड़ाम हो गया और इंट्रा-डे हाई से करीब 13% टूट गया। फिलहाल बीएसई पर यह 4.17% की गिरावट के साथ ₹10,391.70 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 5.08% उछलकर ₹11,394.75 तक पहुंचा था जिससे मुनाफावसूली के बाद यह 12.68% टूटकर ₹9,950.00 तक आ गया।

कंपनी के सीईओ की बात करें तो वह 23 जुलाई तक अपने पद पर हैं लेकिन वह कुछ और महीने तक कंपनी के साथ बने रहेंगे ताकि कामकाज का ट्रांसफर आसानी से हो सके। मकरंद के बाद 24 जुलाई से कंपनी के मौजूदा सीएफओ अवधूत केतकर कमान संभालेंगे तो चीफ अकाउंटिंग ऑफिसर मनीष भंडारी नए सीएफओ बनेंगे।

कैसी रही Oracle Financial की जून तिमाही


चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही ओरेकल फाइनेंशियल के लिए धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में ओरेकल फाइनेंशियल का रेवेन्यू सालाना आधार पर 68.7% बढ़कर ₹3,125.2 करोड़ पर पहुंच गया तो मुनाफा दोगुना से अधिक बढ़कर ₹642 करोड़ से ₹1,415.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी की सेहत मजबूत हुई। जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए 122% बढ़कर ₹1,876.1 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन भी 45.7% से 60% पर पहुंच गया।

कंपनी की ग्रोथ को इसके कोर प्रोडक्ट्स बिजनेस से सपोर्ट मिला, जिसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 75% बढ़कर ₹2,936 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के रेवेन्यू में इसके प्रोडक्ट बिजनेस की मेजॉरिटी हिस्सेदारी है। प्रोडक्ट बिजनेस में बात करें तो कंपनी के रेवेन्यू में लाइसेंस और क्लाउस फीस की हिस्सेदारी सालाना आधार पर 16% से बढ़कर जून तिमाही में 44% पर पहुंच गया तो मेंटेनेंस फीस की हिस्सेदारी 30% से घटकर 20% और कंसल्टिंग फीस की हिस्सेदारी 45% से कम होकर 30% रह गई।

अब कंपनी के सर्विसेज बिजनेस की बात करें तो इससे कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 6% बढ़कर ₹189 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा RPO (रिमेनिंग परफॉरमेंस ऑब्लिगेशंस) भी इस दौरान 16% बढ़कर ₹7,345 करोड़ हो गया। आरपीओ उन सभी कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू है, जो अभी रेवेन्यू में नहीं बदल पाए हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों ने निवेशकों को ताबड़तोड़ रिटर्न दिया है। 17 मार्च 2026 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹6,232.20 पर था। इस निचले स्तर से चार ही महीने में यह 92.34% उछलकर 17 जुलाई 2026 को ₹11,986.90 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस साल 2026 निफ्टी आईटी का इकलौता शेयर है, जो इस साल मजबूत हुआ है। हालांकि एक कारोबारी दिन पहले बुधवार 22 जुलाई को यह शेयर निफ्टी 500 का टॉप लूजर था और इसमें 7.5% की गिरावट आई थी।

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