Market Outlook : आज मिलाजुला रहा शेयर बाजार का रुख, जानिए 21 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
Market Outlook : नागराज शेट्टी ने कहा कि निफ्टी 23100-23000 के अहम निचले सपोर्ट लेवल से मजबूत रिकवरी करने में नाकाम रहा। अब कोई तेजी आने पर निफ्टी के 23,500-23,600 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। जबकि, गिरावट की स्थिति में 23,100-23,000 के लेवल पर सपोर्ट मिल सकता है
Market Outlook : एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हाल के निचले स्तरों से रिकवरी की कोशिश को जारी रखते हुए 23,335 के स्तर के पास थोड़ी बढ़त के साथ खुला। हालांकि,बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है
Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी में 75.80 अंकों की बढ़त हुई, जबकि सेंसेक्स लगभग सपाट बंद हुआ। मेटल,सीमेंट, मीडिया,रियल्टी और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी से बाज़ार को सहारा मिला,जबकि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों पर दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर बंद हुआ। जबकि,निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर बंद हुआ।
निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि,सप्ताह के दौरान इसमें 0.22 प्रतिशत की गिरावट आई,जो लगातार छठी वीकली गिरावट है। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.73 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.74 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप 50 में 0.87 प्रतिशत की तेजी आई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में रिकवरी का सिलसिला तीसरे सेशन में भी जारी रहा। डेली चार्ट पर एक छोटी पॉजिटिव कैंडल बनी है,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी शैडो हैं। बाजार की चाल सुस्त बनी हुई है।
शेट्टी ने बताया कि निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और इसमें वीकली बेसिस पर 0.22% की गिरावट आई है। उनके मुताबिक,हालांकि शॉर्ट-टर्म में थोड़ी रिकवरी दिख रही है,लेकिन ओवरऑल स्थिति अभी भी कमजोर है।
उन्होंने कहा निफ्टी 23100-23000 के अहम निचले सपोर्ट लेवल से मजबूत रिकवरी करने में नाकाम रहा। अब कोई तेजी आने पर निफ्टी के 23,500-23,600 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। जबकि, गिरावट की स्थिति में 23,100-23,000 के लेवल पर सपोर्ट मिल सकता है।
स्टॉक्सकार्ट के डायरेक्टर और CEO प्रणय अग्रवाल ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25-बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी और 2026 में और सख्ती के संकेतों से यह बात पक्की हो गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। इससे निकट भविष्य में ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिका में ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर का असर डॉलर एसेट्स में कैपिटल एलोकेशन पर पड़ सकता है, जिससे भारत समेत तमाम उभरते बाजारों में FII का निवेश कुछ हद तक सतर्कता भरा रह सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि विदेशी निवेश की निकासी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची यील्ड के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट पर भी बीच-बीच में दबाव बन सकता है। उन सेक्टरों पर ज्यादा दबाव देखने को मिल सकता है जो ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील हैं या जिनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। हालांकि,घरेलू मांग में मजबूती,घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी और कंपनियों की अर्निंग को लेकर स्पष्टता से ब्रॉडर मार्केट को कुछ सहारा मिल सकता है।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हाल के निचले स्तरों से रिकवरी की कोशिश को जारी रखते हुए 23,335 के स्तर के पास थोड़ी बढ़त के साथ खुला। हालांकि,बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वे अभी भी खरीदारी में सुस्ती ही दिखा रहे हैं। इंडेक्स को 23,500–23,600 की ओर बढ़ने के लिए लगातार 23,400 के ऊपर टिके रहना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 23,200 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,100–23,070 का ज़ोन ज़्यादा मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम करेगा। कुल मिलाकर नियर टर्म में बाजार में सतर्कता का रुख बने रहने की उम्मीद है। बाजार के सेंटीमेंट में और सुधार के लिए निफ्टी को 23,400 के ऊपर एक मजबूत चाल की जरूरत है। जबकि, नीचे की तरफ इसके लिए 23,100–23,070 पर सपोर्ट है। यह सपोर्ट टूटने पर बाजार में गिरावट का ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।
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