सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी चालू वित्त वर्ष 2026-27 में मुनाफे में लौटने की राह पर है। कंपनी को यह बढ़त नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO में अपनी हिस्सेदारी बेचने से मिलेगी। NSE का IPO 17 सितंबर को खुलने जा रहा है। इस इश्यू का लंबे वक्त से इंतजार हो रहा है। इश्यू का साइज 22,561.57 करोड़ रुपये और प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर है। क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी और शेयरों की लिस्टिंग BSE पर 24 सितंबर को होने की उम्मीद है।
NSE IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में मौजूदा शेयरहोल्डर 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखने वाले हैं। शेयर बिक्री करने वालों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, SBI कैपिटल मार्केट्स, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, क्राउन कैपिटल, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी, इंडियन बैंक, ICICI लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी आदि शामिल हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) संजय जोशी का कहना है, ‘‘हम इस साल कुछ मुनाफा कमाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं... NSE के IPO से मिलने वाली रकम को मुनाफे के रूप में दर्ज किया जाएगा। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा, इससे कंपनी को नकदी भी मिलेगी।’’
NSE IPO में कितने शेयर बेचेगी Oriental Insurance
कंपनी NSE के IPO में अपनी हिस्सेदारी का केवल एक छोटा हिस्सा ही बेच रही है। इसके तहत करीब 49.57 लाख शेयर बिक्री के लिए रखे जाने वाले हैं। NSE में 30 जून, 2026 तक ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास 3.52 करोड़ शेयर थे। शेयरों की यह संख्या NSE की 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। IPO के प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर बिक्री के जरिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को लगभग 843-885 करोड़ रुपये मिलेंगे।
ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के शुरुआती निवेशकों में से एक है। जोशी का कहना है कि NSE के लिस्ट होने के बाद, उसमें बची हुई होल्डिंग वैल्यू का इस्तेमाल कंपनी की सॉल्वेंसी (देनदारी भुगतान क्षमता) को कैलकुलेट करने के लिए किया जा सकेगा। इससे कंपनी के सॉल्वेंसी रेशियो में सुधार होने की उम्मीद है।
NSE IPO 10 सालों से पेंडिंग
NSE ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व किए हैं। ये उन्हें फाइनल इश्यू प्राइस पर 170 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ ऑफर किए जाएंगे। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था और सितंबर में SEBI की मंजूरी मिल गई। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।
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