क्या आपको पाकिस्तान से टकराव बढ़ने पर शेयर मार्केट्स में गिरावट का डर सता रहा है? अगर हां तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। यह सच है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद इंडिया ने जिस तरह का रुख दिखाया है, उसका कुछ असर स्टॉक मार्केट्स पर देखने को मिला था। मार्केट्स एक्सपर्ट्स ने भी निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लेकिन, इतिहास बताता है कि इससे पहले पाकिस्तान के साथ टकराव के बाद स्टॉक्स मार्केट में तेज रिकवरी देखने को मिली है।
2019 में बालाकोट हमले के अगले दिन आई थी रिकवरी
India ने 26 फरवरी, 2019 को पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। Indian Air Force ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों के कैंप्स ध्वस्त कर दिया था। तब Sensex 239 प्वाइंट्स गिरा था, जबकि Nifty 44 प्वाइंट्स टूटा था। लेकिन, अगले दिन मार्केट में रिकवरी आई थी। Sensex 165 अंक की तेजी के साथ खुला था। हालांकि, यह फ्लैट बंद हुआ था। इससे पहले पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आंतकी हमले के दिन यानी 15 फरवरी को सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट आई थी।
भारत ने 2016 में उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। तब स्टॉक मार्केट्स में तेज गिरावट देखने को मिली थी। Sensex 400 प्वाइंट्स क्रैश कर गया था। Nifty 156 अंक लुढ़का था। पिछले दो दशकों के इतिहास को देखने पर यह साफ हो जाता है कि जब कभी पाकिस्तान से टकराव बढ़ा है तो मार्केट पर लंबी अवधि में मामूली असर पड़ा है। यहां तक कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में आतंकी हमलों के बाद Sensex में उम्मीद के उलट करीब 400 प्वाइंट्स का उछाल आया था। Nifty 100 अंक चढ़ा था।
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करगील के दौरान तीन महीने में सूचकांक 33 फीसदी उछले थे
अगर करगील की लड़ाई की बात की जाए तो 1999 में इस युद्ध के दौरान Sensex और Nifty में से दोनों में करीब 33 फीसदी की तेजी आई थी। तीन महीने तक चले इस लड़ाई के दौरान Sensex 1,115 प्वाइंट्स चढ़ा था, जबकि Nifty में 319 अंकों का उछाल आया ता। यह ध्यान में रखने की जरूरत है कि तब दोनों सूचकांकों का बेस आज के मुकाबले काफी कम था। इससे पता चलता है कि पाक से टकराव का ज्यादा असर निवेशकों के सेंटिमेंट पर नहीं पड़ता है।
विदेशी निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं
इंडिपेंडेंट रिसर्च एनालिस्ट दीपक जसानी ने बताया कि इस बार भी मार्केट का रिएक्शन वैसा ही है, जैसा पाक के साथ पहले के टकरावों के दौरान रहा है। इंडियन मार्केट्स टकराव के तुरंत बाद थोड़ा गिरता है। हर आतंकी हमले के बाद बाजार पर थोड़ा दबाव देखने को मिलता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स काफी डर जाते हैं। इस बार भी घरेलू निवेशकों में थोड़ा डर है। लेकिन, विदेशी निवेशक लगातार इंडियन मार्केट्स में खरीदारी कर रहे हैं।