पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयर में आगे 26 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 350 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के मौजूदा भाव 278.25 रुपये से लगभग 26 प्रतिशत ज्यादा है। पार्क मेडी वर्ल्ड उत्तर भारत में पार्क हॉस्पिटल ब्रांड के तहत हॉस्पिटल चेन चलाती है। इसके 16 मल्टी-सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल हैं। इन हॉस्पिटल्स की क्षमता 3960 बेड की है।
ग्रुप ने 14 प्रमुख शहरों में अपनी मजबूत पैठ बनाई है। ये शहर हैं- दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल, सोनीपत, अंबाला, मोहाली, पटियाला, बठिंडा, बहरोड़, जयपुर, आगरा और पंचकूला। कंपनी दिसंबर 2025 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 920 करोड़ रुपये का था।
ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि पार्क मेडी वर्ल्ड का बिजनेस मॉडल ऐसा है कि वह अच्छी क्वालिटी की हेल्थकेयर सर्विसेज किफायती दाम पर उपलब्ध कराती है। इससे ज्यादा मरीज अस्पतालों में आते हैं, बेड और बाकी सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल होता है, और कंपनी की कमाई व मुनाफा दोनों बढ़ते हैं। अपने अनुभवी प्रमोटर्स और एक ही क्षेत्र में अस्पतालों का नेटवर्क बढ़ाने की रणनीति की मदद से कंपनी उत्तर भारत में बेड क्षमता के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन बन चुकी है।
खस्ताहाल हॉस्पिटल्स को भी खरीदकर बना देती है उम्दा
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल के मुताबिक, पार्क मेडी वर्ल्ड के मैनेजमेंट की खासियत यह है कि वह खरीदे गए या कमजोर हालत वाले अस्पतालों को भी सफलतापूर्वक बेहतर बना देता है और अच्छा प्रदर्शन करवाता है। आगे कंपनी ने करीब 2,200 नए बेड जोड़ने की योजना बनाई है। साथ ही UP जैसे ज्यादा मांग वाले लेकिन अभी कम पहुंच वाले बाजारों में विस्तार पर फोकस किया है। इसी वजह से FY26-29 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 24 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) और EBITDA 23 प्रतिशत CAGR से बढ़ने की उम्मीद है।
साथ ही कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है, कैश कन्वर्जन हेल्दी है और वर्किंग कैपिटल का मैनेजमेंट भी बेहतर हो रहा है। इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 350 रुपये प्रति शेयर रखा है।
Park Medi World का शेयर 6 महीनों में 80 प्रतिशत चढ़ा
कंपनी का मार्केट कैप 12000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में 80 प्रतिशत और एक महीने में 12 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 82.89 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध स्टैंडअलोन रेवेन्यू 27.43 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 8.61 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 128.97 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 36.62 करोड़ रुपये रहा।
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