Paytm Share Price: विदेशी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) के मुताबिक, पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications) के शेयरों में मौजूदा स्तर से 46 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल सकती है। मॉर्गन स्टेनली ने पेटीएम के शेयरों को 'इक्वल-वेट रेटिंग (Equal-Weight Rating)' दी है और इसके लिए 935 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। इक्वल-वेट रेटिंग से मतलब यह है कि मॉर्गन स्टेनली को पेटीएम के शेयरों का प्रदर्शन उसके बेंचमार्क इंडेक्स के प्रदर्शन के बराबर रहने की उम्मीद है।
मॉर्गन स्टेनली ने Paytm को यह रेटिंग उसके शेयरों में आई हालिया तेज गिरावट और चौथी तिमाही के बिजनेस अपडेट जारी होने के बाद दी है। पेटीएम को लेकर मॉर्गन स्टेनली का पिछला टारगेट भी 935 रुपये था और उसने इसे बरकरार रखा है। RBI ने पिछले महीने जब पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नए कस्टमर जोड़ने पर रोक लगाया था, तब मॉर्गन स्टेनली ने इसका टारगेट प्राइस घटाकर 935 रुपये किया था।
Paytm के शेयर गुरुवार को NSE पर 2.39 फीसदी गिराकर 622 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए। मॉर्गन स्टेनली के टारगेट प्राइस Paytm के मौजूदा स्तर से करीब 46% अधिक है।
Paytm ने अगले 6 तिमाही के अंदर ऑपरेटिंग EBITDA के स्तर पर ब्रेक-इवन छूने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद यह शेयर सुर्खियों में था। मॉर्गन स्टेनली ने एक नोट में कहा कि Paytm अपने मौजूदा इनवेस्टमेंट राउंड पूरा होने करीब है और कंपनी अप्रत्यक्ष लागत के घटने की उम्मीद कर रही है।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा, “हम फिलहाल वित्त वर्ष 2025 में EBITDA स्तर पर कंपनी के ब्रेक-इवन में पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं और हम चौथी तिमाही के नतीजों के बाद फिर से अपने अनुमान पर विचार करेंगे। Paytm को हाल में किसी अन्य कारण से अपने ग्रोथ पर असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।" ब्रेक-इवन उस स्थिति को कहते हैं जहां कंपनी को कोई मुनाफा नहीं होता है, लेकिन उसको कोई घाटा भी नहीं होता है। यानी की कंपनी की आमदनी और उसके खर्च बराबर होते हैं।
पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने बुधवार को कहा कि उनकी कंपनी सितंबर 2023 तक EBITDA के स्तर पर ब्रेक-इवन में आ जाएगी। उन्होंने अपने कर्मचारियों को भेजे एक लेटर में कहा, "दुनिया भर के शेयर बाजारों में आए भारी उतार-चढ़ाव के बीच हमारे शेयरों की कीमत आईपीओ प्राइस से काफी नीचे आ गई हैं। भरोसा रखिए, पेटीएम की पूरी टीम एक बड़ी, प्रॉफिटेबल कंपनी खड़ी करने और लंबी अवधि के लिए शेयरहोल्डर वैल्यू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, मुझे स्टॉक ग्रांट्स (stock grants) तभी मिलेंगे, जब हमारी मार्केट कैप स्थायी आधार पर IPO के स्तर से ऊपर निकल जाएगी।"
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