Paytm Stocks: पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस (OCL) के शेयर सोमवार 3 मार्च को शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक लुढ़क गए। यह गिरावट इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की ओर से कंपनी को जारी एक कारण बताओ नोटिस के बाद आई है। ED ने यह नोटिस फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में भेजा है। बीएसई पर पेटीएम के शेयर अपने दिन के निचले स्तर 683.55 रुपये तक लुढ़क गए। इस साल अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 30 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।
पेटीएम ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि ED ने पेटीएम और इसकी दो सहायक कंपनियों - लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस भेजा है। यह नोटिस इन दोनों के अधिग्रहण में हुए कथित उल्लंघन से से जुड़ा है, जो 2015 से 2019 के बीच हुआ था। इसके अलावा दोनों सहायक कंपनियों के कुछ पूर्व डायरेक्टरों और अधिकारियों को भी ये नोटिस जारी किया गया है।
कंपनी ने बयान में कहा, "दोनों सहायक कंपनियों से जुड़े कुछ कथित उल्लंघन के मामले उस समय के हैं, जब वे हमारी सहायक कंपनियां नहीं थीं।" पेटीएम ने यह भी कहा कि वह इस मामले को कानूनी सलाह के साथ हल करने और लागू कानूनों के अनुसार कदम उठाने की प्रक्रिया में है।
कंपनी की ओर जारी किए ब्यौरे के मुताबिक, कथित उल्लंघन में OCL के 245 करोड़ रुपये, लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 345 करोड़ रुपये और यरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 21 करोड़ रुपये के लेनदेन सूचीबद्ध किए गए हैं।
पेटीएम ने अपने उपभोक्ताओं और मर्चेंट्स को आश्वासन दिया कि इस नोटिस का उसकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सभी सेवाएं पूरी तरह से सुरक्षित और चालू हैं। पेटीएम ने 2017 में हाइपरलोकल डील्स प्लेटफॉर्म लिटिल इंटरनेट और नियरबाय का अधिग्रहण किया था और बाद में उन्हें मर्ज कर दिया था।
पेटीएम के सामने ये नई चुनौती ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में इसके मार्केट रेगुलेटर SEBI के साथ एक रेगुलेटरी मामले का 45 लाख रुपये में सेटलमेंट किया है। इसके अलावा, पिछले साल पेटीएम पेमेंट्स बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।
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