PSU Stocks: सरकारी कंपनियों यानी PSU स्टॉक्स में निवेशकों की रुचि कम होती दिख रही है। बीएसई के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में सभी लिस्टेड सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी फरवरी महीने में 15 महीने के निचले स्तर 14.61 प्रतिशत पर आ गई। यह नवंबर 2023 के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। मई 2024 में बीएसई के कुल मार्केट कैप में सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी 17.77 प्रतिशत थी, जो इसका अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।
शेयर बाजार में कुल 103 कंपनियां सूचीबद्ध हैं। फरवरी के अंत में, इन सभी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 57.43 लाख करोड़ रुपये थी। हालांकि पिछले साल जुलाई में इन कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू ₹81.38 लाख करोड़ के अपने ऑलटाइम हाई पर थी। तब से अब तक इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू में करीब 24 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आ चुकी है।
इसकी तुलना में, जनवरी में PSU कंपनियों की कुल मार्केट कैप ₹64.88 लाख करोड़ थी। वहीं दिसंबर में यह ₹66.34 लाख करोड़ रही थी।
कई PSU स्टॉक्स 60% से ज्यादा गिरे
इन 103 सरकारी कंपनियों में से 7 के शेयरों में उनके 52-वीक हाई से 60 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। वहीं 28 कंपनियों में 50 से 59% की गिरावट आई है। इसके अलावा 34 कंपनियों के शेयर 40-50% तक टूट चुके हैं। जबकि बाकी 32 कंपनियों के शेयरों 20-40% की गिरावट देखी जा चुकी है।
क्यों घट रही PSU शेयरों की चमक?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजे, ऊंचे वैल्यूएशन और सरकारी खर्च में कमी के चलते PSU शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि डिफेंस और रेलवे सेक्टर में ऑर्डर इनफ्लो घटने से इन कंपनियों की ग्रोथ संभावनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसके अलावा PSU शेयरों में कई सालों से जारी तेजी के बाद अब निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं। जबकि कुछ पीएसयू मजबूत बने हुए हैं, लेकिन कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ और कम सरकारी खर्च अस्थिरता को बढ़ा रहे हैं।
बड़ी गिरावट वाले PSU शेयर
ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का शेयर 65 प्रतिशत गिरा है, उसके बाद चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और एमएमटीसी का शेयर क्रमशः 64 प्रतिशत और 62 प्रतिशत गिरा है। बाकी दिन शेयरों में अधिक गिरावट आई है, उनमें शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स और इरकॉन इंटरनेशनल शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक में 60 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा की गिरावट आई है। इन कंपनियों में गिरावट के चलते Nifty PSE Index भी अपने उच्चतम स्तर से 32% गिर चुका है।
क्या PSU शेयरों में निवेश का मौका है?
च्वाइस ब्रोकिंग के डेरिवेटिव एनालिस्ट्स हार्दिक माटालिया का कहना है कि PSU शेयरों में निवेश के लिए फिलहाल सतर्कता जरूरी है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को स्थिरता आने तक इंतजार करना चाहिए। वहीं लॉन्ग-टर्म निवेशकों को BEL, HAL और NTPC जैसे मजबूत फंडामेंटल वाले PSU शेयरों पर ध्यान देना चाहिए।
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