Paytm का स्टॉक्स 5% टूटा, क्या अभी निवेश करने पर होगी तगड़ी कमाई?

पेटीएम का स्टॉक 20 मार्च को 6 फीसदी तक गिर गया। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट है। ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि शॉर्ट टर्म में फाइनेंशियल डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस के लिए स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। इसका असर पेटीएम के प्रदर्शन पर पड़ सकता है

अपडेटेड Mar 20, 2025 पर 12:21 PM
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कंपनी का स्टॉक आईपीओ के प्राइस से अब भी 64 फीसदी नीचे है।

वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों में 20 मार्च को बड़ी गिरावट देखने को मिली। मार्केट ओपन होने के थोड़ी देर बाद यह स्टॉक 6 फीसदी तक गिर गया। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी आई। 11:41 बजे यह 4.71 फीसदी गिरकर 726.95 रुपये पर चल रहा था। कंपनी पेटीएम नाम से वित्तीय सेवाएं देती है। कंपनी के शेयरों में गिरावट की वजह ब्रोकरेज फर्मों की रिपोर्ट है। कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने पेटीएम के शेयरों पर 'न्यूट्रल' और 'होल्ड' रेटिंग्स दी हैं।

फाइनेंशियल डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस के लिए स्थितियां मुश्किल

ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में फाइनेंशियल डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस के लिए स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। इसका असर Paytm के प्रदर्शन पर पड़ सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने पेटीएम के स्टॉक पर 'होल्ड' रेटिंग दी है। उसने इसके शेयरों के 850 रुपये का टारगेट दिया है। इसका मतलब है कि 19 मार्च के क्लोजिंग प्राइस से यह स्टॉक 11 फीसदी तक चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार ने कम वैल्यू के UPI P2M ट्रांजेक्शंस के लिए 1,500 करोड़ रुपये का इनसेंटिव दिया है, जो पिछले साल के मुकाबले आधा है।


EBITDA अनुमान से कम रह सकता है

जेफरीज का अनुमान है कि कम वैल्यू के UPI P2M ट्रांजेक्शंस पर इनसेंटिव 20 बेसिस प्वाइंट्स से घटकर 6 बेसिस प्वाइंट रह जाएगा। अगर पेटीएम का इनसेंटिव इस अनुपात में घटता है तो FY25 की इसकी एडजस्टेड EBITDA अनुमान के मुकाबले 50 फीसदी तक कम रह सकती है। FY26-27 में EBITDA 20-30 फीसदी कम रह सकती है। FY25 में टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 15 फीसदी घट सकता है।

फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस पर फोकस का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने पेटीएम पर 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है। उसने शेयरों के लिए 870 रुपये का टारगेट दिया है। कंपनी फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस पर फोकस कर रही है। कॉस्ट घटाने पर भी वह जोर दे रही है। इससे उसका प्रॉफिट बढ़ सकता है। FY28 तक कंपनी के रेवेन्यू में फाइनेंशियल सर्विसेज की हिस्सेदारी 27 फीसदी हो जाने का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म ने नए कस्टमर्स की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई है। एमटीयू बेस भी बढ़ने की संभावना है। इससे कंपनी के पास क्रॉस-सेलिंग का मौका होगा।

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आईपीओ में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स को बड़ा लॉस

कंपनी का स्टॉक आईपीओ के प्राइस से अब भी 64 फीसदी नीचे है। कंपनी का आईपीओ नवंबर 2021 में आया था। कंपनी ने आपीओ में निवेशकों को प्रति शेयर 2,150 रुपये के भाव पर शेयर दिए थे। इस आईपीओ में निवेश करने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी के शेयर आईपीओ प्राइस से काफी कम भाव पर लिस्ट हुए थे। उसके बाद से कभी लिस्टिंग प्राइस को भी नहीं छू पाए हैं। हालांकि, बीते एक साल में यह स्टॉक करीब 74 फीसदी चढ़ा है।

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