Pharma Stocks : पिछले कुछ दिनों से फार्मा शेयरों पर दबाव दिखा है। इसका एक कनेक्शन पश्चिम एशिया में युद्ध भी है। इस जंग का फार्मा सेक्टर पर किस तरह का असर पड़ रहा है, इस पर नजर डालें तो फार्मा फीडस्टॉक का 90–99 फीसदी हिस्सा पेट्रोकेमिकल्स से जुड़ा है। भारत ग्लोबल जेनेरिक दवाओं का 20 फीसदी सप्लाई करता है। भारत US की 40–50 फीसदी जेनेरिक दवाओं की मांग पूरी करता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने 39,214 करोड़ रुपए के API इंपोर्ट किए थे। 74 फीसदी API इंपोर्ट चीन से किया गया था।
Isobutylbenzene की सप्लाई घटी
भारत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए 40 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है। हाल के दिनों में एयर फ्रेट में 15–30 फीसदी का उछाल आया है। वहीं,ट्रांजिट में 10–20 दिन की देरी हो रही है। API मैन्युफैक्चरिंग लागत में 20–25 फीसदी हिस्सा एनर्जी का होता है। पश्चिम एशिया संकट से कंटेनर की कॉस्ट 2–3 गुना बढ़ी है। इनपुट भी 10-15 फीसदी बढ़े हैं। Isobutylbenzene के सप्लाई की कमी देखने को मिल रही है। Ibuprofen के लिए Isobutylbenzene जरूरी कच्चा माल होता है।
फार्मा इंडस्ट्री का क्या है कहना?
फार्मा इंडस्ट्री का कहना है कि फिलहाल कोई कमी नहीं है। इंवेंटरी में 2–3 महीने का कच्चा माल मौजूद है। फिनिश्ड दवाओं का 3–6 महीने का स्टॉक है। ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूटर 30–60 दिन के सप्लाई के साथ काम करते हैं। अमेरिका में प्रिस्क्रिप्शन में जेनेरिक दवाओं का हिस्सा 90 फीसदी होता है। लेकिन हालात नहीं सुधरे तो फार्मा सेक्टर के मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके चलते प्राइस हाइक और सप्लाई में कुछ देरी संभव है।
अमेरिका और ईरान में जंग के बीच जिस तरह के बयान आ रहे हैं,उसे देखकर इस युद्ध का अंत नजदीक नहीं लग रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि आज का दिन काफी अहम है और अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े इलाके पर हमला करेगा। इधर, ईरान ने भी अमेरिका को बड़ी धमकी दी है। ईरान की सेना की ओर से कहा गया है कि युद्ध की शुरुआत अमेरिका ने की लेकिन इसे खत्म हम करेंगे। इस बीच इजरायल ने हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत का दावा किया है।
इस बीत रूस का भी बयान आया है। रूस ने ईरान पर हमलों को गैरवाजिब और धोखेबाजी बताया है। उसने कहा है कि यह युद्ध बिना किसी उकसावे के शुरू किया गया है। ऐसे हमले पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर रहे हैं और वेस्ट एशिया में तनाव को खतरनाक स्तर तक ले जा रहे हैं।