PNB Housing share price : नतीजों के बाद PNB हाउसिंग करीब 9% टूटा, कंपनी की कॉनकॉल में मैनेजमेंट ने कही ये बड़ी बात

PNB Housing share price : जेएम फाइनेंशियल ने कहा है कि PNB हाउसिंग फाइनेंस ने कुल मिलाकर मिला-जुला तिमाही नतीजा दिया है। मुनाफा अनुमान से कम रहा है। इसकी मुख्य वजह कमजोर डिस्बर्समेंट/AUM ग्रोथ और बढ़े हुए ओपेक्स लेवल थे

अपडेटेड Jan 22, 2026 पर 1:37 PM
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PNB Housing Finance share price : नतीजों के बाद PNB हाउसिंग की कॉनकॉल में मैनेजमेंट ने कहा है कि तीसरी तिमाही में कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव रहा है। कॉस्ट ऑफ फंड्स से सपोर्ट देने की कोशिश की गई है

PNB Housing share price : नतीजों के बाद PNB हाउसिंग करीब 9 फीसदी की गिरावट के साथ वायदा का टॉप लूजर बना हुआ है।.PNB हाउसिंग में गिरावट की वजह पर नजर डालें तो तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार को पसंद नहीं आए हैं। इस अवधि में कंपनी की नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) तिमाही आधार पर 4 बेसिस प्वाइंट घटकर 3.63 फीसदी पर रही है। तिमाही दर तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में कंपनी की एसेट क्वालिटी फ्लैट रही है। इस अवधि में तिमाही आधार पर कंपनी का डिस्बर्समेंट भी अनुमान से कम रहा है।

नतीजों के बाद ब्रोकरेज की राय

जेएम फाइनेंशियल ने कहा है कि PNB हाउसिंग फाइनेंस ने कुल मिलाकर मिला-जुला तिमाही नतीजा दिया है। मुनाफा अनुमान से कम रहा है। इसकी मुख्य वजह कमजोर डिस्बर्समेंट/AUM ग्रोथ और बढ़े हुए ओपेक्स लेवल थे। जेएम फाइनेंशियल ने स्टॉक पर अपनी 'बाय' कॉल को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस 1,180 रुपये प्रति शेयर रखा है, जिसका मतलब है कि स्टॉक की पिछली क्लोजिंग कीमत से लगभग 27 प्रतिशत का अपसाइड पोटेंशियल है।


इस बीच, मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि PNB हाउसिंग फाइनेंस के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन में पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 4 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है।कंपनी ने 3QFY26 में मिला-जुला ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस दिखाया, जिसमें ज़्यादा प्रोविज़न राइट-बैक से अर्निंग को सपोर्ट मिला, लेकिन ज़्यादा ऑपरेटिंग खर्च और कम नॉन-इंटरेस्ट इनकम से यह कुछ हद तक कम हो गया।

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PNB हाउसिंग की कॉनकॉल

नतीजों के बाद PNB हाउसिंग की कॉनकॉल में मैनेजमेंट ने कहा है कि तीसरी तिमाही में कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव रहा है। कॉस्ट ऑफ फंड्स से सपोर्ट देने की कोशिश की गई है। FY26 में NMIs 2.60-2.70% के बीच रह सकते हैं। FY27 में गाइडेंस की दोबारा समीक्षा की जाएगी। सरकारी आदेश से अफोर्डेबल सेगमेंट के डिस्बर्समेंट पर असर पड़ा है। Q4FY26 में 20-25% ग्रोथ की उम्मीद है। रिटर्न ऑन एसेट्स का गाइडेंस 2.60-2.70% है। FY27 में नॉर्मलाइज्ड क्रेडिट कॉस्ट 20 bps रह सकती है।

 

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