PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल
PNB Q1 Results FY27: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था। बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था
PNB Q1 Results: टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है
Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।
नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी
PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:
मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।
टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।
ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर
अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।
एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा
बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।
PNB का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।
बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं। हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव
सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:
ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।
डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।
PNB के शेयरों का क्या है हाल?
नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।