वायर और केबल बनाने वाली पॉलीकैब इंडिया अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2026 के लिए 47 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 19 जून है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।
कंपनी की सालाना आम बैठक में फाइनल डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 जून के बाद किया जाएगा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 35 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। पॉलीकैब इंडिया शेयर बाजार में अप्रैल 2019 में लिस्ट हुई थी। कंपनी का IPO 1345.26 करोड़ रुपये का रहा था।
Polycab India का शेयर एक साल में 60 प्रतिशत मजबूत
शेयर की कीमत शुक्रवार, 12 जून को BSE पर 9552.65 रुपये पर बंद हुई। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत 3 महीनों में 28 प्रतिशत और एक साल में लगभग 60 प्रतिशत चढ़ी है। 3 साल में यह 170 प्रतिशत मजबूत हुई है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 61.50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर के लिए मई महीने में ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने 'बाय' रेटिंग के साथ 9800 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था। प्रभुदास लीलाधर ने 'बाय' रेटिंग के साथ 10282 रुपये का टारगेट सेट किया था।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में पॉलीकैब इंडिया का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 8,585.10 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 750.48 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 28,185.18 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,600.95 करोड़ रुपये रहा।
Polycab India के अलावा 19 जून और 13 कंपनियों के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट है। लिस्ट में कोरोना रेमेडीज, सनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर इंडिया, इंडियामार्ट इंटरमेश, AWL एग्री बिजनेस, टाटा कम्युनिकेशंस, टोरेंट पावर, HDFC Bank, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, राघव प्रोडक्ट, GHCL टेक्सटाइल्स, अंबा एंटरप्राइज, सोलेटेयर मशीन टूल्स शामिल हैं। इन कंपनियों से डिविडेंड के तौर पर प्रति शेयर 60 रुपये तक का अमाउंट मिलने वाला है।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।