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बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं, कृषि, ग्रामीण इकोनॉमी और इश्योरेंस सेक्टर से जुड़े शेयरों में निवेश के मौके

अभय अग्रवाल की राय है कि वोडा फोन पीएलसी और इंडस टॉवर डील पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक शुभ संकेत है। बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अब चुनावी सीजन की अनिश्चितता खत्म हो गई है। अब देशी और विदेशी निवेशक ये देख रहे हैं कि उनके पास भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए कहां पर मौके दिख रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 21, 2024 पर 12:21 PM
बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं, कृषि, ग्रामीण इकोनॉमी और इश्योरेंस सेक्टर से जुड़े शेयरों में निवेश के मौके
अभय का कहना है कि बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं हैं। कॉस्ट बढ़ने के चलते इनके NIM पर दबाव कायम रहेगा। बड़े प्राइवेट बैंकों में बड़े इनफ्लो की उम्मीद कम है

बाजार की आगे कि दशा और दिशा पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज के साथ जुड़े पाइपर सेरिका (Piper Serica) के संस्थापक और फंड मैनेजर अभय अग्रवाल। अभय के पास इन्वेस्टिंग की दुनिया का तीन दशक का अनुभव है। अभय जी जेपी मॉर्गन के साथ काम कर चुके हैं और खास तौर से मल्टी बैगर शेयर तलाशने के लिए जाने जाते हैं।

बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं

अभय अग्रवाल की राय है कि वोडा फोन पीएलसी और इंडस टॉवर डील पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक शुभ संकेत है। बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अब चुनावी सीजन की अनिश्चितता खत्म हो गई है। अब देशी और विदेशी निवेशक ये देख रहे हैं कि उनके पास भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए कहां पर मौके दिख रहे हैं। प्राइवेट बैंकों में अब तक काफी टाइम करेक्शन हुआ है। इनमें बड़े फंडों की काफी ज्यादा होल्डिंग भी है। लेकिन अभी भी ये कहना की बड़े प्राइवेट बैंक में टिकाऊ तेजी आएगी, बड़ा मुश्किल है। बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं हैं। कॉस्ट बढ़ने के चलते इनके NIM पर दबाव कायम रहेगा। बड़े प्राइवेट बैंकों में बड़े इनफ्लो की उम्मीद कम है।

सरकार का फोकस एग्रीकल्चर, ग्रामीण इकोनॉमी और इश्यरेंस पर रहेगा

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