भारत सरकार के इलेक्टॉनिक्स और सूचना तकनीकी मंत्रालय ने देश में PUBG सहित 117 और चाइनीज ऐप को Information Technology Act के सेक्शन 69A क तहत बैन कर दिया है। बता दें कि इसके पहले भी सरकार ने 59 चाइनीज ऐप को बैन किया था। ये बैन सीमा पर भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच लगाया गया है।
आइए देखते हैं कि कोरियन ओरिजिन के बावजूद भारत में PUBG को क्यों बैन किया गया है?
सरकार ने अपने बयान में कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में जुटे थे, जिसका असर देश की संप्रुभता, अखंडता और सुरक्षा पर पड़ रहा था। मंत्रालय को इससे जुड़ी कई शिकायतें मिली हैं कि ये ऐप्स यूजर के डेटा का गलत इस्तेमाल करते हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ये ऐप्स यूजर का डेटा चुराकर गलत तरीके से देश के बाहर बने सर्वर को भेजते थे। सरकार के इस कदम से करोड़ों भारतीय मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स के हितों की रक्षा होगी।
बता दें कि PUBG Mobile के डाउनलोड्स और यूजर बेस में सबसे बड़ा योगदान भारत का है। भारत में ये ऐप 17.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड हो चुका है। PUBG का विकास दक्षिण कोरिया की एक वीडियो गेम कंपनी ब्लूहोल (Bluehole) ने किया है। हालांकि चीन के मल्टीनेशनल कारोबारी समूह Tencent की इस गेमिंग ऐप में बड़ा हिस्सेदारी है। कोरियन ओरिजिन के बावजूद PUBG पर बैन की एक वजह ये भी हो सकती है।
इलेक्टॉनिक्स और सूचना तकनीकी मंत्रालय ने ये भी कहा है कि उसको हाल में इस तरह की शिकायतें मिली हैं कि Android और iOS प्लेटफार्म पर मौजूद तमाम ऐप भारत में यूजर्स के डेटा चुरा कर इसको अनधिकृत रूप से भारत के बाहर स्थित सर्वरों पर भेज रहे हैं। हालांकि PUBG ने हाल ही में अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को अपडेट किया था और इस बात की पुष्टि की थी कि वह भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में ही स्टोर कर रहा है।
कुछ और कारणों से भी देश में PUBG आलोचकों के निशाने पर रहा है। बच्चों के माता-पिता और अभिवावकों से तमाम शिकायतें मिलने के बाद देश के कई राज्यों ने बच्चों पर पड़ रहे इसके खराब मनोवैज्ञानिक असर का हवाला देते हुए इस पर अस्थाई बैन भी लगाया था। इसके बाद PUBG ने आश्वासन दिया था कि वह इस गेम पर अभिवावकों, शिक्षाविदों और सरकारी संगठनों से फीडबैक लेगी और इस गेम को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाएगी।
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।
