Jyeshtha Pradosh Vrat 2026: एकादशी व्रत की तरह प्रदोष व्रत भी हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है। यह व्रत भी एकादशी व्रत की तरह साल में 24 बार किया जाता है। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में प्रदोष व्रत की पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। हर माह की तरह ज्येष्ठ माह में भी कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी का व्रत पहला प्रदोष व्रत होगा।
