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Parama Ekadashi 2026: परमा एकादशी पर भूल कर भी न करें ये 4 काम, वर्ना नहीं मिलेगा तीन साल में एक बार आने वाली दुर्लभ एकादशी व्रत का फल

Parama Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी व्रत को बहुत महत्‍वपूर्ण माना जाता है। तीन साल में एक बार आने वाले इस एकादशी वत में 4 काम भूल कर भी नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से इस दुर्लभ व्रत का फल नहीं मिलेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 05, 2026 पर 8:43 PM
Parama Ekadashi 2026: परमा एकादशी पर भूल कर भी न करें ये 4 काम, वर्ना नहीं मिलेगा तीन साल में एक बार आने वाली दुर्लभ एकादशी व्रत का फल
उदया तिथि के अनुसार परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।

Parama Ekadashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को परमा एकादशी का व्रत रखा जाता है। एकादशी तिथि के दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है। लेकिन खास बात यह है कि परमा एकादशी का व्रत 3 साल में एक बार ही रखा जाता है। कहा जाता है इस दिन व्रत और पूजा पाठ करने से जीवन के समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।

परमा एकादशी व्रत की तारीख

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के अधिक मास महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 11 जून को प्रारंभ हो रहा है। ऐसी स्थिति में उदया तिथि के अनुसार परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग जैसे कई शुभ योगों का निर्माण भी हो रहा है। इन योगों को शुभ कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

ये 4 काम करने से बनें

तुलसी के पत्ते तोड़ना- भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करने चाहिए, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते भूलकर भी न तोड़ें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करन से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और पूजा सफल नहीं होती है।

तामसिक भोजन का प्रयोग- एकादशी के दिन लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन करें। तामसिक भोजन करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा और भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं।

चावल और अन्न का सेवन- एकादशी के दिन भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाने से व्यक्ति को अगला जन्म में रेंगने वाले जीव की योनि मिलता है। इसलिए इस दिन चावल खाना वर्जित माना गया है। एकादशी के दिन गेहूं, जौ, दालें और किसी भी प्रकार के अन्न का सेवन किया जा सकता है।

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