Share Market Scam: टेलीग्राम-वाट्सऐप के जरिए बुना जाल, खुली शेयर मार्केट में ₹20 करोड़ के घोटाले की पोल

Share Market Scam: बाजार नियामक SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने स्टॉक मार्केट में हेराफेरी से जुड़ा एक बड़ा मामला पकड़ा है। मुंबई के एक परिवार पर हेराफेरी से ₹20 करोड़ से अधिक मुनाफा कमाने का पंप एंड डंप (Pump and Dump) मामला सामने आया है। यह पूरा खेल टेलीग्राम, X, और वाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए खेला गया। समझें पूरा मामला

अपडेटेड May 24, 2026 पर 4:25 PM
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Pump and Dump में किसी शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए उसके बारे में झूठा प्रचार और

Share Market Scam: सोशल मीडिया के इस दौर में टेलीग्राम, वाट्सऐप और X (पूर्व नाम Twitter) के जरिए मुंबई के एक परिवार ने ऐसा खेल रचाया कि उन्होंने करोड़ों का मुनाफा कूटा। बाजार नियामक सेबी ने मुंबई के एक परिवार पर शेयरों की कीमतों में हेरफेर कर अवैध मुनाफा कमाने के आरोपों की जांच की जिसके बाद मार्केट मैनिपुलेशन का एक बड़ा घोटाला सामने आया। यह घोटाला छोटा-मोटा नहीं, बल्कि ₹20 करोड़ से अधिक का है। सेबी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने अपना जाल टेलीग्राम, X (पूर्व नाम Twitter) और वाट्सऐप के जरिए फैलाया। सेबी के आदेश के मुताबिक इस परिवार ने 82 एसएमई स्टॉक्स में हेरफेर किया और पंप एंड डंप (Pump and Dump) के जरिए करीब ₹20.25 करोड़ कमाए।

पंप एंड डंप एक ऐसा घोटाला है, जिसमें किसी शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए उसके बारे में झूठा प्रचार और हाइप फैलाया जाता है। जब दूसरे निवेशक पैसा लगाते हैं और शेयर की कीमत बढ़ जाती है, तब घोटालेबाज अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमा लेते हैं। इससे शेयर धड़ाम हो जाता है और बाकी निवेशकों को नुकसान होता है।

क्या है पूरा मामला?


इस घोटाले में एक परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। इसमें पिता हेमंत गुप्ता और उनके बेटे- रोहन गुप्ता, अनिकेत गुप्ता के साथ-साथ शैरोन गुप्ता, लीना गुप्ता, रजनी गुप्ता और पूर्वांगी गुप्ता हैं। रोहन “WealthSolitaire” नाम का ट्विटर हैंडल चलाते था, जबकि अनिकेत “desiwallstreet” संभालता था। दोनों के अकाउंट्स पर कुल मिलाकर 54,000 से अधिक फॉलोअर्स थे। इनके अलावा, वे 50 से अधिक व्हाट्सऐप ग्रुप्स और टेलीग्राम चैनलों चलाते थे, जिनमें लगभग 80,000 मेंबर्स थे। सेबी के मुताबिक आरोपियों ने पहले छोटे शेयर खरीदे। इसके बाद उन्होंने इन शेयरों को लेकर ऑनलाइन पॉजिटिव माहौल बनाया ताकि खुदरा निवेशक आकर्षित हों। जैसे ही शेयर की कीमतें बढ़ीं, उन्होंने अपने शेयर मुनाफे पर बेच दिए, जिससे बाद में निवेश करने वाले लोगों को घाटा हुआ।

कब शुरू हुआ घोटाला और कैसे खुली पोल?

सेबी के मुताबिक इस घोटाले में दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच 82 स्टॉक्स का जाल बनाया गया। जनवरी 2026 में की गई छापेमारी के दौरान सेबी को कुछ ऐसे चैट मैसेज मिले जिसमें योजना के बारे में विस्तार से पता चला। एक मैसेज में हेमंत वे अपने बेटे को एक शेयर के बारे में ट्वीट करने को कहा ताकि यह कई दिनों तक अपर सर्किट पर पहुंचे। इस मामले की जांच को लेकर सेबी का कहना है कि आरोपियों ने सेबी और PFUTP नियमों का उल्लंघन किया है। साथ ही हेमंत गुप्ता, रोहन गुप्ता और अनिकेत गुप्ता पर बिना रजिस्ट्रेशन स्टॉक टिप्स देने के कारण रिसर्च एनालिस्ट रेगुलेशंस के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है।सेबी ने ₹20.25 करोड़ जब्त कर लिए हैं तो आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और संपत्तियों को भी फ्रीज कर दिया है। मामले की जांच अब भी जारी है। इस बीच सेबी ने सभी आरोपियों को सिक्योरिटीज की खरीद-बिक्री और ट्रेडिंग से भी प्रतिबंधित कर दिया है।

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