सेबी की जांच के बाद Quant Mutual Fund में 1,398 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो

संदीप टंडन के क्वांट म्यूचुअल फंड में फ्रंट रनिंग को लेकर जांच शुरू होने के बाद इस फंड में 1,398 करोड़ रुपये की नेट इक्विटी निकासी देखने को मिली है। म्यूचुअल फंड ने 26 जून को इनवेस्टर्स के साथ कॉल में यह जानकारी दी। मनीकंट्रोल ने इसी हफ्ते खबर दी थी कि मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फ्रंट रनिंग के मामले में क्वांट म्यूचुअल फंड के ठिकानों पर छापेमारी की थी

अपडेटेड Jun 26, 2024 पर 8:42 PM
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क्वांट के पास कुल 21 म्यूचुअल फंड स्कीमों में 90,000 करोड़ रुपये का AUM है।

संदीप टंडन के क्वांट म्यूचुअल फंड में फ्रंट रनिंग को लेकर जांच शुरू होने के बाद इस फंड में 1,398 करोड़ रुपये की नेट इक्विटी निकासी देखने को मिली है। म्यूचुअल फंड ने 26 जून को इनवेस्टर्स के साथ कॉल में यह जानकारी दी। मनीकंट्रोल ने इसी हफ्ते खबर दी थी कि मार्केट रेगुलेटर सेबी ने फ्रंट रनिंग के मामले में क्वांट म्यूचुअल फंड के ठिकानों पर छापेमारी की थी। क्वांट के पास कुल 21 म्यूचुअल फंड स्कीमों में 90,000 करोड़ रुपये का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) है। यह देश का तीसरा बड़ा स्मॉल कैप फंड चलाता है, जिसका एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 20,000 करोड़ रुपये है।

इस वजह से बड़े पैमाने पर रिडेम्प्शन शुरू होने की स्थिति में फंड की मिडकैप और स्मॉलकैप होल्डिंग्स और इसकी लिक्विडिटी प्रोफाइल को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड के फाउंडर और CIO संदीप टंडन ने कॉल में निवेशकों की चिंताएं दूर करने का प्रयास किया और कहा कि फंड का पोर्टफोलियो काफी लिक्विड है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में फंड मिडकैप से लार्जकैप की तरफ बढ़ा है।

टंडन का कहना था कि पिछले 3 दिनों में जबरदस्त रिडेम्प्शन देखने को मिला है। टंडन के प्रेजेंटेशन में बताया गयाकि ग्रॉस इनफ्लो नॉर्मल है, जबकि ग्रॉस आउटफ्लो में बढ़ोतरी हुई है। फिस्डम रिसर्च ने इस हफ्ते के शुरू में कहा था कि क्वांट एफएएम के पास मजबूत SIP बुक, बड़ी संख्या में निवेशकों से जुड़ी डायवर्सिफाइड एसेट्स और बेहद लिक्विड लार्ज कैप स्टॉक होल्डिंग्स हैं।


रिसर्च फर्म ने सलाह दी है कि SIP / STP इनवेस्टर्स समेत तमाम लॉन्ग टर्म इक्विटी निवेशकों को फंड में मौजूदा निवेश को बनाए रखना चाहिए। क्वांट म्यूचुअल फंड ऐसे खास स्टॉक्स के चुनाव को लेकर सुर्खियों में आया था, जिन्हें बाकी एसेट मैनेजर्स ने नहीं चुना था। फिस्डम का कहना था कि ऐसे होल्डिंग इतनी ज्यादा नहीं हैं कि इससे फंड पर रिडेम्प्शन का ज्यादा दबाव बने।

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