Railway Stock: टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के शेयरों में मंगलवार को करीब 5% की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है।

Railway Stock: टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के शेयरों में मंगलवार को करीब 5% की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिपोर्ट रही। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है।
1 जून को जारी रिपोर्ट में नुवामा ने टीटागढ़ रेल का टारगेट प्राइस 1,061 रुपये से बढ़ाकर 1,089 रुपये कर दिया। यह मंगलवार के बंद भाव 835 रुपये के मुकाबले करीब 31% की संभावित बढ़त दिखाता है।
दिख रहे सुधार के संकेत
नुवामा का कहना है कि मार्च तिमाही कमजोर रही, लेकिन टीटागढ़ रेल के पैसेंजर रेल कारोबार में सुधार के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। वैगन प्रोडक्शन में कमी और फ्रेट ऑर्डर बुक घटने की वजह से कंपनी के नतीजों पर दबाव रहा। लेकिन, दूसरी तरफ पैसेंजर बिजनेस बेहतर प्रदर्शन करता दिखा।
मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 14% घटकर 860 करोड़ रुपये रहा। वहीं एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 53% गिरकर 60.8 करोड़ रुपये पर आ गया। ब्रोकरेज के मुताबिक इसकी मुख्य वजह वैगन कारोबार में कमजोरी रही।
पैसेंजर बिजनेस बना सहारा
हालांकि पैसेंजर सेगमेंट में तस्वीर अलग रही। टीटागढ़ रेल ने मार्च तिमाही के दौरान 24 कोच की डिलीवरी की। एक साल पहले इसी तिमाही में सिर्फ 6 कोच डिलीवर किए गए थे।
पैसेंजर बिजनेस से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग दोगुना होकर 170 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके साथ ही इस सेगमेंट का EBIT मार्जिन 10.4% से बढ़कर 18.8% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी का पैसेंजर कारोबार अब धीरे-धीरे मजबूत होता जा रहा है।
फ्रेट बिजनेस पर दबाव बरकरार
फ्रेट सेगमेंट में हालात उतने अच्छे नहीं रहे। इस कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% घट गया। इसकी वजह कम ऑर्डर बुक और समय-समय पर व्हीलसेट की उपलब्धता में आने वाली दिक्कतें रहीं। नुवामा का मानना है कि फिलहाल फ्रेट कारोबार पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन कंपनी की कुल ऑर्डर बुक मजबूत स्थिति में है।
14,200 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक
मार्च 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक करीब 14,200 करोड़ रुपये की थी। यह 4.5 गुना बुक-टू-बिल रेशियो के बराबर है, जिसे मजबूत माना जाता है।
इसमें करीब 10,600 करोड़ रुपये के पैसेंजर कोच ऑर्डर शामिल हैं। वहीं 3,100 करोड़ रुपये के फ्रेट वैगन ऑर्डर हैं। बाकी ऑर्डर शिपबिल्डिंग और डिफेंस कारोबार से जुड़े हुए हैं।
JV के पास भी 13,300 करोड़ रुपये के ऑर्डर
टीटागढ़ रेल के जॉइंट वेंचर के पास भी 13,300 करोड़ रुपये के दीर्घकालिक ऑर्डर हैं। इनमें फोर्ज्ड व्हील प्रोजेक्ट और वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं। यह ऑर्डर आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई को सहारा दे सकते हैं।
नए रेलवे टेंडर होंगे सबसे बड़ा ट्रिगर
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में भारतीय रेलवे की ओर से जारी होने वाले नए वैगन टेंडर स्टॉक के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर साबित होंगे। मौजूदा वैगन ऑर्डर बुक FY27 की तीसरी तिमाही तक ही चलने की उम्मीद है। ऐसे में प्रोडक्शन की रफ्तार बनाए रखने के लिए नए ऑर्डर मिलना बेहद जरूरी होगा।
वंदे भारत और मेट्रो प्रोजेक्ट से उम्मीदें
टीटागढ़ रेल का मैनेजमेंट पैसेंजर बिजनेस को लेकर काफी आशावादी है। उसे उम्मीद है कि FY27 की दूसरी छमाही तक वंदे भारत ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार हो जाएगा।
इसके अलावा मुंबई मेट्रो के लिए कोच की डिलीवरी भी इसी वित्त वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है। वहीं रामकृष्ण फोर्जिंग्स के साथ संयुक्त उपक्रम के जॉइंट वेंचर तहत लगाए गए व्हीलसेट प्लांट में जून 2026 से उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
फिर भी घटाए गए कमाई के अनुमान
वैगन ऑर्डर मिलने की रफ्तार को लेकर कुछ चिंताओं के चलते नुवामा ने FY27 के लिए अपने आय अनुमान में 14% और FY28 के अनुमान में 3% की कटौती की है। हालांकि इसके बावजूद ब्रोकरेज ने कंपनी को लेकर लंबी अवधि का सकारात्मक नजरिया बरकरार रखा है।
उसका मानना है कि पैसेंजर रेल, मेट्रो रेल और वंदे भारत जैसी प्रोजेक्ट में कंपनी के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं। नुवामा ने FY28 की अनुमानित आय के 35 गुना मूल्यांकन पर स्टॉक का आकलन किया है।
एनालिस्ट्स की पहली पसंद बना स्टॉक
टीटागढ़ रेल को कवर करने वाले 12 एनालिस्टों में से 11 ने स्टॉक पर 'बाय' रेटिंग दी हुई है। सिर्फ एक ने 'होल्ड' की सलाह दी है। किसी भी विश्लेषक ने इस स्टॉक पर 'सेल' रेटिंग नहीं दी है। एनालिस्टों के औसत टारगेट प्राइस के आधार पर भी मौजूदा स्तरों से करीब 24% की संभावित बढ़त दिखाई देती है।
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