Vodafone Idea Share Price: एक हफ्ते में दूसरी बार वोडाफोन आइडिया की रेटिंग अपग्रेड, 1 महीने में 35% चढ़ा है स्टॉक
Vodafone Idea Share Price: वोडाफोन आइडिया को एक हफ्ते में दूसरी बार रेटिंग अपग्रेड मिली है। ICRA और Crisil के सकारात्मक फैसलों के बाद Citi ने भी हाई रिस्क टैग हटाकर टारगेट प्राइस बढ़ाया है। पिछले एक महीने में शेयर करीब 35% चढ़ चुका है। जानिए डिटेल।
मंगलवार को Vodafone Idea का शेयर 1.36% चढ़कर 14.14 रुपये पर बंद हुआ।
Vodafone Idea Share Price: वोडाफोन आइडिया के शेयरों में मंगलवार को तेजी देखने को मिली। इसकी वजह रेटिंग एजेंसी ICRA की ओर से कंपनी की क्रेडिट रेटिंग और आउटलुक में सुधार करना रहा। रेटिंग अपग्रेड की खबर आने के बाद वोडाफोन आइडिया का स्टॉक लाल से हरे निशान में आ गया।
वोडाफोन आइडिया ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि ICRA ने उसकी क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड करते हुए आउटलुक को 'स्टेबल' कर दिया है। इससे पहले कंपनी की रेटिंग BBB और आउटलुक 'पॉजिटिव' था।
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब पिछले हफ्ते ही Crisil Ratings ने भी वोडाफोन आइडिया की रेटिंग बढ़ाकर A- और आउटलुक 'स्टेबल' कर दिया था।
Citi ने भी बढ़ाया भरोसा
रेटिंग एजेंसियों के अलावा ब्रोकरेज फर्म Citi Research ने भी कंपनी को लेकर अपना नजरिया बदला है। Citi ने स्टॉक से 'हाई रिस्क' टैग हटा दिया है और अब सिर्फ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है।
साथ ही, ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 14 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये कर दिया है। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 22% की संभावित बढ़त दिखाता है।
भरोसा बढ़ने की वडह
Citi का कहना है कि उसने अपने नए आकलन में FY26 के वास्तविक नतीजों और सरकार की ओर से AGR बकाये के रीअसेसेमेंट को शामिल किया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, इन दोनों कारकों ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को पहले के मुकाबले बेहतर बनाया है। यही वजह है कि कंपनी को लेकर उसका नजरिया सकारात्मक हुआ है।
निवेश को बताया बड़ा संकेत
Citi ने कहा कि आदित्य बिड़ला ग्रुप की ओर से वारंट के जरिये 4,700 करोड़ रुपये का निवेश प्रमोटरों के भरोसे को दिखाता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि इससे लंबे समय से अटकी बैंक फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सकती है। निवेशकों के लिए यह संकेत भी महत्वपूर्ण है कि प्रमोटर खुद कंपनी में पैसा लगाने को तैयार हैं।
कर्ज और कैश फ्लो को लेकर चिंता घटी
Citi ने यह भी बताया कि Crisil ने वोडाफोन आइडिया की प्रस्तावित बैंकिंग सुविधाओं को भी A-/स्टेबल रेटिंग दी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, हाल के सभी सकारात्मक घटनाक्रमों ने कंपनी के कर्ज और कैश फ्लो को लेकर बनी चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है। इसी वजह से स्टॉक से 'हाई रिस्क' टैग हटाने का फैसला लिया गया।
वैल्यूएशन में भी किया बदलाव
वोडाफोन आइडिया के परिचालन प्रदर्शन में सुधार और कारोबार जारी रहने को लेकर जोखिम कम होने के बाद Citi ने अपने वैल्यूएशन मॉडल में भी बदलाव किया है।
ब्रोकरेज ने Vodafone Idea के लिए EV/EBITDA मल्टीपल को 12 गुना से बढ़ाकर 13 गुना कर दिया है। इसी आधार पर टारगेट प्राइस को भी ऊपर रिवाइज्ड किया गया है।
कौन से जोखिम अभी भी बने हुए हैं?
हालांकि Citi पूरी तरह से बेफिक्र नहीं है। ब्रोकरेज ने कुछ ऐसे जोखिम भी बताए हैं जो शेयर को उसके टारगेट प्राइस तक पहुंचने से रोक सकते हैं।
इनमें बैंक फंडिंग जुटाने में देरी, टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, भविष्य में उम्मीद से कम टैरिफ बढ़ोतरी, ग्राहकों के दूसरी कंपनियों में जाने की समस्या और 4G-5G ग्राहकों की संख्या उम्मीद से धीमी गति से बढ़ना शामिल हैं।
एनालिस्टों की राय अब भी बंटी हुई
Vodafone Idea को कवर करने वाले 21 एनालिस्टों में से सिर्फ 3 ने 'बाय' रेटिंग दी है। 8 की राय 'होल्ड' की है, जबकि 10 अब भी स्टॉक पर 'सेल' रेटिंग बनाए हुए हैं। यानी हाल के सकारात्मक घटनाक्रमों के बावजूद बाजार में कंपनी को लेकर पूरी तरह एकमत राय नहीं बनी है।
शेयर में कितना आया उछाल?
ICRA की रेटिंग अपग्रेड के बाद मंगलवार को Vodafone Idea का शेयर 1.36% चढ़कर 14.14 रुपये पर बंद हुआ।
पिछले एक महीने में शेयर करीब 35% चढ़ चुका है। इसके बावजूद यह अभी भी अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 14.44 रुपये से करीब 2% नीचे कारोबार कर रहा है।
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