राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों का जवाब दिया है। ज्वेलरी एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी ने कहा है कि रेगुलेटर ने 3 जून को जो अंतरिम ऑर्डर पारित किया है, उसका कोई आधार नहीं है। राजेश एक्सपोर्ट्स ने इस बारे में 4 जून की सुबह मनीकंट्रोल को बताया। रेगुलेटर ने राजेश एक्सपोर्ट्स पर रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने का आरोप लगाया है। सेबी के आरोपों के बाद कंपनी के शेयर में 4 जून को लोअर सर्किट लग गया।
