Rakesh Jhunjhunwala ने दिसंबर तिमाही में इन 4 शेयरों में क्यों बढ़ाई अपनी हिस्सेदारी? जानिए कारण
Rakesh Jhunjhunwala Portfolio: बिग बुल के पोर्टफोलियो में 43 शेयर शामिल हैं, जिनमें से चार कंपनियों- इंडियन होटल्स, टाइटन कंपनी, टाटा मोटर्स और एस्कॉर्ट्स में उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है
MoneyControl News
अपडेटेड Jan 20, 2022 पर 2:12 PM
Rakesh Jhunjhunwala Stocks: बिग बुल ने दिसंबर तिमाही के दौरान 5 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है
Rakesh Jhunjhunwala Holdings: दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने दिसंबर तिमाही में अपने अरबों-डॉलर के पोर्टफोलियो में कई बदलाव किए। बिग बुल के नाम से मशहूर राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में 42 स्टॉक हैं, जिसमें से 4 स्टॉक में उन्होंने दिसंबर तिमाही के दौरान अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। वहीं 5 शेयरों में उन्होंने बिकवाली कर अपनी हिस्सेदारी घटाई है। ट्रेंडलाइन पर उपलब्ध आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
अक्सर भारत के वॉरेन बफेट कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने दिसंबर तिमाही के दौरान टाइटन में अपनी हिस्सेदारी 0.20 फीसदी बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत की, टाटा मोटर्स में 0.10 फीसदी बढ़ाकर 1.2 प्रतिशत की, एस्कॉर्ट्स में 0.40 फीसदी बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत की और इंडियन होटल्स में 0.10 फीसदी बढ़ाकर 2.2 प्रतिशत की।
झुनझुनवाला ने किन वजहों से इन चारों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला किया, आइए उन संभावित कारणों पर एक नजर डालते हैं-
टाइटन कंपनी
दिसंबर तिमाही से पहले की चार तिमाहियों में राकेश झुनझुनवाला इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं। हालांकि स्टॉक के साथ-साथ कारोबार के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्होंने दिसंबर तिमाही में इसमें अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला किया।
Emkay Global Financial Services ने हालिया नोट में कहा, "टाइटन का दिसंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट मजबूत ग्रोथ मोमेंटम को दर्शाता है, जो उसके मार्केट शेयर में भी बढ़ोतरी का संकेत देता है।" तिमाही नतीजे के दौरान टाइटन ने बताया कि उसके ज्वैलरी बिजनेस में सालाना आधार पर 37 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। इसे देखते हुए Emkay ने स्टॉक के लिए अपनी कमाई का अनुमान 8-9 फीसदी बढ़ा दिया है।
एस्कॉर्ट्स (Escorts)
ट्रैक्टर बनाने वाली इस कंपनी में झुनझुनवाला ने अपनी हिस्सेदारी ऐसे समय में बढ़ाई है, जब जापानी कंपनी कुबोटा कॉरपोरेशन तरजीही शेयरों के आवंटन और ओपन ऑफर के जरिए एस्कॉर्ट्स में 26 फीसदी का कंट्रोलिंग स्टेक लेने जा रही है।
ब्रोकरेज फर्म निर्मल बांग इक्विटीज (Nirmal Bang Equities) का मानना है कि इससे ठोस लाभ केवल मध्यम अवधि में ही देखा जाएगा।
ब्रोकरेज ने कहा, अगर झुनझुनवाला जैसे निवेशक अपने शेयरों का एक हिस्सा 2,000 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर ओपन ऑफर में देते हैं, तो इससे हैरानी नहीं होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि विश्लेषकों को कमजोर मांग के कारण अगले दो वर्षों में कंपनी की कमाई में कमजोरी दिखाई देती है।
झुनझुनवाला ने पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में टाटा मोटर्स के शेयर खरीदे थे और उसके बाद से उन्होंने पहली बार इस ऑटोमोबाइल कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। उनका यह फैसला काफी सही समय पर आया क्योंकि कंपनी की ई-मोबिलिटी यूनिट में टीपीजी के निवेश के ऐलान के बाद से दिसंबर तिमाही के दौरान टाटा मोटर्स के शेयरों में करीब 45 फीसदी की तेजी देखी गई।
इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडियरी में एक रणनीतिक निवेशक को शामिल करने से इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स की संभावनाओं को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। घरेलू पैसेंजर व्हीकल मार्केट में लगातार ग्रोथ और सेमीकंडक्टर से जुड़ी चिंताएं कम होने से स्टॉक को सहायता मिली है।
इंडियन होटल्स (Indian Hotels)
कई एनालिस्टों का मानना है कि कोरोना पाबंदियों के हटने पर जिन स्टॉक्स में उछाल आने की संभावना रहती है, उनमें इंडियन होटल्स प्रमुख स्टॉक है। दिसंबर तिमाही के दौरान टूरिज्म बढ़ने से कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में दोहराया कि एसेट-हैवी से एसेट-लाइट की रणनीति में बदलाव के कारण स्टॉक यह स्टॉक टूरिज्म सेक्टर में उनकी शीर्ष पसंद है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल ने कहा, "हालांकि कोरोना की तीसरी लहर, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के निकट-अवधि की कमाई के लिए खतरा बन गई है। हालांकि लहर थमते ही इसमें उतने ही उछाल की भी संभावना है। ऐसे में हम शॉर्ट-टर्म में स्टॉक में आई इस कमजोरी को खरीदारी के अवसर के रूप में देखते हैं।"