दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला, उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला आशीष कचोलिया, डॉली खन्ना, (पोरिंजू वेलियथ) Porinju Veliyath, सुनील सिंघानिया के Abakkus Fund और मुकुल अग्रवाल ने 31 मार्च 2021 को समाप्त तिमाही में 13 शेयरों में फ्रेश बाई किया है।
दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला, उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला आशीष कचोलिया, डॉली खन्ना, (पोरिंजू वेलियथ) Porinju Veliyath, सुनील सिंघानिया के Abakkus Fund और मुकुल अग्रवाल ने 31 मार्च 2021 को समाप्त तिमाही में 13 शेयरों में फ्रेश बाई किया है।
राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला ने मार्च तिमाही के दौरान Jubilant Ingrevia में निवेश किया है। बता दें कि Jubilant Ingrevia, Jubilant Life Sciences के रीस्ट्रक्चरिंग के बाद बनी है। इसमें राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी की मार्च तिमाही में 6.29 फीसदी हिस्सेदारी रही।
इसी तरह 31 मार्च 2020 को खत्म हुई तिमाही में फंड मैनेजर सुनील सिंघानिया के Abakkus Emerging Opportunities Fund-1 ने Easy Trip Planners में 1.06 फीसदी, Nureca में 2.38 फीसदी और Sarda Energy एंड Mineral में 1.01 फीसदी इक्विटी की नई खरीद की।
आशिष कचौलिया ने इस अवधि में Phillips Carbon Black में 1.45 फीसदी की हिस्सेदारी की नई खरीद की। इसी तरह इन्होंने Garware Hi-Tech Films में इस अवधि में 2.03 फीसदी इक्विटी की नई खरीदारी की। इन निवेशकों के पोर्टफोलियों का बड़ा हिस्सा मिड कैप और स्मॉलकैप शेयरों से मिलकर बना है। इनके पोर्टफोलियों में छोटे-मझोले शेयरों का वेटेज दिग्गज शेयरों की तुलना में ज्यादा है।
गौरतलब है कि पिछले 1 साल में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में क्रमश: 80 फीसदी और 106 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इसी अवधि में सेसेंक्स में 53 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
अभी तक कैलेंडर ईयर 2021 में छोटे-मझोले शेयरों का प्रदर्शन दिग्गज शेयरों की तुलना में बेहतर रहा है। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में जनवरी 2020 से अब तक 23 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 32 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है जबकि सेसेंक्स में सिर्फ 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है।
बाजार दिग्गजों का कहना है कि आगे आनेवाले सालों में भी छोटे-मझोले शेयरों का प्रदर्शन दिग्गज शेयरों की तुलना में बेहतर रह सकता है। इसलिए स्मॉल और मिडकैप के क्वालिटी शेयरों पर हमें फोकस बनाए रखना चाहिए और सही मौका मिलने पर इनमें निवेश करना चाहिए।
CapitalVia Global Research के गौरव गर्ग का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में हमें मिड और स्म़ॉलकैप शेयर आउटपरफॉर्म करते नजर आएंगे जिसको ध्यान में रखकर बड़े निवेशक भी इनको अपने पोर्टफोलियों में ज्यादा जगह दे रहे हैं।
Geojit Financial Services के विनोद नायर का कहना है कि कम से कम शॉर्ट से मीडियम टर्म में हमें अभी छोटे-मझोले शेयरों में तेजी कायम दिखेगी। इसकी वजह यह है कि यह लॉर्ज कैप शेयर की तुलना में अभी भी ये सस्ते में मिल रहे हैं और आगे इनमें अच्छी ग्रोथ की संभावना है।
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