Ramesh Damani ने कहा, अगली तिमाहियों में इंडियन मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगा

संवत 2079 की शुरुआत पर सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में दमानी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में दुनिया की धुरी में बदलाव आया है। अभी जो बिकवाली का चक्र दिख रहा है, उसकी जगह जल्द आपको खरीदारी का चक्र दिखेगा

अपडेटेड Oct 25, 2022 पर 3:22 PM
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दिग्गज निवेशक ने कहा कि अगर पार्टनरशिप के लिहाज से देखा जाए तो वैश्विक परिदृश्य बदल गया है। इंडिया को इसका फायदा मिलना तय है।

इंडियन मार्केट्स (Indian Markets) अगली दो तिमाहियों में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। इसकी वजह यह है कि जब दुनियाभर में अनिश्चितता का माहौल है तब इंडिया में स्टैबिलिटी (Stability) दिख रही है। दिग्गज निवेशक और बीएसई (BSE) के सदस्य रमेश दमानी (Ramesh Damani) ने यह बात कही है।

संवत 2079 की शुरुआत पर सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में दमानी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में दुनिया की धुरी में बदलाव आया है। अभी जो बिकवाली का चक्र दिख रहा है, उसकी जगह जल्द आपको खरीदारी का चक्र दिखेगा। यहां तक कि विदेशी संस्थागत निवेशक भी इंडिया की ग्रोथ को देख रहे हैं। वह निवेश के लिए इंडिया लौट रहे हैं।

दिग्गज निवेशक ने कहा, "अगर पार्टनरशिप के लिहाज से देखा जाए तो वैश्विक परिदृश्य बदल गया है। इंडिया को इसका फायदा मिलना तय है। हम विराट कोहली जैसे साल की शुरुआत होते देखने जा रहे हैं।" दमानी का मतलब विराट कोहली की उस पारी से था, जो उन्होंने दिवाली से ठीक दिन पहले पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कैप के पहले मैच में खेली है।


चीन में शी जिनपिंग के तीसरी बार राष्ट्रपति बनने और वहां के राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम पर दमानी ने कहा कि चीन पिछले 20 साल से दुनियाभर के लिए मैन्युफैक्चरिंग सप्लायर के रूप में अपनी बादशाहत को गंवा सकता है। फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन के उसके दर्जे पर भी असर पड़ सकता है।

दमानी ने कहा, "चीन के डब्ल्यूटीओ का सदस्य बनने के बाद अमेरिका के साथ उसके रिश्ते बेहतर हुए थे। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अब रूस और चीन के बीच नजदीकी बढ़ रही है। इससे अमेरिका और यूरोपी सहित पश्चिमी देश इंडिया की तरफ ज्यादा ध्यान देंगे।"

उन्होंने प्रशानिक माहौल में स्थिरता और नए रिफॉर्म्स की वजह से इंडिया में 10 साल के बुल रन की शुरुआत की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, "एनालिस्ट्स अगला दशक इसलिए इंडिया का बता रहे हैं, क्योंकि इंडिया में स्थिर सरकार है। हम कई तरह के सुधार भी कर रहे हैं। इसलिए चीन अब दुनिया में सबसे ज्यादा कैपिटल अट्रैक्ट करने वाला देश नहीं रह गया है। अब इंडिया को उसका सही हिस्सा मिलेगा।"

यह पूछने पर कि क्या वह गोल्ड या सिल्वर में निवेश की सलाह देंगे, उन्होंने कहा, "हमें इंडिया में शेयरों में 10 साल की तेजी की शुरुआत की उम्मीद दिखती है। फिर मैं क्यों गोल्ड खरीदूंगा जब मुझे इससे कोई डिविडेंड नहीं मिलता है। इनफ्लेशन फिक्स्ड डिपॉजिट और गोल्ड जैसे एसेट क्लास से मिलने वाले रिटर्न को चट कर सकता है।"

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