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Rate sensitive stocks : RBI द्वारा CRR में कटौती के बाद बैंक और ऑटो शेयरों में तेजी, रियल्टी शेयरों में गिरावट

आरबीआई ने बाजार की उम्मीदों के मुताबिक ही रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है और अपने "न्यूट्रल" नीतिगत पोजीशन को भी जैसे का तैसा बनाए रखा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 06, 2024 पर 12:04 PM
Rate sensitive stocks : RBI द्वारा CRR में कटौती के बाद बैंक और ऑटो शेयरों में तेजी, रियल्टी शेयरों में गिरावट
CRR में कटौती के साथ-साथ, RBI MPC ने फरवरी 2023 से अपरिवर्तित रेपो दर को भी 6.5 फीसदी पर बनाए रखने का फैसला लिया है

बैंक, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों ने 6 दिसंबर को मिलाजुला प्रदर्शन किया है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) को 50 बेसिस प्वाइंट घटाकर 4 फीसदी करने के फैसले के बाद निवेशको की ग्रोथ से जुड़ी चिंता कम हुई है। हालांकि, आरबीआई ने बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बनाए रखा है और अपने अपने "न्यूट्रल" नीतिगत पोजीशन को भी जैसे का तैसा बनाए रखा है।

आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के निर्णय के बाद, निफ्टी बैंक और ऑटो इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.6 फीसदी की गिरावट आई।

एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, RBI ने CRR में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती करके 4 फीसदी कर दिया है जो चार सालों में CRR में केवल दूसरी कटौती है। पिछली कटौती, मार्च 2020 में महामारी के दौरान सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए की गई थी। तब CRR को 4 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया था। इस ताजी कटौती से बैंकिंग प्रणाली में 1.6 लाख करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। इस कटौती को 25 बेसिस प्वाइंट्स की दो किस्तों में लागू किया जाएगा।

बता दें की CRR बैंकों की जमाराशि का वह हिस्सा होता है जिसे केंद्रीय बैंक के पास आरक्षित निधि के रूप में रखा जाना चाहिए। यह अर्थव्यवस्था में महंगाई, मुद्रा आपूर्ति और नकदी की उपलब्धता को नियंत्रित करने का महत्वपूर्ण उपकरण है।

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