बैंक, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टरों ने 6 दिसंबर को मिलाजुला प्रदर्शन किया है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) को 50 बेसिस प्वाइंट घटाकर 4 फीसदी करने के फैसले के बाद निवेशको की ग्रोथ से जुड़ी चिंता कम हुई है। हालांकि, आरबीआई ने बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बनाए रखा है और अपने अपने "न्यूट्रल" नीतिगत पोजीशन को भी जैसे का तैसा बनाए रखा है।
