Rays of Belief Shares: आईपीओ को धमाकेदार रिस्पांस के बाद रेज ऑफ बिलीफ में पैसे लगाने वाले निवेशकों को तगड़े लिस्टिंग गेन की भी उम्मीद थी लेकिन यह फुस्स साबित हुआ। पहले दिन आईपीओ निवेशक फायदे में नहीं पहुंच पाए लेकिन इस गिरावट का फायदा चार निवेशकों ने उठाया और 5% से अधिक इक्विटी होल्डिंग के बराबर शेयर खरीद लिए। हालांकि आज फिर कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में शेयर लुढ़क गए और टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया। इसके बावजूद लिस्टिंग के दिन हुई बल्क खरीदारी ने आज थोड़ा सपोर्ट किया है जिसके चलते अधिकतर गिरावट रिकवर हो गई है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.35% की गिरावट के साथ ₹227.45 पर है। इंट्रा-डे में यह 5% टूटकर ₹216.85 (Rays of Belief Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया था।
किस-किसने खरीदे Mom's Belief की Rays of Belief के शेयर
एनएसई पर मौजूद बल्क डील के आंकड़ों के मुताबिक लिस्टिंग के दिन यानी 8 सितंबर को सच्चियाय स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड ने ₹6.57 करोड़ में रेज ऑफ बिलीफ के 2.75 लाख शेयर, कैपेशियस वेल्थ मैनेजमेंट एलएलपी ने ₹5.37 करोड़ में 2.25 लाख शेयर, संतोष भंसाली एचयूएफ ने ₹4.54 करोड़ में 1.9 लाख शेयर और प्रज्ञा मर्केंटाइल ने ₹9.8 करोड़ में 4.1 लाख शेयर खरीदे। इन चारों ने मिलकर प्रति शेयर ₹239 के भाव पर कंपनी में 5.26% हिस्सेदारी खरीदी। वहीं लॉन्गथ्राइव कैपिटल वीसीसी-ट्रेंडव्यू कैपिटल फंड ने ने समान भाव पर रेज ऑफ बिलीफ के 1.43 लाख शेयर ₹3.42 करोड़ में बेच दिए।
कैसा रहा रेज ऑफ बिलीफ का स्टॉक मार्केट में पहला दिन?
रेज ऑफ बिलीफ डिसऑर्डर्स वाले बच्चों के इलाज और उनकी ग्रोथ में मदद करती है। इसका कारोबार अमेरिका भी चल रहा है। अब इसके शेयर मार्केट में भी लिस्ट हुए हैं। हालांकि आईपीओ को 107 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद इसके ₹239 के भाव पर जारी हुए शेयरों की मार्केट में एंट्री फुस्स रही थी। बीएसई पर पहले कारोबारी दिन यानी 8 सितंबर को यह ₹239 पर लिस्ट होने के बाद टूटकर ₹228.00 तक आ गया था और ₹228.25 पर बंद हुआ था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।