आरबीआई की बहुप्रतिक्षित मॉनटेरी पॉलिसी की आज घोषणा की गई। रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने इस बार फिर से रेपो रेट बढ़ाने का फैसला किया। हालांकि आरबीआई ने रेपो रेट पहले के मुकाबले कम बढ़ाया है। आरबीआई ने रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी की। इससे रेपो रेट 5.90 प्रतिशत से बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो गया। मोनेटरी पॉलिसी कमेटी के सदस्यों में ज्यादातर सदस्य रेट बढ़ाने के पक्ष में रहे। इसके साथ ही कमेटी ने ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनाने का फैसला किया। आरबीआई के फैसले पर बाजार के कई दिग्गजों ने अपनी राय जाहिर की है। इसमें सबसे दिलचस्प टिप्पणी करते हुए कोटक एएमसी के निलेश शाह ने कहा आरबीआई की आज की पॉलिसी "मैं हूं ना" पॉलिसी है।
कोटक एएमसी के निलेश शाह से जब सीएनबीसी-आवाज़ ने पूछा कि आपने ऐसा क्यों कहा कि आज की आरबीआई पॉलिसी "मैं हूं ना" पॉलिसी है। तब उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि आरबीआई ने आज पॉलिसी जारी करते हुए ऐसा प्रस्तुत किया और आत्मविश्वास दिखाया कि महंगाई की वजह से बजट थोड़ा बढ़ गया है लेकिन "मैं हूं ना", कंट्रोल कर लेंगे। ग्रोथ थोड़ा स्लोडाउन है लेकिन "मैं हूं ना", उसको भी सपोर्ट कर लेंगे।
आज इन दोनों मुद्दों पर जो कॉन्फ्लिक्ट ऑब्जेक्टिव ग्रोथ वर्सेज इन्फ्लेशन दिखा है। उसमें पिछले कुछ सालों में आरबीआई ने बहुत बढ़िया काम किया है। इसकी वजह से मार्केट आरबीआई के एश्योरेंस और आश्वासन को पूरी तरह से अपना लेता है। इसलिए मैं कहता हूं कि आज की ये पॉलिसी "मैं हूं ना" पॉलिसी है।
निलेश शाह ने आगे कहा कि आरबीआई पॉलिसी के माध्यम से मार्केट को कह रहा है कि आप चिंता ना करें मैं ग्रोथ को ऊपर ले जाऊंगा और महंगाई को नीचे लेकर आऊंगा। मैं हूं ना आपके लिए आप निश्चिंत रहें। आरबीआई ने कहा कि हम महंगाई की दर को नीचे लाने के लिए प्रयासरत हैं। पहले हम महंगाई को 6 प्रतिशत के नीचे लाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। एक बार ये 6 प्रतिशत की नीचे आ गई तो हम महंगाई को 4 प्रतिशत के भी नीचे ले जायेंगे। आरबीआई ने आज पॉलिसी जारी करते समय ये आश्वस्त कराया कि वह महंगाई और ग्रोथ दोनों को मैनेज कर लेगा।
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