आरबीआई गवर्नर ने आज एमपीसी से फैसलों का बारे में बताते हुए कहा कि RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI ने ब्याज दरें 6.50 फीसदी पर बरकरार रखीं हैं। सभी सदस्य दरें न बदलने के पक्ष में थे। 'WITHDRAWAL OF ACCOMMODATION' रुख भी कायम रख गया है। 5-1 से 'WITHDRAWAL OF ACCOMMODATION' का फैसला लिया गया है। आरबीआई गवर्नर ने इस दौरान ये भी बताया कि वित्त वर्ष 2024 की GDP ग्रोथ अनुमान 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2024 के लिए रियल GDP ग्रोथ 7 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया है।
गवर्नर शक्तिकांत दास वे बताया कि अक्टूबर-दिसंबर रियल GDP अनुमान 6 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, जनवरी-मार्च रियल GDP अनुमान 5.7 फीसदी से बढ़कर 6 फीसदी कर दिया गया है। अप्रैल-जून वित्त वर्ष 2025 रियल GDP अनुमान बढ़ाकर 6.7 फीसदी किया गया है।
वित्त वर्ष 2024 का रिटेल महंगाई दर अनुमान 5.4 फीसदी पर कायम है। वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही का रिटेल महंगाई अनुमान 5.6 फीसदी पर कायम है। जबकि वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही का रिटेल महंगाई अनुमान 5.2 फीसदी पर कायम है
अप्रैल-जून वित्त वर्ष 2025 का रिटेल महंगाई अनुमान 5.2 फीसदी पर कायम है। वहीं, वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में रिटेल महंगाई अनुमान 4 फीसदी पर रखा गया है। जबकि, वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में रिटेल महंगाई अनुमान 4.7 फीसदी पर रखा गया है।
लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर सक्रिय रुख कायम
आरबाई गवर्नर ने कहा कि लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर सक्रिय रुख कायम रहेगा। ग्लोबल मार्केट में ऊंची शुगर कीमतें चिंताजनक हैं। इस साल FPI फ्लो में महत्वपूर्ण बढ़त दिखी है। 6 दिसंबर तक 2,490 करोड़ डॉलर का नेट FPI फ्लो देखने को मिला है। लेंडिंग के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लॉन्च होगा। जल्द ही यूनाइटेड रेग्यूलेटरी फ्रेमवर्क लॉन्च करेंगे।
हॉस्पिटल खर्च और एजुकेशन खर्च पर UPI पेमेंट लिमिट बढ़कर 5 लाख करने का फैसला
उन्होंने आगे कहा कि फाइनेंशियल सेक्टर के लिए क्लाउड फैसिलिटी लॉन्च की जाएगी। क्लाउड फैसिलिटी में डाटा सुरक्षा पर फोकस होगा। उन्होंने यह भी बताया कि हॉस्पिटल खर्च और एजुकेशन खर्च पर UPI पेमेंट लिमिट बढ़कर 5 लाख करने का फैसला लिया गया है। फिनटेक रिपोजिटरी के गठन का भी प्रस्ताव है। बतातें चलें की अब अगली RBI मॉनेटरी पॉलिसी 6-8 फरवरी को होगी।