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RBI MPC Meeting Highlights: RBI ने 0.25% बढ़ाया रेपो रेट: महंगे होंगे लोन और बढ़ेगी EMI, लेकिन मजबूत FDI और FD ब्याज दरों से मिलेगी राहत

RBI MPC Meeting Highlights:खुदरा महंगाई में उछाल के बीच RBI ने 3 साल बाद रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है। इससे होम, कार और पर्सनल लोन की EMI बढ़ना तय है। दूसरी ओर, RBI गवर्नर ने राहत देते हुए बताया कि देश में FDI $13.8 अरब पर पहुंच चुका है और बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह मजबूत है। ब्याज दरों में इस बड़े बदलाव के बाद शेयर बाजार और लोन दरों पर क्या असर पड़ेगा? जानिए

Abhishek Gupta OCTOBER 07, 2026 / 3:55 PM IST

RBI Monetary Policy Committee Highlights: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने खुदरा महंगाई में उछाल और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से रेपो रेट में 0.25% (25 बीपीएस) की वृद्धि का ऐलान किया है। इस फैसले के साथ ही मुख्य बेंचमार्क दर 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गई है। फरवरी 2023 के बाद लगभग तीन सालों में किया गया यह पहला रेट हाइक

RBI MPC Meet Live Updates: रेट हाइक के बीच बड़ी राहत! भारत में बढ़ा विदेशी निवेश, गवर्नर बोले- BoP रहेगा मजबूत
RBI MPC Meet Live Updates: रेट हाइक के बीच बड़ी राहत! भारत में बढ़ा विदेशी निवेश, गवर्नर बोले- BoP रहेगा मजबूत
OCTOBER 07, 2026 / 3:55 PM IST

RBI MPC Meeting Live: होम लोन ग्राहकों के लिए भविष्य की रणनीति, रेट हाइक के असर से निपटने के लिए अपनाएं ये तरीके

विशेषज्ञों का मानना है कि लोन लेने वाले ग्राहकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि बैंक आरबीआई द्वारा की गई दर बढ़ोतरी का असर कितनी तेजी से अपने ब्याज दरों पर ट्रांसफर करते हैं। बढ़ते ब्याज के बोझ और अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए कर्जदारों को पार्शियल प्री-पेमेंट (आंशिक समय-पूर्व भुगतान), दूसरे बैंकों में लोन ट्रांसफर कराने या लोन की अवधि कम करने जैसे विकल्पों का मूल्यांकन करना चाहिए। आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठकों में भारतीय रिजर्व बैंक आगे और सख्ती के संकेत देता है या 'देखें और इंतजार करें' का रुख अपनाता है, इस बात पर होम लोन ब्याज दरों की भविष्य की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

    OCTOBER 07, 2026 / 2:45 PM IST

    RBI MPC Meeting Live: रेपो रेट बढ़ोतरी के बाद क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान?

    आरबीआई द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद फ्लोटिंग-रेट होम लोन ग्राहकों की EMI लोन रीसेट डेट आने पर बढ़ जाएगी। ऐसे में बैंकों द्वारा ग्राहकों को ईएमआई की राशि बढ़ाने के बजाय लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प दिया जाता है। इससे मासिक कैश फ्लो पर तो तुरंत असर नहीं पड़ता, लेकिन कुल ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि अगर जेब इजाजत दे, तो ग्राहक लोन की अवधि बढ़ाने के बजाय अपनी ईएमआई में बढ़ोतरी का विकल्प चुनें ताकि लोन जल्द खत्म हो सके। दूसरी ओर, फिक्स्ड-रेट होम लोन ले चुके ग्राहकों की ईएमआई पर इस फैसले का तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन नया होम लोन लेने वाले ग्राहकों और लोन ट्रांसफर कराने वालों को अब ऊंची ब्याज दरों पर ही कर्ज मिलेगा।

      OCTOBER 07, 2026 / 2:20 PM IST

      RBI MPC Meeting Live: रेपो रेट में बढ़ोतरी के बावजूद रियल एस्टेट में बनी रहेगी मजबूत ग्रोथ: मनोज गौड़

      गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का फैसला महंगाई पर लगाम लगाने और देश की तेज आर्थिक विकास दर के बीच एक संतुलित कदम है। करीब तीन साल के अंतराल के बाद हुई यह बढ़ोतरी मौजूदा मैक्रो-इकोनॉमिक परिस्थितियों को देखते हुए अहम है, जिसे पहली तिमाही के 7.8% के मजबूत जीडीपी आंकड़ों का पूरा समर्थन प्राप्त है। रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक आर्थिक विकास की निरंतरता और घरों की टिकाऊ मांग है, जिसे बढ़ता शहरीकरण, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए नए घरों की जरूरत लगातार बल दे रही है। जारी त्योहारी सीजन को देखते हुए उम्मीद है कि होम बायर्स की दिलचस्पी बनी रहेगी और रियल एस्टेट बाजार आगे भी अपनी मजबूत ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखेगा।

        OCTOBER 07, 2026 / 2:10 PM IST

        RBI MPC Meeting Live: ग्रोथ आउटलुक और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी नजरें

        भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) का इजाफा कर इसे 5.5 प्रतिशत करने का फैसला शेयर बाजार के लिए काफी हद तक बेअसर साबित हुआ, क्योंकि बाजार को दर बढ़ोतरी का अंदेशा पहले से ही था। हालांकि, दलाल स्ट्रीट और निवेशकों का ध्यान आरबीआई द्वारा जीडीपी ग्रोथ और महंगाई दर के संशोधित आंकड़ों ने खींचा। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है, जो मजबूत आर्थिक रफ्तार को दर्शाता है। दूसरी तरफ, महंगाई दर का अनुमान भी 5% से बढ़ाकर 5.2% कर दिया गया है और मौद्रिक नीति का रुख 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया गया है, जो संकेत देता है कि केंद्रीय बैंक आगे भी स्थिति के अनुसार ब्याज दरों में सख्ती बनाए रख सकता है।

          OCTOBER 07, 2026 / 1:51 PM IST

          RBI MPC Meeting Live: 2–4 साल वाले बॉन्ड फंड्स निवेशकों के लिए बेहतर: अनुराग मित्तल

          भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% करने और अपना रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' में बदलने का फैसला एक संतुलित नीति का संकेत है। यूटीआई एएमसी के प्रेसिडेंट और हेड - फिक्स्ड इनकम, अनुराग मित्तल के अनुसार, यह कदम वित्तीय स्थितियों को बहुत सख्त करने के बजाय वास्तविक ब्याज दरों को पॉजिटिव बनाए रखने की दिशा में एक सामान्यीकरण प्रक्रिया है। बाजार में पहले से ही 100 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना शामिल हो चुकी थी, इसलिए बॉन्ड यील्ड में अधिकतर समायोजन पूरा हो चुका है। ऐसे में निवेशकों को बिना किसी बड़े ड्यूरेशन रिस्क के 7.8% से 8% के आकर्षक यील्ड का लाभ उठाने के लिए 2 से 4 साल की अवधि वाले शॉर्ट टर्म या कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड्स में निवेश करने पर विचार करना चाहिए।

            OCTOBER 07, 2026 / 1:26 PM IST

            RBI MPC Meeting Live: महंगाई और आर्थिक बढ़त के आंकड़ों पर क्या है RBI का अगला कदम?

            अगस्त महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई है, जो लगातार तीसरे महीने भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के मध्यम-अवधि लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। ईंधन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें अब अर्थव्यवस्था पर असर डाल रही हैं, जिससे लगभग आधे कंज्यूमर बास्केट में महंगाई दर 4% से अधिक दर्ज की गई है। वित्तीय विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले तीन तिमाहियों में औसतन महंगाई 5.8% रह सकती है, जिसे देखते हुए ब्याज दरों में संशोधन करना बेहद जरूरी माना जा रहा है। दूसरी ओर, चालू वित्त वर्ष में जीडीपी विकास दर 7.1% (पुराने अनुमान से 40 बीपीएस अधिक) रहने की उम्मीद से मजबूत आर्थिक बढ़त के संकेत मिल रहे हैं, जिससे केंद्रीय बैंक को महंगाई पर काबू पाने के लिए कर्ज महंगा करने की खुली गुंजाइश मिल रही है।

              OCTOBER 07, 2026 / 1:18 PM IST

              RBI MPC Meeting Live: HDFC बैंक ने ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का जताया अंदेशा

              HDFC बैंक की अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता के अनुसार, आने वाले महीनों में ब्याज दरों में 50 से 75 बेसिस प्वाइंट्स (0.50% - 0.75%) की और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। उन्होंने सचेत किया कि यदि मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव लंबा खींचता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारत में महंगाई का खतरा और अधिक गहरा सकता है। ऐसी स्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक को मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति में और अधिक सख्ती यानी ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।

                OCTOBER 07, 2026 / 12:54 PM IST

                RBI MPC Meeting Live: पश्चिम एशिया संघर्ष और बढ़ती महंगाई के बीच हाउसिंग डिमांड मजबूत रहने की उम्मीद: CBRE

                मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और सप्लाई चेन में व्यवधान के कारण महंगाई का दबाव बना हुआ है, जिससे रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना बनी है। इसके बावजूद, सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ अंशुमन मैगजीन का मानना है कि इसका हाउसिंग सेक्टर और होम लोन की मांग पर सीमित असर पड़ेगा। खासतौर पर मिड और प्रीमियम सेगमेंट में रियल एस्टेट की बुनियादी मांग काफी मजबूत बनी हुई है। हालांकि कर्ज महंगा होने से होम लोन की दरें थोड़ी बढ़ेंगी, लेकिन भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद हाउसिंग सेक्टर को सहारा देती रहेगी। अब आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महंगाई और ब्याज दरें किस दिशा में जाती हैं और क्या यह बढ़ोतरी केवल एक सीमित कदम है या फिर रेट कट के बजाय ब्याज दरों में बढ़ोतरी के लंबे दौर की शुरुआत है।

                  OCTOBER 07, 2026 / 12:28 PM IST

                  RBI MPC Meeting Live: आरबीआई के कड़े रुख के बीच बॉन्ड निवेशक किश्तों में करें निवेश, फ्लोटिंग लोन वाले प्री-पेमेंट पर दें ध्यान'

                  Jiraaf के सह-संस्थापक विनीत अग्रवाल ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी और 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की ओर बदलाव बाजार की उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल है, क्योंकि ऊर्जा की ऊंची कीमतें और कमजोर मानसून आरबीआई के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। आरबीआई गवर्नर के बयान से यह भी साफ हो गया है कि निकट भविष्य में दर कटौती की कोई संभावना नहीं है, जबकि महंगाई का दबाव बना रहने पर आगे और रेट हाइक का रास्ता खुला रखा गया है।

                    OCTOBER 07, 2026 / 12:05 PM IST

                    RBI MPC Meeting Live: पश्चिमी एशिया संघर्ष और कमजोर मानसून के बीच 25 bps रेट हाइक, आगे और बढ़ोतरी के संकेत'

                    इनवेस्को म्यूचुअल फंड के हेड-फिक्स्ड इनकम विकास गर्ग ने आरबीआई एमपीसी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिमी एशिया संघर्ष के लंबे खिंचने और कमजोर मानसून के बीच, आरबीआई ने बाजार की उम्मीदों के अनुरूप 25 बेसिस पॉइंट्स की पहली रेट हाइक की है। मजबूत घरेलू खपत के दम पर जहां FY27 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1% किया गया है, वहीं खाद्य व ईंधन की बढ़ती कीमतों और व्यापक मूल्य दबाव को देखते हुए महंगाई का अनुमान भी 20 बीपीएस बढ़ाकर 5.20% कर दिया गया है।

                    ग्रोथ और इन्फ्लेशन के इस समीकरण के बीच नीतिगत रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' करना आगे और दरें बढ़ाए जाने का स्पष्ट संकेत देता है। हालांकि बाजार में अतिरिक्त लिक्विडिटी को सोखने के लिए किसी नए टूल की घोषणा न होने से अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन फिलहाल CRR बढ़ोतरी या MSS का जोखिम टल गया है और लिक्विडिटी प्रबंधन VRRR, FX बाय/सेल स्वैप और OMOs जैसे नियमित साधनों के जरिए ही किया जाएगा।

                      OCTOBER 07, 2026 / 11:52 AM IST

                      RBI MPC Meeting Live: 'आरबीआई का कड़ा रुख, दिसंबर में भी 25 bps रेट हाइक की उम्मीद'

                      कोटक महिंद्रा एएमसी के सीआईओ-डेट दीपक अग्रवाल ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए एमपीसी का रेपो रेट 25 बीपीएस बढ़ाकर 5.50% करने का फैसला बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल अनुरूप है। नीतिगत रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' में शिफ्ट करना यह साफ संकेत देता है कि फिलहाल दर कटौती की संभावना खत्म हो चुकी है और आगे जरूरत पड़ने पर दरों में और बढ़ोतरी का रास्ता साफ है।

                      दीपक अग्रवाल के अनुसार, महंगाई के आंकड़ों और इसके असर को देखते हुए दिसंबर की नीतिगत समीक्षा में भी दरों में 25 बीपीएस की एक और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। आरबीआई द्वारा FY2027 के लिए महंगाई का अनुमान 5.0% से बढ़ाकर 5.2% और जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% करना अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ मूल्य दबावों के बने रहने की ओर इशारा करता है, जिसके चलते बॉन्ड मार्केट में बिकवाली देखी गई और 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर ~7.25% के स्तर पर पहुंच गई।

                        OCTOBER 07, 2026 / 11:43 AM IST

                        RBI MPC Meeting Live: 'विकास दर मजबूत, लेकिन रियल एस्टेट में फंड की गुणवत्ता और अनुशासन होगा अहम'

                        निसस फाइनेंस के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अमित गोयनका ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% करना बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने की दिशा में एक नपा-तुला कदम है, जबकि अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। पहली तिमाही में 7.8% की जीडीपी ग्रोथ और FY27 के बेहतर आर्थिक दृष्टिकोण को देखते हुए अर्थव्यवस्था के पास उधार की लागत में आई इस मामूली वृद्धि को पचाने की पर्याप्त गुंजाइश है।

                        रियल एस्टेट और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर असर को लेकर उन्होंने कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण बात पूंजी के आवंटन की गुणवत्ता और दक्षता होगी। जैसे-जैसे कर्ज की लागत बढ़ेगी, निवेशक केवल उन्हीं परियोजनाओं को प्राथमिकता देंगे जहाँ कैश-फ्लो स्पष्ट हो, कर्ज का स्तर संतुलित हो और मांग मजबूत हो। ऐसे माहौल में मजबूत अंडरराइटिंग, बेहतर फंडिंग स्ट्रक्चर और अनुमानित कैश-फ्लो वाली परिसंपत्तियां ही निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बनी रहेंगी।

                          OCTOBER 07, 2026 / 11:31 AM IST

                          RBI MPC Meeting Live: रेट हाइक से मामूली बढ़ेगा होम लोन पर ब्याज का बोझ, लेकिन रियल एस्टेट और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को मिलेगा सहारा

                          भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% करने के फैसले से वैश्विक अनिश्चितता के बीच महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। हालांकि इस कदम से होम लोन की ब्याज दरें और मंथली EMI मामूली रूप से बढ़ सकती हैं, लेकिन लंबे समय में रुपये की मजबूती और व्यापक आर्थिक स्थिरता देश में वैश्विक पूंजी को आकर्षित करेगी। इस स्थिरता का सीधा लाभ रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा, जहां वेल्थ क्रिएशन के दम पर प्रीमियम हाउसिंग और कमर्शियल एसेट की मांग में मजबूती बनी रहने की पूरी उम्मीद है।

                            OCTOBER 07, 2026 / 11:24 AM IST

                            RBI MPC Meeting Live: SDF, MSF और बैंक रेट में भी 25 bps की बढ़ोतरी: जानें RBI के फैसले के बाद क्या हैं नई दरें

                            भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि किए जाने के साथ ही पूरी ब्याज दर कॉरिडोर में समान बढ़ोतरी लागू हो गई है। इसके तहत स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट बढ़कर 5.25 प्रतिशत हो गया है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट बढ़कर 5.75 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बहुमत के साथ अपना रुख बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक आवश्यकता पड़ने पर तरलता को नियंत्रित करने और महंगाई को काबू में रखने के लिए मौद्रिक सख्ती का कदम आगे भी जारी रख सकता है।

                              OCTOBER 07, 2026 / 11:12 AM IST

                              RBI MPC Meeting Live: 'दरों में बढ़ोतरी से एसेट क्लासेज पर बढ़ेगा दबाव, शॉर्ट टर्म बॉन्ड्स बेहतर विकल्प'

                              Otto मनी के फाउंडर और सीईओ अपूर्व गुप्ता ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेपो रेट अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों का मुख्य पैमाना है। जब भी रिजर्व बैंक इसमें बढ़ोतरी करता है, तो लोन और डिपॉजिट दोनों पर ब्याज दरें बढ़ जाती हैं। इस बढ़ोतरी से बॉन्ड यील्ड भले ही ऊपर जाती है, लेकिन मौजूदा बॉन्ड्स की कीमतें नीचे गिरती हैं।

                              अपूर्व गुप्ता के अनुसार, इक्विटी, गोल्ड और रियल एस्टेट जैसी सभी एसेट क्लासेज आमतौर पर ब्याज दरों के विपरीत दिशा में काम करती हैं। जब दरें बढ़ती हैं, तो इन एसेट क्लासेज पर दबाव देखने को मिलता है, क्योंकि कर्ज लेना महंगा हो जाता है और फिक्स्ड-इनकम विकल्प निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक लगने लगते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम मौद्रिक सख्ती के चक्र से गुजर रहे हैं और MPC ने अपना रुख बदल दिया है। ऐसे माहौल में लॉन्ग ड्यूरेशन के बजाय शॉर्ट टर्म बॉन्ड्स में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित और बेहतर दांव साबित होगा।

                                OCTOBER 07, 2026 / 11:06 AM IST

                                RBI MPC Meeting Live: डॉलर के मुकाबले दो महीने के निचले स्तर पर लुढ़का रुपया

                                आरबीआई की मौद्रिक नीति घोषणा के बीच अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और डॉलर सूचकांक में मजबूती के चलते भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ गया है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया फिसलकर 96.53 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले दो महीनों से भी अधिक समय का इसका सबसे निचला स्तर है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा जारी बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण करेंसी मार्केट में यह गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, आरबीआई गवर्नर द्वारा देश के चालू खाता घाटे के नियंत्रण में रहने और मजबूत FDI प्रवाह का भरोसा दिए जाने से लंबे समय में रुपये को सहारा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

                                  OCTOBER 07, 2026 / 11:03 AM IST

                                  RBI MPC Meeting Live: 'ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सूक्ष्म उद्यमियों पर बढ़ेगा दबाव, ₹25 लाख तक के लोन पर मिले ब्याज सब्सिडी'

                                  भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट (BYST) की संस्थापक और प्रबंधन ट्रस्टी लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% होने और खाद्य महंगाई के 5.95% रहने के बीच, रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% करने का आरबीआई का फैसला बढ़ते मूल्य दबाव को नियंत्रित करने और व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि FCNR फंड से बढ़ी मनी सप्लाई को देखते हुए केंद्रीय बैंक CRR और SLR में भी 25–50 बीपीएस की बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है। हालांकि, बैंकों की ब्याज दरें रेपो रेट से जुड़े होने के कारण इस निर्णय का सीधा असर सूक्ष्म और छोटे उद्यमियों (MSMEs) के बैंक ऋणों, विशेषकर वर्किंग कैपिटल पर पड़ेगा, जो पहले से ही कच्चे माल और ऊर्जा की बढ़ती लागत झेल रहे हैं।

                                  लक्ष्मी वेंकटरमन ने जोर देकर कहा कि मौद्रिक सख्ती के इस दौर में अंतिम स्तर तक लोन की बेहतर उपलब्धता, पर्याप्त कार्यशील पूंजी सहायता और खरीदारों द्वारा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि सूक्ष्म उद्यम महंगे अनौपचारिक वित्तीय स्रोतों की ओर न जाएं। पहली पीढ़ी व महिला उद्यमियों के लिए किफायती औपचारिक ऋण और मार्गदर्शन को टिकाऊ उद्यमों के निर्माण के लिए आवश्यक बताते हुए उन्होंने सरकार से एक विशेष सुझाव दिया। उन्होंने मांग की कि ₹25 लाख तक का लोन लेने वाले सूक्ष्म और नैनो उद्यमियों को ब्याज सब्सिडी के माध्यम से राहत दी जानी चाहिए, जिससे उनके अतिरिक्त ब्याज भार की भरपाई हो सके और वे अपने कारोबार को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रख सकें।

                                    OCTOBER 07, 2026 / 10:57 AM IST

                                    RBI MPC Meeting Live: 'महंगाई पर सख्ती के बीच क्रेडिट की गुणवत्ता होगी अहम'

                                    Probe42 के सीईओ प्रह्लाद कृष्णमूर्ति ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% करना और मौद्रिक नीति के रुख को ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ की ओर मोड़ना यह स्पष्ट संकेत देता है कि मौद्रिक सख्ती आगे भी जारी रह सकती है। 2023 के बाद हुई इस पहली रेट हाइक के साथ RBI ने FY27 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.2% किया है, जबकि GDP विकास दर का अनुमान भी बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इससे साफ है कि केंद्रीय बैंक यह कदम किसी आर्थिक कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठा रहा है। हालांकि, बैंक और NBFCs इस चक्र में मजबूत पूंजी स्थिति के साथ प्रवेश कर रहे हैं, जिससे वित्तीय प्रणाली के पास इस बदलाव को आसानी से झेलने की पर्याप्त क्षमता मौजूद है।

                                    कृष्णमूर्ति ने आगे कहा कि जैसे-जैसे कर्ज महंगा होगा, पूंजी की लागत से ज्यादा महत्वपूर्ण अंडरराइटिंग की गुणवत्ता हो जाएगी और ऊंची ब्याज दरों के माहौल में गलत क्रेडिट निर्णय की लागत काफी बढ़ जाएगी। ऐसे में बैंकों और कॉरपोरेट्स के लिए काउंटरपार्टी की वित्तीय स्थिति, कर्ज चुकाने के व्यवहार और लेवरेज को लेकर बेहतर और स्पष्ट जानकारी होना बेहद जरूरी होगा। इस दिशा में अकाउंट एग्रीगेटर्स के बीच डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, अधिक व्यापक कंसोलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट और वित्तीय बाजारों पर तकनीकी सलाहकार समिति के गठन को लेकर RBI का जोर सही समय पर उठाया गया सही कदम है। अब समय पर उपलब्ध और सत्यापित उधारकर्ता डेटा केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।

                                      OCTOBER 07, 2026 / 10:53 AM IST

                                      RBI MPC Meeting Live: होम लोन EMI पर RBI का झटका: 0.25% रेट हाइक से बढ़ेगी आपकी मंथली किश्त, जानें कितना पड़ेगा असर

                                      भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी किए जाने के बाद होम लोन ग्राहकों की मासिक किस्त (EMI) बढ़ना तय माना जा रहा है। वैश्विक और घरेलू जोखिमों के बीच महंगाई पर काबू पाने के लिए उठाए गए इस कदम से बैंकों की लोन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर एक्सटर्नल बेंचमार्क (EBLR/RLLR) से जुड़े फ्लोटिंग-रेट होम लोन ग्राहकों पर पड़ेगा। केंद्रीय बैंक के इस फैसले के बाद बैंक रीसेट साइकिल और ट्रांसमिशन टाइमलाइन के हिसाब से धीरे-धीरे इस बढ़ोतरी का बोझ ग्राहकों पर डालेंगे, जिससे लोन की रीसेट तिथि आते ही मौजूदा कर्जदारों की या तो EMI की राशि बढ़ जाएगी या फिर उनकी लोन अवधि लंबी हो जाएगी।

                                        OCTOBER 07, 2026 / 10:48 AM IST

                                        RBI MPC Meeting Live: महंगाई नियंत्रण से ही टिकाऊ विकास संभव, MPC का फैसला स्वागतयोग्य

                                        मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड के सीईओ सदाफ सईद ने आरबीआई मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी महंगाई को काबू में रखने और कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के प्रति केंद्रीय बैंक के संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि खाद्य और ऊर्जा उत्पादों के दाम सबसे ज्यादा निम्न आय वाले परिवारों को प्रभावित करते हैं, ऐसे में मूल्य स्थिरता आम लोगों की रोजाना की कमाई को सुरक्षित करती है। जब अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति घरेलू मांग के दम पर मजबूत बनी हुई है, तो इस समय महंगाई पर काबू पाना मध्यम अवधि में समावेशी विकास की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि माइक्रोफाइनेंस स्तर पर उनका संस्थान जिम्मेदार लेंडिंग और लचीली भुगतान किश्तों के जरिए ग्राहकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।

                                          OCTOBER 07, 2026 / 10:45 AM IST

                                          RBI MPC Meeting Live: RBI ने FY27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% किया

                                          भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति में देश के आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को FY27 के लिए 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी और तीसरी तिमाही के अनुमानों में भी उल्लेखनीय सुधार किया है, जिसके तहत Q2FY27 के विकास अनुमान को 6.4% से बढ़ाकर 7.2% और Q3FY27 के अनुमान को 6.5% से बढ़ाकर 6.9% कर दिया गया है। वहीं, चौथी तिमाही (Q4FY27) के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.8% पर बरकरार रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत बुनियादी स्थिरता और तेजी बनी हुई है।

                                            OCTOBER 07, 2026 / 10:41 AM IST

                                            RBI MPC Meeting Live: रेट हाइक से कर्जदारों पर बढ़ेगा बोझ: महंगे होंगे होम, कार और पर्सनल लोन!

                                            भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% करने के फैसले के बाद होम, कार और पर्सनल लोन के ग्राहकों को झटका लगना तय है। फरवरी 2023 के बाद केंद्रीय बैंक द्वारा की गई इस पहली रेट हाइक के चलते बैंकों की लोन लागत बढ़ेगी, जिससे नए लोन तो महंगे होंगे ही, साथ ही मौजूदा फ्लोटिंग रेट लोन ग्राहकों की भी ब्याज दरें (EBLR/RLLR) रीसेट होने पर मासिक EMI बढ़ जाएगी या फिर लोन की समयसीमा लंबी हो जाएगी।

                                              OCTOBER 07, 2026 / 10:36 AM IST

                                              RBI MPC Meeting Live: विदेशी निवेश में बड़ा उछाल, 4 महीनों में $13.8 अरब पहुंचा FDI

                                              भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश के बाहरी वित्तीय मोर्चे पर राहत भरी खबर देते हुए बताया कि शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में निरंतर सुधार दर्ज किया गया है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में भारत में $13.8 अरब का शुद्ध एफडीआई आया है, जो बीते वित्त वर्ष की इसी समान अवधि में दर्ज $9.6 अरब से काफी अधिक है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेशकों का भरोसा कायम है, और एफडीआई में आई यह मजबूती देश में मजबूत पूंजी प्रवाह और व्यापक आर्थिक स्थिरता को और सुदृढ़ बनाती है।

                                                OCTOBER 07, 2026 / 10:30 AM IST

                                                RBI MPC Meeting Live: भुगतान संतुलन रहेगा मजबूत, गवर्नर बोले- इस साल बेहतर सरप्लस दर्ज करने की उम्मीद

                                                भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश के बाहरी आर्थिक आंकड़ों पर भरोसा जताते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत का भुगतान संतुलन (BoP) एक स्वस्थ और मजबूत सरप्लस दर्ज करने की उम्मीद है। गवर्नर के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद नियंत्रित चालू खाता घाटा (CAD) और देश में मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाह के चलते भुगतान संतुलन की स्थिति काफी सुरक्षित बनी हुई है। रेट हाइक के इस माहौल में विदेशी मुद्रा भंडार और BoP को लेकर मिला यह सकारात्मक संकेत भारतीय अर्थव्यवस्था की बाहरी झटकों को सहने की क्षमता और व्यापक आर्थिक स्थिरता को और मजबूती प्रदान करता है।

                                                  OCTOBER 07, 2026 / 10:27 AM IST

                                                  RBI MPC Meeting Live: बैंक निफ्टी में निचले लेवल से 550 अंकों की रिकवरी

                                                  भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 0.25% रेट हाइक के ऐलान के बाद शुरुआती झटके से उबरते हुए बैंक निफ्टी में शानदार रिकवरी देखने को मिली है। कारोबारी सत्र के दौरान 54,636.20 के निचले स्तर तक फिसलने के बाद बैंकिंग शेयरों में फिर से खरीदारी लौटी, जिससे इंडेक्स निचले स्तरों से करीब 550 अंक सुधरकर 55,190.55 (0.05% बढ़त) के स्तर पर पहुंचकर हरे निशान में आ गया है। गवर्नर द्वारा बैंकिंग सेक्टर की मजबूत स्थिति का आश्वासन दिए जाने के बाद निजी व सरकारी बैंकों में आई इस रिकवरी ने बाजार के निचले स्तरों पर सहारा दिया है।

                                                    OCTOBER 07, 2026 / 10:25 AM IST

                                                    RBI MPC Meeting Live: चालू खाता घाटा नियंत्रण में: गवर्नर बोले- चुनौतियों के बावजूद पहली तिमाही में टिकाऊ स्तर से काफी नीचे रहा CAD

                                                    भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश के बाहरी आर्थिक संतुलन पर भरोसा जताते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) नियंत्रण में रहा है। गवर्नर के अनुसार, चालू खाता घाटा टिकाऊ सीमा से काफी नीचे बना हुआ है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की बाहरी मजबूती को दर्शाता है। रेट हाइक के बीच गवर्नर का यह आश्वासन राहत देने वाला है, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्यात और सेवा क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन के बल पर देश का विदेशी व्यापार संतुलन बेहतर स्थिति में बना हुआ है।

                                                      OCTOBER 07, 2026 / 10:24 AM IST

                                                      RBI MPC Meeting Live: अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.6% रह सकती है महंगाई

                                                      भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा में मुद्रास्फीति के भावी रुझानों की रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में खुदरा महंगाई दर 5.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता के कारण मध्यम अवधि में महंगाई का दबाव बने रहने की आशंका है। गवर्नर ने जोर देकर कहा कि महंगाई को 4% के टिकाऊ लक्ष्य के दायरे में वापस लाने और मुद्रास्फीति की उम्मीदों को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से ही एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी का फैसला लिया है।

                                                        OCTOBER 07, 2026 / 10:22 AM IST

                                                        RBI MPC Meeting Live: बैंकिंग सेक्टर मजबूत: गवर्नर बोले- कमर्शियल बैंकों की एसेट क्वालिटी और कैपिटल एडिक्वेसी स्थिति बेहद बेहतर

                                                        भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने देश की वित्तीय स्थिरता पर भरोसा जताते हुए कहा कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का ढांचा पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि भारतीय बैंकों का कैपिटल एडिक्वेसी, लिक्विडिटी, एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी के पैमाने उत्कृष्ट स्तर पर हैं। रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी के फैसले के बीच गवर्नर का यह बयान यह सुनिश्चित करता है कि लोन महंगे होने और कड़े मौद्रिक रुख के बावजूद देश का बैंकिंग सिस्टम किसी भी वित्तीय दबाव को झेलने के लिए पूरी तरह सक्षम और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के लिए तैयार है।

                                                          OCTOBER 07, 2026 / 10:18 AM IST

                                                          RBI MPC Meeting Live: खाने-पीने की चीजों के दाम बेकाबू, चीनी और प्याज में उछाल के साथ महंगाई का दायरा और बढ़ा

                                                          आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति में महंगाई के मोर्चे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी अब केवल कुछ चुनिंदा चीजों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसका दायरा काफी व्यापक हो गया है। विशेष रूप से चीनी और प्याज जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में आए हालिया उछाल ने खुदरा महंगाई को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। खाद्य कीमतों में इस चौतरफा बढ़ोतरी और अंतर्राष्ट्रीय दबावों को देखते हुए ही मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने खुदरा महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रेपो रेट में 0.25% का इजाफा करने का सख्त रुख अपनाया है।

                                                            OCTOBER 07, 2026 / 10:16 AM IST

                                                            RBI MPC Meeting Live: जुलाई के 4.5% से बढ़कर अगस्त में 4.8% पहुंची खुदरा महंगाई

                                                            भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति बयान में महंगाई के हालिया आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी देखी गई है। जुलाई में जहां खुदरा महंगाई 4.5 प्रतिशत पर थी, वहीं अगस्त में यह बढ़कर 4.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाने-पीने की चीजों के महंगे होने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण महंगाई दर में यह उछाल दर्ज किया गया है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि महंगाई में इसी बढ़ोतरी को काबू में रखने और इसे 4% के लक्ष्य के करीब लाने के उद्देश्य से ही एमपीसी (MPC) ने रेपो रेट में 0.25% की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।

                                                              OCTOBER 07, 2026 / 10:14 AM IST

                                                              RBI MPC Meeting Live: चालू वित्त वर्ष में 7.1% रहेगी GDP ग्रोथ, गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जारी किए तिमाही विकास दर के आंकड़े

                                                              भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समीक्षा में देश के आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान जारी किया है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। तिमाही आधार पर विकास दर का आकलन करते हुए गवर्नर ने बताया कि दूसरी तिमाही (Q2) में जीडीपी ग्रोथ 7.2%, तीसरी तिमाही (Q3) में 6.9% और चौथी तिमाही (Q4) में 6.8% रहने की उम्मीद है। वहीं, अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान जताया गया है, जो अर्थव्यवस्था में बनी मजबूत बुनियादी रफ्तार को दर्शाता है।

                                                                OCTOBER 07, 2026 / 10:13 AM IST

                                                                RBI MPC Meeting Live: कच्चे तेल और एनर्जी इनपुट्स की लागत का असर

                                                                आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने महंगाई पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि भले ही सप्लाई-साइड का सीधा दबाव फिलहाल सीमित दिख रहा हो, लेकिन इसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत में ऊर्जा और अन्य इनपुट्स की बढ़ती कीमतों के इनडायरेक्ट असर और सेकंड-राउंड इम्पैक्ट के बीच अंतर कर पाना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि ये दोनों ही कारक मौजूदा आर्थिक संकेतकों में उपस्थित हैं। इसी अप्रत्यक्ष जोखिम और महंगाई को काबू में रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति में सतर्कता बरतते हुए रेट हाइक और 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' का रुख अपनाया है।

                                                                  OCTOBER 07, 2026 / 10:10 AM IST

                                                                  RBI MPC Meeting Live: RBI ने पॉलिसी स्टैंस में किया बड़ा बदलाव, 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' किया, न्यूट्रल रुख खत्म

                                                                  रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति के रुख में भी बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है। इस नए रुख से यह साफ संकेत मिलता है कि रिजर्व बैंक का पूरा ध्यान अब बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने और बाजार से अतिरिक्त लिक्विडिटी सोखने पर केंद्रित है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में दरें स्थिर रखी जा सकती हैं या उनमें और बढ़ोतरी की जा सकती है, लेकिन निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती का कोई सवाल ही नहीं उठता।

                                                                    OCTOBER 07, 2026 / 10:07 AM IST

                                                                    RBI MPC Meeting Live: 0.25% रेट हाइक से टूटा शेयर बाजार, सेंसेक्स 470 अंक नीचे, निफ्टी 22,600 के करीब खिसका

                                                                    भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट को 0.25% (25 बीपीएस) बढ़ाकर 5.50% करने के फैसले के बाद घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव और गहरा गया है। ब्याज दरें बढ़ने से कॉरपोरेट लागत और लोन महंगे होने की आशंका के चलते बेंचमार्क इंडेक्स सेंसैक्स 470 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी 50 भी 22,600 के नाजुक स्तर पर आ टिका है। बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की जा रही है, क्योंकि लोन महंगे होने से आगे इन सेक्टरों की मांग प्रभावित होने का डर निवेशकों को सता रहा है।

                                                                      OCTOBER 07, 2026 / 10:03 AM IST

                                                                      RBI MPC Meeting Live: RBI ने 0.25% बढ़ाया रेपो रेट, 3 साल बाद फिर महंगी हुई आपकी लोन EMI

                                                                      भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने बढ़ती खुदरा महंगाई और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों पर लगाम लगाने के लिए रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। इस इजाफे के बाद बेंचमार्क रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% पर पहुंच गया है। फरवरी 2023 के बाद लगभग तीन साल में रिजर्व बैंक द्वारा की गई यह पहली रेट हाइक है। केंद्रीय बैंक के इस कड़े फैसले से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी होना तय है, जिससे आम ग्राहकों की मासिक EMI का बोझ बढ़ेगा, जबकि दूसरी ओर बैंकों द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाली ब्याज दरों में बढ़ोतरी से जमाकर्ताओं को राहत मिल सकती है।

                                                                        OCTOBER 07, 2026 / 9:56 AM IST

                                                                        RBI MPC Meeting Live: गवर्नर का संबोधन कुछ ही देर में, कहां और कैसे देखें RBI पॉलिसी का सीधा प्रसारण?

                                                                        भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा के फैसलों का आधिकारिक ऐलान कुछ ही देर में शुरू होने वाला है। आज, 7 अक्टूबर सुबह 10:00 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा नए रेपो रेट और मौद्रिक नीति रुख की घोषणा करेंगे, जिसे RBI के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सीधे लाइव देखा जा सकता है। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे आयोजित होने वाली पोस्ट-पॉलिसी प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण वहीं किया जाएगा, जहां गवर्नर और एमपीसी के सदस्य मीडिया के सवालों का जवाब देंगे।

                                                                          OCTOBER 07, 2026 / 9:50 AM IST

                                                                          RBI MPC Meeting Live: कुछ ही देर में होगा नई रेपो रेट का ऐलान, जानिए क्या महंगे होंगे आपके लोन?

                                                                          भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के नतीजों का इंतजार अब खत्म होने वाला है और बस कुछ ही देर में सुबह 10 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा नए रेपो रेट का आधिकारिक ऐलान करेंगे। खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच बाजार में 3 साल बाद फिर से 0.25% (25 बीपीएस) की रेट हाइक की मजबूत आशंका जताई जा रही है। अगर रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला लेता है, तो आने वाले दिनों में होम लोन और ऑटो लोन की EMI महंगी होना तय माना जा रहा है, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले रिटर्न में सुधार आ सकता है।

                                                                            OCTOBER 07, 2026 / 9:47 AM IST

                                                                            RBI MPC Meeting Live: RBI ने बाजार से वापस निकाले ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा

                                                                            बैंकिंग सिस्टम में जरूरत से ज्यादा नकदी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक लगातार बाजार से फंड वापस निकाल रहा है, जिससे कम अवधि वाले बॉन्ड की यील्ड पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई को नियंत्रित करने की कोशिशों के तहत रिजर्व बैंक अब तक ₹1 लाख करोड़ से अधिक की लिक्विडिटी वापस ले चुका है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक द्वारा नकदी सोखने की आगे की रफ्तार और भविष्य में ब्याज दर बढ़ोतरी के कदम ही यह तय करेंगे कि बॉन्ड यील्ड कर्व कितना और किस हद तक फ्लैट होगा।

                                                                              OCTOBER 07, 2026 / 9:44 AM IST

                                                                              RBI MPC Meeting Live: RBI के फैसले से ठीक पहले रुपये में हल्की मजबूती

                                                                              भारतीय रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति समिति के फैसले से ठीक पहले आज शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे की हल्की बढ़त के साथ ₹96.45 पर खुला। घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के दबाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद, बाजार में रेपो रेट बढ़ने की संभावनाओं के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को मामूली सहारा मिला है। व्यापारी अब सुबह 10 बजे आने वाले आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के ऐलान पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।

                                                                                OCTOBER 07, 2026 / 9:36 AM IST

                                                                                RBI MPC Meeting Live: RBI पॉलिसी से ठीक पहले बाजार लाल, सेंसेक्स 428 अंक टूटा, निफ्टी 22,620 के नीचे

                                                                                भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी दबाव के साथ हुई है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति घोषणा से ठीक आधे घंटे पहले दलाल स्ट्रीट पर सतर्कता और घबराहट का माहौल दिख रहा है, जिसके चलते सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंकिंग सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की जा रही है, जहां निफ्टी बैंक 409.50 अंक (-0.74%) टूटकर 54,718.90 पर आ गया है, जबकि सेंसेक्स 428.43 अंक (-0.58%) गिरकर 72,639.38 और निफ्टी 50 157.10 अंक (-0.68%) की गिरावट के साथ 22,619.00 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है। मिडकैप शेयरों पर भी दबाव देखा जा रहा है और निफ्टी मिडकैप 100 0.29% गिरकर 59,585.35 पर है। क्रूड ऑयल के $101 के पार पहुंचने, FII की बिकवाली और 10 बजे सम्भावित रेट हाइक (0.25%) की आशंका से निवेशक नीतिगत ऐलान से पहले आक्रामक दांव लगाने से बच रहे हैं।

                                                                                  OCTOBER 07, 2026 / 9:32 AM IST

                                                                                  RBI MPC Meeting Live: अगस्त RBI नीति के बाद Nifty में 7.5% की भारी गिरावट, क्रूड और FII बिकवाली से टूटा बाजार

                                                                                  भारतीय रिजर्व बैंक की पिछली 5 अगस्त की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद से घरेलू शेयर बाजार लगातार भारी दबाव में है और इस दौरान निफ्टी 50 में लगभग 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ा है। यही वजह है कि आज की मौद्रिक नीति घोषणा से ठीक पहले निवेशक बेहद सतर्क रुख अपना रहे हैं।

                                                                                    OCTOBER 07, 2026 / 9:28 AM IST

                                                                                    RBI MPC Meeting Live: RBI के ब्याज दरों पर फैसले पर टिकीं नजरें: 3 साल बाद रेपो रेट में 0.25% बढ़ोतरी के आसार

                                                                                    भारतीय रिजर्व बैंक की MPC आज अपने नीतिगत फैसलों की घोषणा करेगी, जिसमें केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी की व्यापक संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो यह फरवरी 2023 के बाद रिजर्व बैंक की पहली रेट हाइक होगी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी से पैदा हुई महंगाई की चिंताओं के बीच, निवेशक गवर्नर संजय मल्होत्रा के संबोधन और भविष्य के नीतिगत रुख पर बारीक नजर रखेंगे।

                                                                                      OCTOBER 07, 2026 / 9:22 AM IST

                                                                                      RBI Policy Updates Live: Q1 में 7.8% की मजबूत जीडीपी ग्रोथ के बाद RBI के विकास दर अनुमान पर टिकी नजरें

                                                                                      भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर दिया जाने वाला आकलन आज की मौद्रिक नीति में काफी अहम संकेत माना जा रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की गई है। हालांकि, मनीकंट्रोल के पोल में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस मजबूत प्रदर्शन के बावजूद रिजर्व बैंक FY27 के लिए अपने वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत पर ही बरकरार रख सकता है।

                                                                                        OCTOBER 07, 2026 / 9:15 AM IST

                                                                                        RBI MPC Meeting Updates Live: रेपो रेट बढ़ेगा या नहीं होगा कोई बदलाव?

                                                                                        भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे। अगर आज दरों में बढ़ोतरी होती है, तो यह फरवरी 2023 के बाद पहला रेट हाइक होगा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक का मानना है कि आज दरें बढ़कर 5.50% हो सकती हैं और वित्त वर्ष 2027 तक कुल 0.75% (75 बीपीएस) की सख्ती देखने को मिल सकती है।

                                                                                          OCTOBER 07, 2026 / 9:11 AM IST

                                                                                          RBI MPC Meeting Live: Q1 के मजबूत प्रदर्शन के बाद FY27 GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ने की उम्मीद

                                                                                          मनीकंट्रोल के पोल में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने वास्तविक जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.7 प्रतिशत पर बरकरार रख सकता है। हालांकि, पहली तिमाही (Q1) में उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर दर्ज किए जाने के बाद, कुछ इकोनॉमिस्ट्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान बढ़ाने की गुंजाइश भी जताई है।

                                                                                            OCTOBER 07, 2026 / 9:05 AM IST

                                                                                            RBI MPC Meeting Live: रेट हाइक का EMI और FD की ब्याज दरों पर क्या होगा असर?

                                                                                            RBI की मौद्रिक नीति समिति आज सुबह 10 बजे ब्याज दरों पर अपने फैसले का ऐलान करेगी, जिसका सीधा असर देश के करोड़ों होम लोन ग्राहकों की EMI और बैंक FD की ब्याज दरों पर पड़ेगा। खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच बाजार विशेषज्ञों को अनुमान है कि आरबीआई रेपो रेट में 0.25% (25 बीपीएस) की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो बैंकों के लिए कर्ज महंगा होगा, जिससे होम लोन की ब्याज दरें और मासिक EMI बढ़ सकती हैं, वहीं दूसरी ओर बैंक एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में इजाफा कर जमाकर्ताओं को राहत दे सकते हैं। इस फैसले से जुड़े 5 प्रमुख बिंदुओं में रेपो रेट का नया स्तर, महंगाई दर का पूर्वानुमान, बाजार लिक्विडिटी के कदम, आर्थिक विकास (GDP) का रुख और मौद्रिक नीति का स्टैंड शामिल हैं, जिन पर आज पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

                                                                                              OCTOBER 07, 2026 / 8:59 AM IST

                                                                                              RBI Policy Updates Live: तीन साल बाद फिर शुरू हो सकता है दरें बढ़ाने का सिलसिला

                                                                                              अगर भारतीय रिजर्व बैंक आज ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला करता है, तो यह तीन साल से भी अधिक समय में पहली रेट हाइक होगी। केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट को 0.25% बढ़ाकर 6.50% किया था। इसके बाद 2023-24 में दरें स्थिर रखी गईं और 2025 में कटौती का दौर शुरू हुआ, जिससे बेंचमार्क रेपो रेट घटकर मौजूदा 5.25% पर आ गया। बढ़ती महंगाई के बीच आज से मौद्रिक नीति को सख्त करने के नए दौर की शुरुआत होने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं।

                                                                                                OCTOBER 07, 2026 / 8:54 AM IST

                                                                                                RBI Policy Updates Live: कहां देखें गवर्नर संजय मल्होत्रा का संबोधन?

                                                                                                भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा के नीतिगत फैसलों का सीधा प्रसारण आज सुबह 10:00 बजे से केंद्रीय बैंक के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा। पॉलिसी घोषणा के बाद आयोजित होने वाली गवर्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी दर्शक इसी प्लेटफॉर्म पर लाइव देख सकेंगे। इसके अलावा, RBI की इस महत्वपूर्ण मौद्रिक नीति समीक्षा के तुरंत बाद के हर बड़े अपडेट्स, एक्सपर्ट्स के विश्लेषण और ब्रेकिंग न्यूज के लिए आप मनीकंट्रोल हिन्दी के इस ब्लॉग को फॉलो कर सकते हैं।

                                                                                                  OCTOBER 07, 2026 / 8:46 AM IST

                                                                                                  RBI Policy Updates Live: लिक्विडिटी मैनेजमेंट बना RBI नीति का मुख्य फोकस: FCNR-B के जरिए आए भारी विदेशी फंड को सोखने में जुटा केंद्रीय बैंक

                                                                                                  भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा में लिक्विडिटी मैनेजमेंट चर्चा का प्रमुख विषय बनकर उभरा है। विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक (FCNR-B) जमा योजनाओं के माध्यम से भारतीय बैंकिंग प्रणाली में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा (डॉलर) का प्रवाह हुआ है, जिससे बाजार में अतिरिक्त नकदी की स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में बाजार में मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित रखने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक इस सरप्लस लिक्विडिटी को सोखने के उपायों पर विशेष जोर दे रहा है।

                                                                                                    OCTOBER 07, 2026 / 8:38 AM IST

                                                                                                    RBI Policy Updates Live: नई दरों का शेयर बाजार पर कैसा दिखेगा असर?

                                                                                                    रिजर्व बैंक की आज की नीतिगत घोषणा का शेयर बाजार पर बड़ा असर पड़ेगा। जानकारों के अनुसार, अगर आरबीआई उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी करता है, तो बाजार में कोई बड़ी हलचल नहीं होगी क्योंकि निवेशक इसे पहले ही पचा चुके हैं। वहीं, अगर दरें अपरिवर्तित रहती हैं, तो बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स की अगुवाई में दलाल स्ट्रीट पर जोरदार तेजी आ सकती है। हालांकि, कच्चे तेल के दबाव में यदि आरबीआई 0.25% से अधिक का रेट हाइक कर बाजार को चौंकाता है, तो भारी बिकवाली और गिरावट देखने को मिल सकती है।

                                                                                                      OCTOBER 07, 2026 / 8:30 AM IST

                                                                                                      RBI Policy Updates Live: GIFT Nifty में 100 अंकों की गिरावट, RBI नीति से पहले सुस्त शुरुआत के संकेत

                                                                                                      भारतीय शेयर बाजार की आज, 7 अक्टूबर को सुस्त शुरुआत होने की संभावना है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मौद्रिक नीति फैसले से ठीक पहले सुबह 8 बजे गिफ्ट निफ्टी 97 अंक या 0.43% गिरकर 22,677 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। रात भर अमेरिकी शेयर बाजारों के रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होने के बावजूद एशियाई बाजारों में कमजोरी का रुख देखा जा रहा है। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार 8वें दिन 6 अक्टूबर को ₹2,961 करोड़ की शुद्ध बिकवाली ने बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹5,000 करोड़ से अधिक की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की है।

                                                                                                        OCTOBER 07, 2026 / 8:24 AM IST

                                                                                                        RBI Policy Updates Live: गवर्नर संजय मल्होत्रा के सामने ये है प्रमुख चुनौतियां

                                                                                                        भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में आज हो रही मौद्रिक नीति समिति की बैठक कई बड़ी आर्थिक चुनौतियों के बीच आयोजित हो रही है। रिजर्व बैंक ने 2025 में ब्याज दरों में कुल 1.25% की कटौती के बाद पिछले चार मौद्रिक समीक्षाओं से रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है। हालांकि, पिछले आठ महीनों से जारी 'मिडिल ईस्ट' तनाव, कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतों और मानसून की अनिश्चितताओं ने भारत में महंगाई का दबाव बढ़ा दिया है। अगस्त बैठक में 'न्यूट्रल' रुख बनाए रखने वाले केंद्रीय बैंक पर अब ऊर्जा आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने और बढ़ती मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए मौद्रिक नीति को सख्त करने का भारी दबाव है।

                                                                                                          OCTOBER 07, 2026 / 8:19 AM IST

                                                                                                          RBI Policy Updates Live: रेट हाइक या कटौती का शेयर बाजार पर कैसा दिखेगा असर? समझिए ये 3 संभावित सिनेरियो

                                                                                                          0.25% रेट हाइक: अविनाश मेंटॉर रिसर्च के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर के अनुसार, दलाल स्ट्रीट पहले से ही 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) दर वृद्धि का अनुमान लगाकर चल रही है। अगर आरबीआई उम्मीद के मुताबिक 0.25% रेपो रेट बढ़ाता है, तो शेयर बाजार में किसी बड़ी हलचल की संभावना नहीं है क्योंकि बाजार इस फैसले को पहले ही 'डिस्काउंट' कर चुका है। ऐसी स्थिति में बाजार स्थिर या सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।

                                                                                                          रेट अनचेंज्ड: अगर रिजर्व बैंक दरों में कोई बदलाव न करते हुए इसे स्थिर रखने का फैसला लेता है, तो दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल सकती है। सेबी-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का मानना है कि अमेरिकी महंगाई और नौकरियों के सकारात्मक आंकड़ों से वहां रेट हाइक का दबाव कम हुआ है, जिससे आरबीआई द्वारा भी दरें स्थिर रखने की उम्मीद जगी है। अगर ऐसा होता है, तो बैंकिंग, रियल्टी, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स में जोरदार उछाल आ सकता है।

                                                                                                          0.25% से ज्यादा रेट हाइक: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताएं दोबारा बढ़ गई हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85% क्रूड ऑयल आयात करता है। बाजार का एक वर्ग यह भी मान रहा है कि महंगाई पर लगाम कसने के लिए आरबीआई 0.25% से ज्यादा की अप्रत्याशित दर वृद्धि कर सरप्राइज दे सकता है। यदि ऐसा कोई आक्रामक कदम उठाया जाता है, तो शॉर्ट टर्म में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट या बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है।

                                                                                                            OCTOBER 07, 2026 / 8:12 AM IST

                                                                                                            RBI Policy Updates Live: जेफरीज का अनुमान: 0.25% बढ़ सकता है रेपो रेट, लेकिन बढ़ोतरी का दौर रहेगा सीमित

                                                                                                            वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज इंडिया का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी आगामी अक्टूबर 2026 की बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी कर सकता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और कमजोर मानसून के कारण भारत में महंगाई का जोखिम बढ़ा है। हालांकि, जेफरीज का अनुमान है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का यह मौजूदा दौर सीमित रहेगा और इसमें कुल मिलाकर 50 से 75 बेसिस पॉइंट्स तक की ही वृद्धि देखी जाएगी।

                                                                                                            मार्च 2027 तिमाही के लिए आरबीआई के 5.5% महंगाई अनुमान को देखते हुए वास्तविक ब्याज दरें काफी हद तक न्यूट्रल बनी हुई हैं। इसके अलावा, पिछले कुछ हफ्तों में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में 0.45% की बढ़ोतरी हुई है और ओवरनाइट मनी मार्केट दिसंबर 2026 तक 0.25% की दो मौद्रिक बढ़ोतरी के संकेत दे रहा है।

                                                                                                              OCTOBER 07, 2026 / 8:06 AM IST

                                                                                                              RBI Policy Updates Live: FY27 में 5% रह सकती है खुदरा महंगाई, लेकिन RBI द्वारा अनुमान बढ़ाने की भी गुंजाइश: एक्सपर्ट्स

                                                                                                              भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आज अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में FY27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर के अनुमान को 5 प्रतिशत पर बरकरार रखे जाने की संभावना है। हालांकि, कुछ प्रमुख अर्थशास्त्रियों का मानना है कि खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच केंद्रीय बैंक इसमें मामूली बढ़ोतरी भी कर सकता है। इससे पहले वाली नीतिगत समीक्षा बैठक में आरबीआई ने FY27 के लिए अपने महंगाई के पूर्वानुमान को घटाकर 5 प्रतिशत किया था।

                                                                                                                OCTOBER 07, 2026 / 8:03 AM IST

                                                                                                                RBI Policy Updates Live: खुदरा महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 4.82% पहुंची, RBI के नीतिगत फैसले से पहले बढ़ी चिंता

                                                                                                                भारत की खुदरा महंगाई दर अगस्त में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई है, जो जुलाई में 4.45 प्रतिशत दर्ज की गई थी। महंगाई के इस आंकड़े को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। केंद्रीय बैंक आज अपने ब्याज दरों पर फैसले और आगे के रुख पर निर्णय लेते समय खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों से पैदा हुए इस मुद्रास्फीति के दबाव को प्रमुखता से ध्यान में रखेगा।

                                                                                                                  OCTOBER 07, 2026 / 7:52 AM IST

                                                                                                                  RBI Policy Updates Live: FY27 के अंत तक 6% तक जा सकता है रेपो रेट, आरबीआई शुरू कर सकता है रेट हाइक का नया दौर: रिपोर्ट

                                                                                                                  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआई-आईसीआई बैंक की रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में बढ़ोतरी के एक नए दौर की शुरुआत कर सकता है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि बढ़ती महंगाई, वैश्विक स्तर पर ऊंचे बॉन्ड यील्ड और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 के अंत तक रेपो रेट बढ़कर 6 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

                                                                                                                    OCTOBER 07, 2026 / 7:43 AM IST

                                                                                                                    RBI Policy Updates Live: अगस्त एमपीसी बैठक में क्या हुआ था? आरबीआई ने 5.25% पर बरकरार रखा था रेपो रेट

                                                                                                                    भारतीय रिजर्व बैंक की MPC ने अपनी अगस्त की बैठक में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा था और नीतिगत रुख को 'न्यूट्रल' बनाए रखा था। यह फैसला दक्षिण-पश्चिम मानसून की अनिश्चितता, एल नीनो का प्रभाव, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच लिया गया था। केंद्रीय बैंक ने फैसला टालते हुए कहा था कि ब्याज दरों पर अगला कदम उठाने से पहले महंगाई के भविष्य के रास्ते और उसकी दिशा को लेकर अधिक स्पष्टता होना बेहद जरूरी है।

                                                                                                                      OCTOBER 07, 2026 / 7:36 AM IST

                                                                                                                      RBI Policy Updates Live: फरवरी तक ब्याज दरों में 0.75% की बढ़ोतरी का अनुमान: गौरा सेनगुप्ता

                                                                                                                      आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक आगामी फरवरी तक ब्याज दरों में कुल मिलाकर लगभग 75 बेसिस पॉइंट्स (0.75%) की बढ़ोतरी कर सकता है। उनका कहना है कि पहली बार ब्याज दरें बढ़ाना बेहद अहम होगा, क्योंकि इससे यह स्पष्ट इशारा मिल जाएगा कि आगे दरें कितनी बढ़ सकती हैं और बढ़ोतरी का यह दौर कितना लंबा चलेगा।

                                                                                                                        OCTOBER 07, 2026 / 7:31 AM IST

                                                                                                                        RBI Policy Updates Live: 0.25% ब्याज दर बढ़ाने से ज्यादा अहम होगा RBI का आगे का रुख: एक्सपर्ट्स

                                                                                                                        बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी करने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण उसका भविष्य को लेकर दिया गया गाइडेंस होगा। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत दे सकता है, लेकिन इस बात पर राय बंटी हुई है कि आरबीआई अपना रुख 'न्यूट्रल' बनाए रखेगा या इसमें बदलाव करेगा।

                                                                                                                          OCTOBER 07, 2026 / 7:26 AM IST

                                                                                                                          RBI Policy Updates Live: पहला रेट हाइक तय करेगा ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दायरा और समय: गौरा सेनगुप्ता

                                                                                                                          आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता का कहना है कि रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में की जाने वाली पहली बढ़ोतरी यह समझने के लिए काफी अहम होगी कि आगे का रास्ता कैसा रहेगा। उनके मुताबिक, यह मौद्रिक नीति समीक्षा इसलिए खास है क्योंकि इससे ब्याज दरें बढ़ाने के एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। दरों में यह पहला इजाफा बाजार को बड़ा इशारा देगा और निवेशक आरबीआई के बयान को ध्यान से समझेंगे ताकि यह साफ हो सके कि ब्याज दरें बढ़ाने का यह दौर कितना लंबा चलेगा और दरें कितनी बढ़ सकती हैं।

                                                                                                                            OCTOBER 07, 2026 / 7:18 AM IST

                                                                                                                            RBI Policy Updates Live: रेपो रेट पर गवर्नर संजय मल्होत्रा से क्या हैं उम्मीदें?

                                                                                                                            भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा आज, 7 अक्टूबर सुबह 10 बजे बड़ा ऐलान करेंगे। 10 प्रमुख अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए सर्वेक्षण में 9 विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) बढ़ाकर 5.50% कर सकता है, जबकि केवल एक विशेषज्ञ ने दरें स्थिर रखने की उम्मीद जताई है।

                                                                                                                            अगर आज ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो यह तीन साल से भी अधिक समय बाद पहला मौका होगा। इससे पहले फरवरी 2023 में दरें बढ़ाकर 6.50% की गई थीं, जिसके बाद 2025 में कटौती का दौर शुरू हुआ था और फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है। विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई अपना रुख 'न्यूट्रल' बनाए रख सकता है ताकि भविष्य में स्थितियों के हिसाब से फैसले लेने का विकल्प खुला रहे।

                                                                                                                              OCTOBER 07, 2026 / 7:12 AM IST

                                                                                                                              RBI Policy Updates Live: मजबूत आर्थिक वृद्धि के सामने कच्चे तेल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और रुपये का दबाव बन रहा चुनौती

                                                                                                                              चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की मजबूत विकास दर दर्ज की है, लेकिन आगे का आर्थिक परिदृश्य कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, तेजी से बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये पर लगातार बना दबाव देश की विकास दर की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

                                                                                                                                OCTOBER 07, 2026 / 7:08 AM IST

                                                                                                                                RBI Policy Updates Live: मनीकंट्रोल पोल में 19 में से 15 विशेषज्ञों का अनुमान- आरबीआई 0.25% बढ़ा सकता है रेपो रेट

                                                                                                                                मनीकंट्रोल द्वारा 19 बाजार विशेषज्ञों के बीच कराए गए पोल में 15 एक्सपर्ट्स ने संभावना जताई है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की बढ़ोतरी कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो फरवरी 2023 के बाद से यह ब्याज दर में पहली बढ़ोतरी होगी। वहीं, सर्वेक्षण में शामिल अन्य 4 विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल दरों में कोई बदलाव न करते हुए यथास्थिति बनाए रखेगा।

                                                                                                                                  OCTOBER 07, 2026 / 7:03 AM IST

                                                                                                                                  RBI Policy Updates Live: जानें कब, कहां और कैसे देखें आरबीआई गवर्नर के फैसले का लाइव प्रसारण

                                                                                                                                  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के फैसलों का लाइव प्रसारण आज यानी 7 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे से आरबीआई के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और 'X' हैंडल पर देखा जा सकता है। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे गवर्नर संजय मल्होत्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। दर्शक रियल-टाइम अपडेट्स और नीतिगत फैसलों के विस्तृत विश्लेषण के लिए आप हमारे इस लाइव ब्लॉग के साथ जुड़ें रहें।

                                                                                                                                    OCTOBER 07, 2026 / 6:58 AM IST

                                                                                                                                    RBI Policy Updates Live: रेपो रेट 0.25% बढ़ने की उम्मीद, लिक्विडिटी और भविष्य के रुख पर RBI की स्पष्टता भी जरूरी: किंजल शाह

                                                                                                                                    बॉम्बे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सोसाइटी (BCAS) के अध्यक्ष सीए किंजल शाह के अनुसार, खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी, ऊर्जा की ऊंची लागत और वैश्विक स्तर पर मौद्रिक सख्ती को देखते हुए रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) का इजाफा कर इसे 5.50% किए जाने की व्यापक उम्मीद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल ब्याज दरों पर फैसला लेना ही काफी नहीं होगा, बल्कि देश में आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने, तरलता सुनिश्चित करने और महंगाई की उम्मीदों को काबू में रखने के लिए भविष्य की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों की दिशा पर आरबीआई का स्पष्ट दृष्टिकोण होना भी बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।

                                                                                                                                      OCTOBER 07, 2026 / 6:56 AM IST

                                                                                                                                      RBI Policy Updates Live: नीलकांत मिश्रा का अनुमान: 0.25% बढ़ सकता है रेपो रेट

                                                                                                                                      वर्ल्ड बैंक के नीलकंठ मिश्रा का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी कर सकता है, लेकिन वह इसे ब्याज दरों में बढ़ोतरी के किसी नए चक्र की शुरुआत के रूप में नहीं देखते हैं। उन्होंने कहा कि 25 बेसिस पॉइंट का एक इजाफा संभव है, लेकिन इसे एक लंबे रेट हाइक साइकिल की शुरुआत मानना सही नहीं होगा।

                                                                                                                                        OCTOBER 07, 2026 / 6:55 AM IST

                                                                                                                                        RBI Policy Updates Live: क्रूड ऑयल, वैश्विक दरें और मानसून तय करेंगे RBI के रेट हाइक साइकिल का आकार: यूनियन बैंक

                                                                                                                                        यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू किए जाने वाले रेट हाइक साइकिल का कुल आकार कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक मौद्रिक नीतियों और मानसून की स्थितियों पर निर्भर करेगा। बैंक का अनुमान है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होते हैं, तो ब्याज दरों में कुल बढ़ोतरी 50 से 75 बेसिस पॉइंट्स (0.50%-0.75%) तक सीमित रह सकती है। हालांकि, अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक उछाल बना रहता है, तो दर वृद्धि का यह सिलसिला बढ़कर 100 से 125 बेसिस पॉइंट्स (1.00%-1.25%) तक जा सकता है।

                                                                                                                                          OCTOBER 07, 2026 / 6:53 AM IST

                                                                                                                                          RBI Policy Updates Live: आईसीआईसीआई बैंक का अनुमान: ब्याज दरों में 0.75% तक हो सकती है बढ़ोतरी

                                                                                                                                          आईसीआईसीआई बैंक ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा ब्याज दरों में 75 बेसिस पॉइंट (0.75 फीसदी) की बढ़ोतरी को अपना बेस केस माना है। बैंक का कहना है कि इस बढ़ोतरी से वास्तविक ब्याज दरें 1.4 से 1.9 फीसदी के दायरे में बनी रहेंगी। वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बैंक ने एमपीसी को न्यूट्रल रुख के साथ डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है। इसके साथ ही बैंक ने यह संभावना भी जताई है कि यदि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में तेज गिरावट आती है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी का यह चक्र महज 50 बेसिस पॉइंट (0.50 फीसदी) तक सीमित रह सकता है।

                                                                                                                                            OCTOBER 07, 2026 / 6:52 AM IST

                                                                                                                                            RBI Policy Updates Live: यूनियन बैंक का अनुमान: RBI 0.25% बढ़ा सकता है रेपो रेट, FY27 तक 6% पहुंचने के आसार

                                                                                                                                            यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी शोध रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) चालू समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर सकती है और अपना रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की ओर मोड़ सकती है। बैंक के मुताबिक, अक्टूबर की यह बैठक दर वृद्धि चक्र की शुरुआत साबित होगी, जिसके तहत रेपो रेट में कुल 75 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा होने की संभावना है और वित्त वर्ष 2027 के अंत तक रेपो रेट बढ़कर 6 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच सकता है।

                                                                                                                                              OCTOBER 07, 2026 / 6:51 AM IST

                                                                                                                                              RBI Policy Updates Live: अगले कुछ महीनों में 6% के पार जा सकती है खुदरा महंगाई: मदन सबनवीस

                                                                                                                                              बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा है कि देश की आर्थिक स्थितियों में अगस्त के मुकाबले कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जब मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने आने वाले महीनों में बढ़ती महंगाई की आशंकाओं के बावजूद नीतिगत दरों में बदलाव न करते हुए इंतजार करने का फैसला किया था। फिलहाल देश की खुदरा महंगाई दर 4.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, लेकिन मदन सबनवीस का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई का यह आंकड़ा 6 प्रतिशत के स्तर को पार कर सकता है।

                                                                                                                                                OCTOBER 07, 2026 / 6:49 AM IST

                                                                                                                                                RBI Policy Live Updates: अगली बैठक तक टल सकती है ब्याज दरों में बढ़ोतरी, बैंक ऑफ बड़ौदा के मदन सबनवीस का बड़ा दावा

                                                                                                                                                बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने बाजार के आम अनुमानों से इतर राय जताते हुए कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरें बढ़ाने के फैसले को एक और नीतिगत समीक्षा के लिए टाल सकता है। उनका मानना है कि आरबीआई फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे स्थिर रख सकता है और दरें बढ़ाने की शुरुआत दिसंबर की बैठक से हो सकती है। जहां ज्यादातर जानकार आज ही रेपो रेट बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं सबनवीस का यह आकलन मौजूदा माहौल में काफी अलग और अहम माना जा रहा है।

                                                                                                                                                  OCTOBER 07, 2026 / 6:44 AM IST

                                                                                                                                                  RBI Policy Live Updates: आज सुबह 10 बजे RBI MPC करेगी नई ब्याज दरों का ऐलान, सस्पेंस बरकरार

                                                                                                                                                  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों से जुड़े नतीजों का ऐलान करेंगे। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखेगा या इसमें बढ़ोतरी का फैसला लेगा। बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव को देखते हुए अगर आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी करता है, तो फरवरी 2023 के बाद यह पहला मौका होगा जब ब्याज दरें बढ़ेंगी।

                                                                                                                                                    OCTOBER 06, 2026 / 5:57 PM IST

                                                                                                                                                    RBI Repo Rate Policy Live Updates

                                                                                                                                                    मनीकंट्रोल हिन्दी के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत हैं