छह बार बैक-टू-बैक रेपो रेट बढ़ोतरी के बाद, आरबीआई ने पॉज बटन दबाया है। यानी कि अबकी बार आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई का यह फैसला रियल एस्टेट उद्योग के लिए एक बड़ा पॉजिटिव रूप लेकर आया है। रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बनाये रखने की आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की घोषणा के बाद निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। Knight Frank India चेयरमैन शिशिर बैजल ने कहा, "इस सेक्टर ने कई होम लोन की ब्याज दर में 6.5 प्रतिशत के निचले स्तर से 8.75 प्रतिशत तक की वृद्धि का सामना किया है। अब ब्याज दरों में कोई भी बढ़ोत्तरी नहीं होने से हाउसिंग सेक्टर में मौजूदा ग्रोथ मोमेंटम को और अधिक सपोर्ट मिलेगा।"
आज सुबह 11:30 बजे पूर्वांकरा (Puravankara), डीबी रियल्टी (DB Realty), गोदरेज प्रॉपर्टीज (Godrej Properties), ओबेरॉय रियल्टी (Oberoi Realty) और डीएलएफ (DLF) के शेयर 2-6 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे।
भारत के सभी प्रमुख बैंकों ने अपने आवास ऋणों को रेपो दर से जोड़ दिया है। जिससे पॉलिसी रेट्स का तेजी से ट्रांसमिशन संभव हो गया है। लेकिन ईएमआई बढ़ने के बावजूद भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र अपनी विकास दर को बनाए रखने में कामयाब रहा है।
2023 की पहली तिमाही में आवासीय बाजारों ने सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की मजबूत बिक्री वृद्धि दर्ज की। जबकि यह 15 साल के उच्च स्तर पर भी पहुंच गया।
मुख्य अर्थशास्त्री और जेएलएल के रिसर्च एंड आरईआईएस, इंडिया, हेड डॉ. सामंतक दास ने कहा कि अफोर्डेबिलिटी धीरे-धीरे तनाव में आ रही थी। अप्रैल 2022 से होम लोन की ईएमआई में 15-17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी अवधि के दौरान घर की कीमतों में भी 4-12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस प्रकार पॉलिसी दरों में मौजूदा यथास्थिति बनाये रखने सेक्टर को कुछ राहत मिलेगी।
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