Real Estate Stocks: रियल एस्टेट शेयरों में लगातार सातवें दिन गिरावट, क्या IT सेक्टर में छंटनी का दिख रहा असर?
Real Estate Stocks: रियल एस्टेट शेयर लगातार सातवें दिन गिरे हैं और निफ्टी रियल्टी नौ महीने के निचले स्तर पर है। आईटी सेक्टर में छंटनियों और AI के असर से हाउसिंग डिमांड कमजोर हुई है। जानिए गिरावट की वजह और आगे का आउटलुक।
बुधवार के कारोबार में Anant Raj के शेयर करीब 3 प्रतिशत तक गिरे।
Real Estate Stocks: शेयर बाजार में 14 जनवरी को रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में लगातार सातवें सत्र में गिरावट दर्ज की गई। इस कमजोरी के पीछे सबसे बड़ा कारण आईटी सेक्टर में जारी छंटनी मानी जा रही हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि इन छंटनियों का असर हाउसिंग डिमांड पर पड़ रहा है और यही दबाव अब रियल्टी स्टॉक्स में साफ दिख रहा है।
निफ्टी रियल्टी करीब नौ महीने के निचले स्तर पर
बुधवार सुबह के कारोबार में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 1.7 प्रतिशत टूटकर 843.60 के स्तर पर पहुंच गया था, जो लगभग नौ महीने का निचला स्तर है। बीते सात कारोबारी सत्रों में यह सेक्टोरल इंडेक्स कुल मिलाकर करीब 8 प्रतिशत गिर चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
आज किन रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दिखी?
बुधवार के कारोबार में Anant Raj के शेयर करीब 3 प्रतिशत तक गिरे। Signatureglobal (India) के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। Prestige Estates के शेयर भी करीब 2 प्रतिशत टूटे। Macrotech Developers यानी Lodha, Brigade Enterprises और Phoenix Mills के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
Godrej Properties के शेयरों में भी करीब 1 प्रतिशत की कमजोरी रही। Oberoi Realty और DLF के शेयर भी लाल निशान में बने रहे। Sobha के शेयर भी शुरुआत में लाल निशान में थे, लेकिन बाद में 1 प्रतिशत से चढ़े।
क्या IT सेक्टर की छंटनियां ही असली वजह हैं?
भारतीय आईटी सेक्टर में बीते साल बड़े पैमाने पर छंटनियां देखने को मिली थीं, जो अब इस साल भी जारी हैं। पिछले साल टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने बताया था कि वह 2026 तक अपने कुल कर्मचारियों में से करीब 2 प्रतिशत यानी 12,000 से ज्यादा लोगों को निकालेगी। ताकि कंपनी तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में खुद को ज्यादा चुस्त बना सके।
TCS ने 12 जनवरी को बताया कि उसने दूसरी तिमाही में 6,000 कर्मचारियों को रिलीज किया है। वहीं, दिसंबर तिमाही में करीब 1,800 कर्मचारियों की संख्या कम हुई।
HCLTech ने भी 12 जनवरी को अपने तीसरी तिमाही के नतीजों के साथ बताया कि उस दौरान कर्मचारियों की संख्या में 261 की शुद्ध कमी आई। दिसंबर के अंत तक कंपनी का कुल कर्मचारी आधार 2,26,379 रह गया। हालांकि कंपनी ने यह साफ नहीं किया कि इनमें से कितने कर्मचारियों ने स्वेच्छा से कंपनी छोड़ी और कितनों की छंटनी हुई।
हाउसिंग डिमांड पर क्यों पड़ रहा है सीधा असर?
एनालिस्ट्स का कहना है कि आईटी सेक्टर की छंटनियों का सीधा असर उन शहरों में हाउसिंग डिमांड पर पड़ा है, जहां आईटी प्रोफेशनल्स बड़ी संख्या में रहते हैं। RPS Group के डायरेक्टर शशांक गुप्ता के मुताबिक, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट की मांग कमजोर पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि मिड से प्रीमियम सेगमेंट में बिक्री पहले ही सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत घट चुकी है और आगे भी इसमें कमजोरी बनी रह सकती है। नौकरी को लेकर अनिश्चितता के चलते लोग घर अपग्रेड करने के बजाय किराये पर रहना ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
AI और ऑटोमेशन को लेकर बाजार की चिंता
शशांक गुप्ता का कहना है कि निफ्टी रियल्टी अपने ऊपरी स्तरों से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुका है, जो यह दिखाता है कि बाजार पहले ही AI से होने वाले संभावित असर को काफी हद तक कीमतों में शामिल कर चुका है।
उनके मुताबिक, 2027 तक करीब 30 प्रतिशत आईटी नौकरियां ऑटोमेशन के कारण प्रभावित हो सकती हैं, जो लग्जरी हाउसिंग की मांग को सपोर्ट करती हैं। रियल एस्टेट शेयरों में आगे की चाल RBI की ब्याज दर कटौती और नीतिगत सुधारों पर निर्भर करेगी, जो 2026 की दूसरी तिमाही तक बाजार को कुछ राहत दे सकते हैं।
टियर-1 शहरों में मांग घटी, डेवलपर्स पर बढ़ा दबाव
Forteasia Realty के बिजनेस डेवलपमेंट GM केशव मंगल ने Anarock के डेटा का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि 2024 से अब तक फिनटेक सेक्टर में 1 लाख से ज्यादा छंटनी हुई हैं। इसकी वजह से टियर-1 शहरों में हाउसिंग डिमांड करीब 12 प्रतिशत घट चुकी है।
इस गिरावट के चलते डेवलपर्स को कैश फ्लो संभालने में मुश्किल हो रही है। कई कंपनियां अपना इन्वेंट्री तेजी से बेचने के लिए मजबूर हो रही हैं।
रियल एस्टेट शेयरों के लिए ‘दोधारी तलवार’ हालात
केशव मंगल का कहना है कि शेयर बाजार अभी AI के खतरे को पूरी गंभीरता से नहीं ले रहा। जनरेटिव AI के चलते 20 से 25 प्रतिशत कोडिंग जॉब्स पर असर पड़ सकता है, जिससे HNI निवेश घटेगा। यही निवेश लग्जरी प्रॉपर्टी लॉन्च का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
Goel Ganga Developments के डायरेक्टर अनुराग गोयल के मुताबिक, FY27 तक आईटी छंटनियां 2 लाख तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में यह स्थिति रियल एस्टेट शेयरों के लिए दोधारी तलवार जैसी है, खासकर तब जब सेक्टर पहले ही मल्टी-मंथ लो लेवल्स पर कारोबार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आईटी पर निर्भर बाजारों में खरीदारी की क्षमता और कमजोर होगी, जहां करीब 35 प्रतिशत होम लोन लिए जाते हैं।
रियल एस्टेट स्टॉक्स के लिए आगे का रास्ता कैसा है?
अनुराग गोयल का कहना है कि Brigade और Sobha जैसे शेयरों के ऐतिहासिक निचले स्तर निवेशकों के उस डर को दिखाते हैं, जिसमें उन्हें लंबे समय तक बिक्री में सुस्ती का अंदेशा है। तीसरी तिमाही 2025 में नए प्रोजेक्ट लॉन्च पहले ही 18 प्रतिशत घट चुके हैं।
उनके मुताबिक, शेयर बाजार AI से जुड़े जोखिमों को अभी आंशिक रूप से ही कीमतों में शामिल कर रहा है। Infosys जैसी कंपनियों के ऑटोमेशन की ओर बढ़ने से मिड-लेवल टैलेंट प्रभावित हो रहा है। इसका असर 10 लाख से 30 लाख रुपये कीमत वाले घरों की मांग पर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी तरह का स्टिमुलस यानी राहत पैकेज नहीं आया, तो रियल एस्टेट शेयरों में अभी 8 से 10 प्रतिशत तक की और गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्या इस गिरावट में कोई राहत की उम्मीद भी है?
आईटी छंटनियों और AI बेस्ड एफिशिएंसी को लेकर चिंताओं के बीच कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हालात पूरी तरह नकारात्मक नहीं हैं। INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि बाजार फिलहाल ऑफिस डिमांड में गिरावट को कीमतों में शामिल कर रहा है, न कि किसी बड़े क्रैश को।
उनके मुताबिक, AI अभी मांग खत्म करने वाला नहीं बल्कि उत्पादकता बढ़ाने वाला टूल है। यह ऑफिस स्पेस के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है, लेकिन फिजिकल ऑफिस की जरूरत खत्म नहीं होगी। खासकर, कोलैबोरेशन और क्लाइंट-फेसिंग भूमिकाओं के लिए।
दसानी ने कहा कि रेजिडेंशियल डिमांड अभी भी टेक सेक्टर के बाहर स्थिर रोजगार, मजबूत बैलेंस शीट्स और कम सट्टेबाजी सप्लाई की वजह से टिकी हुई है। निकट भविष्य में थोड़ी कंसोलिडेशन जरूर हो सकती है, लेकिन संरचनात्मक तौर पर यह सेक्टर टूट नहीं रहा, बल्कि खुद को नए हालात के हिसाब से ढाल रहा है।
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