REC के शेयर में 10 लाख छोटे शेयरधारकों ने लगाया पैसा; LIC ने भी खरीदी हिस्सेदारी, म्यूचुअल फंड्स ने घटाई

REC Ltd Shares: आरईसी लिमिटेड ने हाल ही में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) अपने जून तिमाही तक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न को अपलोड किया। इससे पता चलता है कि कंपनी में घरेलू म्यूचुअल फंडों की हिस्सेदारी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मामूली रूप से घटी है। दूसरी तरफ छोटे रिटेल निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने कंपनी में अपनी-अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है

अपडेटेड Jul 17, 2024 पर 1:06 PM
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REC Ltd Shares: जून तिमाही के दौरान REC के शेयरों में 16.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई

REC Ltd Shares: आरईसी लिमिटेड ने हाल ही में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) अपने जून तिमाही तक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न को अपलोड किया। इससे पता चलता है कि कंपनी में घरेलू म्यूचुअल फंडों की हिस्सेदारी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मामूली रूप से घटी है। दूसरी तरफ छोटे रिटेल निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने कंपनी में अपनी-अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। जून तिमाही के अंत में, 38 घरेलू म्यूचुअल फंडों के पास REC की 9.11% हिस्सेदारी है। यह मार्च तिमाही के दौरान उनके पास मौजूद 9.48% हिस्सेदारी से कम है। हालांकि, मार्च के अंत में REC हिस्सेदारी रखने वाले कुल म्यूचुअल फंडों की कुल संख्या 36 थी।

जून तिमाही के दौरान REC में हिस्सेदारी घटाने वाले प्रमुख फंड में, HDFC म्यूचुअल फंड भी शामिल है। इसके पास जून तिमाही के अंत में कंपनी की 1.63% हिस्सेदारी थी, जो मार्च तिमाही के अंत तक 2.52% थी।

जून के शेयरहोल्डिंग आंकड़े में एक और नाम निकल साने आया है, देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC यानी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का। LIC के पास REC में अब 1.07% हिस्सेदारी है। मार्च तिमाही के अंत तक शेयरधारकों की सूची में LIC का नाम शामिल नहीं था।


विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भी मार्च तिमाही की तुलना में कंपनी में अपनी हिस्सेदारी मामूली बढ़ाई है। FPI के पास अब REC का 20.43% हिस्सेदारी है, जबकि मार्च में उनके पास 19.92% हिस्सेदारी था।

इसके साथ ही छोटे रिटेल निवेशकों की इस सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ी है। कंपनी में छोटे शेयरधारकों की कुल संख्या अब बढ़कर 10 लाख पहुंच गई है, जबकि मार्च तिमाही के अंत में 7.4 लाख छोटे शेयरधारक थे। बता दें कि 2 लाख रुपये से कम निवेश वाले शेयरधारकों को छोटे रिटेल शेयरधारक कहा जाता है। सिर्फ REC ही नहीं, बल्कि कई दूसरे PSU शेयरों में भी छोटे रिटेल शेयरधारकों की हिस्सेदारी जून तिमाही के दौरान बढ़ी है।

अगर शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो, जून तिमाही के दौरान REC के शेयरों में 16.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे के आने के बाद कंपनी के शेयरो में 25 फीसदी की भारी गिरावट आई थी। हालांकि इसके बाद शेयरों में उछाल आया है। इस महीने की शुरुआत में इसने अपने सभी नुकसानों की भरपाई कर ली और नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।

REC के शेयर मंगलवार को 2.5 फीसदी गिरकर 617.4 रुपये के भाव पर बंद हुए। शेयर का मार्केट कैप अब 1.6 लाख करोड़ रुपये है। इस साल अबतक कंपनी के शेयरों में करीब 50% की तेजी आ चुकी है। जून और फरवरी को छोड़कर लगभग हर महीने इस शेयर ने पॉजिटिव रिटर्न दिया है। जुलाई के महीने में अब तक शेयर में 17% की तेजी आ चुकी है।

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