Reliance Industries का मार्केट कैप 19.5 लाख करोड़ रुपये के पार, शेयरों में 7% की दमदार रैली

Reliance Industries के शेयरों में यह तेजी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक वॉल्ट डिज्नी (Walt Disney) की इंडिया यूनिट की खरीद को लेकर रिलायंस (Reliance) के साथ चल रही बातचीत में इसका वैल्यूएशन आधा हो गया है

अपडेटेड Jan 29, 2024 पर 4:23 PM
रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) का मार्केट कैप 19.50 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है।
     
     
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    रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) का मार्केट कैप 19.50 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है। कंपनी के शेयरों में आज 29 जनवरी को करीब 7 फीसदी की तेजी आई है। इस समय यह स्टॉक 6.70 फीसदी बढ़कर 2890.45 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, इंट्राडे में इसने 2,895.10 रुपये के रिकॉर्ड हाई को छू लिया। स्टॉक का 52-वीक लो 2,012.14 रुपये है। बता दें कि दिसंबर में RIL के शेयरों में 9 फीसदी की तेजी आई थी। वहीं, पिछले साल नवंबर में 4% बढ़ने के बाद जनवरी में स्टॉक में 8% की बढ़ोतरी हुई है।

    Reliance-Disney Deal : वैल्यूएशन हुआ आधा

    दरअसल, कंपनी के शेयरों में यह तेजी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक वॉल्ट डिज्नी (Walt Disney) की इंडिया यूनिट की खरीद को लेकर रिलायंस (Reliance) के साथ चल रही बातचीत में इसका वैल्यूएशन आधा हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बातचीत के बाद डिज्नी की भारत की संपत्ति का मूल्य अब लगभग 4.5 अरब डॉलर है, जबकि इसकी पहले की मांग 10 अरब डॉलर थी।


    कंबाइंड एंटिटी का लक्ष्य 11 अरब डॉलर का वैल्यूएशन करना है, जिसमें डिज्नी की 40 फीसदी हिस्सेदारी है। ब्लूमबर्ग ने बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास एंटिटी में 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी और यह डील फरवरी में फाइनल हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोनी और जी एंटरटेनमेंट के बीच 10 अरब डॉलर के विलय टूटने से एक संभावित प्रमुख कंपटिटर को हटा दिया गया है।

    Q3 में कैपिटल एक्सपेंडिचर 30,100 करोड़

    तीसरी तिमाही में कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर 30,100 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही से 22 फीसदी कम है। यह गिरावट पूरे भारत में 5G रोलआउट पूरा करने के बाद Jio द्वारा खर्च में कमी और लिमिटेड स्पेस एक्सपेंशन के कारण रिटेल में कम कैपिटल एक्सपेंडिचर के कारण थी।

    जेफरीज इंडिया ने कहा, "हमें उम्मीद है कि FY24 में रिटेल कैपिटल एक्सपेंडिचर में सालाना आधार पर 15,000 करोड़ रुपये की गिरावट आएगी और इसके बाद FY25 में इसमें और गिरावट आएगी। इसके साथ ही, FY25 में जियो के हेडलाइन कैपिटल एक्सपेंडिचर में 30000 करोड़ रुपये की कमी आनी चाहिए, जिससे FCF (फ्री कैश फ्लो) में सुधार करने में मदद मिलेगी और नेट डेट में वृद्धि की चिंता कम होगी।"

    एनालिस्ट्स के अनुसार, 5G रोलआउट पूरा होने के करीब आते ही दिसंबर तिमाही में कैपिटल एक्सपेंडिचर में कमी आ गई। RIL ने पिछले तीन सालों में नेगेटिव फ्री कैश फ्लो का सामना किया है, जिसकी मुख्य वजह टेलीकॉम से जुड़े खर्च हैं। इन खर्चों के कम होने और सालाना 20 अरब डॉलर के EBITDA रन रेट के साथ RIL को अगले दो सालों में पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो जनरेट करने का अनुमान है।

    हालांकि, अन्य कैपिटल एक्सपेंडिचर लायबिलिटी के री-पेमेंट के कारण तिमाही आधार पर 31 दिसंबर को समाप्त तीन महीनों में नेट डेट में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। एनालिस्ट्स ने भविष्य में इसमें डाउनवर्ड ट्रेंड की भविष्यवाणी की है। ब्रोकरेज हाउस CITI ने अपनी हालिया रिपोर्ट में स्टॉक को Neutral रेटिंग दी है और 2,910 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।

    (डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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