ITC Q1 results: आईटीसी ने 31 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 27 फीसदी गिरकर 3,579 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 3,990 करोड़ रुपये प्रॉफिट के अनुमान से कम है। हांलांकि, ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़कर 26,943 करोड़ रुपये रहा।
कारोबार पर पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई का असर
ITC ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का एलान किया। कंपनी के शेयर पर नतीजों का असर 3 अगस्त यानी सोमवार को दिखेगा। कंपनी ने कहा, "पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई की वजह से कारोबारी माहौल में काफी अनिश्चितता रही। क्रूड ऑयल और क्रूड से लिंक्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इससे अलावा व्यापार और सप्लाई चेन में काफी बाधा आई।"
ग्रामीण और शहरी इलाकों में मांग मजबूत
आईटीसी ने कहा कि ग्रामीण और शहरी बाजारों में जून तिमाही में मांग मजबूत रही। लेकिन, आगे इनफ्लेशन पर नजर रखनी होगी। आगे मानसून एक बड़ा फैक्टर होगा। अभी मानसून की बारिश कम है। पिछले साल के मुकाबले खरीफ फसलों की बुवाई भी कम है। मानसून के साथ ही पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी।
EBITDA 27.9% बढ़कर 5414 करोड़ रहा
जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 27.9 फीसदी घटकर 4,514 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,262 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन 26.7 फीसदी रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 31.7 फीसदी था। कंपनी के एफएमसीजी बिजनेस की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 12 फीसदी रही।
जून तिमाही में बेवरेज कैटेगरी की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग
कंपनी के डिजिटल-फर्स्ट और ऑर्गेनिक पोर्टफोलियो का एनुअल रेकरिंग रेवेन्यू करीब 1,500 करोड़ रुपये रहा। इसमें योगाबार, 24 मंत्रा, Prasuma & Meatigo और मदर स्पर्श जैसे ब्रांड्स शामिल हैं। जून तिमाही में बेवरेजेज कैटेगरी की ग्रोथ भी स्ट्रॉन्ग रही। इसे गर्मी के सीजन का सपोर्ट मिला।
एग्रीकल्चर बिजनेस का रेवेन्यू 353 करोड़ रुपये
कंपनी के एग्रीकल्चर बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में 353 करोड़ रुपये रहा। वैल्यू-एडेड एग्री पोर्टफोलियो की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। इसमें मसाले, फल और सब्जियां शामिल हैं। पेपर सेगमेंट भी स्ट्रॉन्ग ग्रोथ दिखी। इस सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 9 फीसदी बढ़ा। कंपनी का शेयर 31 जुलाई को 1.4 फीसदी गिरकर 281 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 32 फीसदी गिरा है।