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रेलिगेयर एंटरप्राइजेज पर उसके सबसे बड़े शेयरहोल्डर की नजर, जानिए बिजनेस हथियाने की पूरी कहानी

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर बर्मन परिवार है। बर्मन परिवार इस फाइनेंशियल कंपनी पर कब्जा करना चाहता है लेकिन रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की चेयरपर्सन रश्मि सलूजा और बोर्ड मेंबर्स इस अधिग्रहण को रोकने की तमाम कोशिशे कर रहे हैं, जानिए क्या है पूरा मामला

Pratima Sharmaअपडेटेड Sep 28, 2024 पर 6:41 AM
रेलिगेयर एंटरप्राइजेज पर उसके सबसे बड़े शेयरहोल्डर की नजर, जानिए बिजनेस हथियाने की पूरी कहानी
। क्या ये फाइनेंशियल कंपनी खुद को जबरन अधिग्रहण करने से बचा पाएगी। या फिर इस फाइनेंशियल कंपनी की किस्मत हमेशा के लिए बदलने वाली है

एक बड़ी फाइनेंशियल कंपनी खुद को अपने ही शेयरहोल्डर से बचाने की कोशिश कर रही है। कंपनी का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर उस पर जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। क्या ये फाइनेंशियल कंपनी खुद को जबरन अधिग्रहण करने से बचा पाएगी। या फिर इस फाइनेंशियल कंपनी की किस्मत हमेशा के लिए बदलने वाली है।

यहां बात हो रही है फाइनेंशियल सर्विसेज मुहैया कराने वाली कंपनी रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की। कंपनी का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है डाबर का बर्मन परिवार। और अब ये बात किसी से छिपी नहीं है कि बर्मन परिवार साम दाम दंड भेद.. कुछ भी करके रेलिगेयर एंटरप्राइज पर अपना अधिकार करना चाहती है। बर्मन परिवार देश के पुराने कारोबारी घरानों में से एक है। इनकी कंपनी और ब्रांड डाबर है जिसे हर घर में जगह मिल चुकी है। बर्मन परिवार का कारोबारी घराना 100 साल से भी ज्यादा पुराना है।

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज पर कब्जा चाहती है बर्मन परिवार

एक तरफ बर्मन परिवार रेलिगेयर एंटरप्राइजेज पर कब्जे की तमाम कोशिशें कर रहा है तो दूसरी तरफ रेलिगेयर एंटरप्राइजेज का मैनेजमेंट कंपनी को बचाने के लिए हर प्रयास करने में लगा है। इन सबके बीच एक मुश्किल ये भी है कि रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की चेयरपर्सन रश्मि सलूजा पर इनसाइडर ट्रेडिंग करने का आरोप है। इस मामले में सेबी उन्हें कारण बताओ नोटिस भी भेज चुका है। रश्मि सलूजा को ये नोटिस भेजने से करीब एक महीना पहले सेबी ने कंपनी और इसके बोर्ड को कहा था कि बर्मन ग्रुप की तरफ से ओपन ऑफर लाने की तैयारी की जाए।

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