Stock Market: क्या स्टॉक मार्केट क्रैश करने जा रहा है? जानिए रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने क्या कहा है

रॉबर्ट कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 28 अप्रैल को एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने दुनिया में बढ़ते कर्ज, मनी सप्लाई में इजाफा और शेयर बाजार में लगातार अनिश्चितता के बारे में बताया। उनका मानना है कि इन वजहों से कई एसेट क्लास में बड़ी गिरावट आएगी

अपडेटेड Apr 29, 2026 पर 5:48 PM
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रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि मार्केट क्रैश उन लोगों के लिए वेल्थ बनाने का ब़ड़ा मौका होता है, जो पहले से तैयार होते हैं।

मशहूर किताब रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने मार्केट में बड़ी गिरावट का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा है कि 2026 से 2027 के बीच स्टॉक मार्केट क्रैश करेगा। उन्होंने कहा है कि यह गिरावट बहुत भयावह होगी। उन्होंने इसकी तुलना 'ग्रेट डिप्रेशन' यानी महामंदी से की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है।

कियोसाकी ने यह पोस्ट 28 अप्रैल को किया। उन्होंने दुनिया में बढ़ते कर्ज, मनी सप्लाई में इजाफा और शेयर बाजार में लगातार अनिश्चितता का जिक्र किया। उनका मानना है कि इन वजहों से कई एसेट क्लास में बड़ी गिरावट आएगी। पहले से ही शेयर बाजार, बॉन्ड्स और सोने-चांदी जैसे एसेट क्लास में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में कियोसाकी का यह अनुमान डराने वाला है।

रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने हालांकि कहा है कि इनवेस्टर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि मार्केट क्रैश उन लोगों के लिए वेल्थ बनाने का ब़ड़ा मौका होता है, जो पहले से तैयार होते हैं। उनके मुताबिक, बड़ी गिरावट आने पर अनुशासित निवेशकों को बहुत कम प्राइस पर हाई क्वालिटी एसेट्स में निवेश बढ़ाने का मौका मिलता है। कियोसाकी का यह विचार 1977 की उनकी बेस्टसेलर में शामिल उनके सिद्धांत का हिस्सा है। वह हर मार्केट साइकिल में निवेश में अपनी इस सोच का इस्तेमाल करते हैं।


कियोसाकी के निवेश के छह सबसे बड़े सिद्धांत:

1. एसेट और लायबिलिटीज के बीच के फर्क को समझें

उनका मानना है कि अमीर लोगों की एसेट्स बढ़ती है, जबकि दूसरे लोगों की लायबिलिटीज बढ़ती हैं। एसेट्स से इनकम होती है, जबकि लायबिलिटीज से पैसा निकलता है। वेल्थ क्रिएशन के लिए इस फर्क को समझना जरूरी है।

2. रुपये-पैसों से जुड़े मामलों की समझ बढ़ाएं

कियोसाकी का मानना है कि सिर्फ पैसे कमाना पर्याप्त नहीं है। रुपये-पैसे से जुड़े मसलों की समझ जरूरी है। इसमें अकाउंटिंग, टैक्सेज, इनवेस्टमेंट्स और मार्केट विहेबियर शामिल हैं।

3. कैश फ्लो पर जरूरी है फोकस

कियोसाकी का मानना है कि एक्टिव इनकम और पैसिव इनकम के बीच के फर्क को समझना जरूरी है। एक्टिव इनकम का मतलब उस पैसे से है, जो हमें काम करने से मिलता है। पैसिव इनकम का मतलब निवेश और बिजनेस से होने वाली इनकम है। उनका मानना है कि पैसिव इनकम बढ़ाना जरूरी है।

4. रिस्क से भागने की जगह मैनेज करें

उनका मानना है कि इनवेस्टमेंट और रिस्क के बीच गहरा रिश्ता है। रिस्क को हम खत्म नहीं कर सकते, लेकिन इसे मैनेज कर सकते हैं। खासकर इसे तब मैनेज करना जरूरी हो जाता है जब एसेट्स क्लासेज में बड़ी गिरावट आती है।

5. टैक्स बचाने के तरीकों पर फोकस

उन्होंने टैक्स बचाने के तरीकों पर फोकस करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अमीर लोग बिजनेसेज और कंपनियां बनाकर टैक्स बचाने की कोशिश करते हैं। इससे उनके पास निवेश करने के लिए ज्यादा पैसे बचते हैं। इससे वे और अमीर बनते हैं।

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6. मार्केट में गिरावट के समय धैर्य बनाए रखें

कियोसाकी का मानना है कि बाजार में बड़ी गिरावट के समय धैर्य बनाए रखना जरूरी है। वॉरेन बफे, चार्ली मुंगेर और पीटर लिंच की तरह कियोसाकी भी मानते हैं कि बाजार में गिरावट निवेश का बड़ा मौका है। उनका मानना है कि मंदी के दौरान वेल्थ का ट्रांसफर होता है। वेल्थ उन निवेशकों के हाथों से निकल जाती है, जो तैयार नहीं होते हैं। यह उन निवेशकों के पास जाती है, जो पहले से तैयार होते हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

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