RIL Share Price : जियो IPO ने दिया तगड़ा बूस्टर डोज, 3% भागा रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर
Reliance Industries Share Price : गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने 30,213 करोड़ रुपये के IPO का प्राइस बैंड घोषित कर दिया है। रेलिगेयर ब्रोकिंग और मोतीलाल ओसवाल को इसमें वैल्यू अनलॉक होने और RIL की री-रेटिंग की संभावना दिख रही है। इसके चलते RIL के शेयरों में भारी खरीदारी देखने को मिल रही है
RIL Share Price : IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने के लिए करने का प्रस्ताव,RIL में निवेश के नजरिए से एक और अहम पहलू है। रेलिगेयर ब्रोकिंग को उम्मीद है कि रिलायंस जियो इन्फोकॉम द्वारा कर्ज चुकाने से ब्याज खर्च कम होगा
Reliance Industries Share Price : गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी आई है, जिससे यह निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहा है। कंपनी की टेलीकॉम और डिजिटल सब्सिडियरी, जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने 30,213 करोड़ रुपये के आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए प्राइस बैंड की घोषणा की है। भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO के रूप में प्रस्तावित इस लिस्टिंग से RIL की वैल्यू अनलॉक होने और इसकी रेटिंग में संभावित सुधार की उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं। ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस कंपनी को लेकर बुलिश रुख जाहिर किया है, इसके चलते आज इस शेयर को बूस्ट मिला है।
आज के कारोबार में RILके शेयर करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 1,207 रुपये पर पहुंच गए, जिससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 16.32 लाख करोड़ रुपये के आसपास आ गई। यह तेजी जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा अपने IPO के लिए 1,065-1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय करने की घोषणा के बाद आई है। यह IPO 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।
प्राइस बैंड के ऊपरी छोर पर,जियो प्लेटफॉर्म्स 27 करोड़ नए शेयर जारी करके 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगा। यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,859 करोड़ रुपये के IPO से भी बड़ा होगा। इस इश्यू के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये (या 108 अरब डॉलर) बैठता है।
इसके पहले आए कई बड़े IPOs से अलग,जियो के IPOमें पूरी तरह से नए शेयर जारी किए जाएंगे और इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। IPO से मिलने वाली कुल रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल कंपनी की मुख्य सब्सिडियरी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा। एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग 19 अक्टूबर को होगी,जबकि शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।
Jio IPO से RIL की री-रेटिंग होने की उम्मीद: रेलिगेयर ब्रोकिंग
रेलिगेयर ब्रोकिंग का मानना है कि Jio प्लेटफॉर्म्सकी प्रस्तावित लिस्टिंग, रिलायंस इंडस्ट्रीज की री-रेटिंग के लिए एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकती है। इससे कंपनी के सबसे बड़ी ग्रोथ एसेट के लिए एक स्वतंत्र मार्केट वैल्यूएशन तय होगा और समूह के 'सम-ऑफ-द-पार्ट्स' (SOTP) वैल्यूएशन में पारदर्शिता आएगी। ब्रोकरेज ने RIL को 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 1,696 रुपये तय किया है। गुरुवार के 1,207 रुपये के ट्रेडिंग प्राइस के हिसाब से इसमें लगभग 40.5 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है। रेलिगेयर का कहना है कि जियो की स्वतंत्र प्राइस डिस्कवरी से RIL स्टॉक के लिए 'होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट' को कम करने में मदद मिल सकती है। ब्रोकरेज की सलाह है कि जियो के मार्केट में लिस्ट होने का इंतज़ार करने के बजाय,उसकी लिस्टिंग से पहले ही RIL के शेयर जमा कर लेने चाहिए।
मोतीलाल ओसवाल को भी नजर आ रही वैल्यू अनलॉकिंग की संभावना
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के जरिए वैल्यू अनलॉक होने की संभावना पर भी जोर दिया है। उसका कहना है कि RIL के शेयर की कीमत में इसके डिजिटल बिजनेस के लिए पहले से ही एक बड़ा 'होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट' शामिल है। हाल ही में जारी एक नोट में, ब्रोकरेज फर्म ने अनुमान लगाया है कि RIL के वैल्यूएशन में जियो प्लेटफॉर्म्स में उसकी लगभग 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी पर 18-36 प्रतिशत का डिस्काउंट शामिल है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स को क्या वैल्यूएशन मल्टीपल दिया गया है।
मोतीलाल ओसवाल ने RIL पर अपनी 'बाय' (खरीदने की) रेटिंग बरकरार रखी है और SOTP-आधारित टारगेट प्राइस 1,530 रुपये तय किया है। यह गुरुवार के ट्रेडिंग प्राइस से लगभग 26.8 प्रतिशत अधिक है। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि भले ही निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स में सीधे निवेश करने का विकल्प मिल जाए, फिर भी RIL के जरिए उन्हें कंपनी के रिटेल, एनर्जी और उभरते व्यवसायों में निवेश का मौका मिलता रहेगा।
Jio का कर्ज घटने और टैरिफ में बढ़ोतरी से अर्निंग के मिलेगा सपोर्ट
IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने के लिए करने का प्रस्ताव,RIL में निवेश के नजरिए से एक और अहम पहलू है। रेलिगेयर ब्रोकिंग को उम्मीद है कि रिलायंस जियो इन्फोकॉम द्वारा कर्ज चुकाने से ब्याज खर्च कम होगा, नेट प्रॉफिट मार्जिन में सुधार आएगा और फ्री कैश फ्लो जनरेशन में तेजी आएगी। इसके अलावा प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) में बढ़ोतरी, 5G प्रीमियम सेवाओं और डिजिटल सेवाओं से भी कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिलेगा।
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि जियो के IPO और वोडाफोन आइडिया की प्रस्तावित फंड जुटाने की योजना के बाद, टेलीकॉम टैरिफ बढ़ाने की संभावना और मजबूत होगी। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 में स्मार्टफोन टैरिफ में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। उसका मानना है कि इससे FY26-29 के दौरान EBITDA में लगभग 15 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ हासिल करने में मदद मिल सकती है।
रिलायंस रिटेल, O2C और न्यू एनर्जी बने रहेंगे ग्रोथ ड्राइवर
रेलिगेयर को उम्मीद है कि जियो के अलावा,रिलायंस रिटेल को स्टोर विस्तार और डिजिटल कॉमर्स में बढ़ोतरी से फायदा मिलेगा। वहीं,ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार को रिफाइनिंग इकोनॉमिक्स में सुधार और पेट्रोकेमिकल्स सेक्टर में रिकवरी से फायदा होगा। सोलर,एनर्जी स्टोरेज और हाइड्रोजन में ग्रुप का निवेश लंबी अवधि के विकास के अवसर प्रदान करेगा।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।