बाजार में टैरिफ वॉर का दर्द बढ़ता ही जा रहा है। RBI की ओर से दरों में कटौती और पॉलिसी STANCE में बदलाव भी बाजार में जोश नहीं भर पाया। ऐसे में निवेशकों को क्या करना चाहिए? किन सेक्टर्स के वैल्युएशन बेहद आकर्षक होंगे। इसी पर बात करते हुए INVASSET PMS के रिसर्च हेड अनिरुद्ध गर्ग का कहना है कि बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अच्छा नहीं है। बाजार में रिस्क फैक्टर काफी ज्यादा है। टैरिफ वॉर से बाजार में काफी रिस्क बढ़ सकता है। लेकिन इस वौलेटाइल समय में निवेशक लंबे समय के लिए धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं।
एफएमसीजी, एनबीएफसी स्पेस अच्छा
इस बाचतीच में अनिरुद्ध गर्ग ने आगे कहा कि एफएमसीजी स्पेस अच्छा लग रहा है क्योंकि चीजें सस्ती हो रही है। कच्चे तेल में गिरावट के कारण एविएशन कंपनियां अच्छी लग रही है। उनका कहना है कि जितनी भी इंडिया सेंट्रिक कंपनी है उनमें कोई प्रॉब्लम नजर नहीं आ रही है और उनपर बाजार का तवोज्ज भी बढ़ जाएगा। कुछ इंडिया सेंट्रिक कंपनियां है भारत में जिनमें री-रेटिंग फिर से बढ़ेगी।
अनिरुद्ध गर्ग ने कहा कि एनबीएफसी में बजाज फाइनेंस अच्छा है। वहीं बैंकिंग में एचडीएफसी बैंक जैसे शेयर अब रडार पर आ सकते है। अगले कुछ महीनों में सेक्टर लीडर्स पर बाजार का फोकस बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि नया निवेश फिलहाल लीडर्स पर ही करना चाहिए।
OMCs में लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन होना मुश्किल
अनिरुद्ध गर्ग ने आगे कहा कि OMCs में लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन होना मुश्किल है। कैपेक्स पर सरकार के पहले बड़ा पुश था जो अब थोड़ा नरम पड़ा है। कैपेक्स पर पिछले साल हम जितना बुलिश थे इस वक्त हम इसपर बुलिश नहीं है। साथ ही उनका कहना है कि अभी मिडकैप में अभी दांव लगाने का वक्त नहीं है।
एक्सचेंज, डिपॉजिटरी, ब्रोकर्स जैसे कंपनियों में दिखेगी तेजी
कैपिटल सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेक्टर को लेकर अपना नजरिया बाजार बदलेगा। इंडियन रिटेल जिसके लिए एफडी एक बहुत बड़ा इन्वेस्टमेंट ट्रूल था। उसने पिछले 4-5 साल में स्टॉक मार्केट की तरफ एसआईपी के जरिए निवेश करना शुरु किया है। कैपिटल मार्केट इंफ्रा स्ट्रक्चर स्पेस में चाहे आप एक्सचेंज, डिपॉजिटरी, ब्रोकर्स जैसे सभी कंपनियां अगले 2-3 सालों में बुल रन में रहनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।