शेयर बाजार में पिछले 6 कारोबारी सेशन में 24 लाख करोड़ के मार्केट कैप का नुकसान देखने को मिला है। फॉरेन फंडों की निकासी और ग्लोबल ट्रे़ड को लेकर चिंताओं की वजह से बाजार में गिरावट तेज है। बाजार में नेगेटिव मूड के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं तेज हो गई हैं। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि मार्केट ओवरसोल्ड जोन में है और शॉर्ट टर्म रिकवरी मुमकिन है।
सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों सूचकांकों में 12 फरवरी को गिरावट तेज है। कारोबार के दौरान निफ्टी 23,000 से नीचे पहुंच गया। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज में चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने निवेशकों को लार्ज कैप स्टॉक्स पर फोकस करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, 'शेयर बाजार में मौजूदा कमजोरी मिड और स्मॉलकैप शेयरों से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है, जहां अभी ओवरवैल्यूएशन है। पुलबैक रैली की संभावना काफी तेज नजर आ रही है, लेकिन फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) की बिकवाली इस तेजी को सीमित कर सकती है।' पिछले 5 कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स में 2.91 पर्सेंट यानी 2,290.21 अंकों की गिरावट देखने को मिली है, जबकि निफ्टी 2.81 पर्सेंट यानी 667.45 अंक लुढ़क चुका है।
क्या करेक्शन पूरा हो चुका है?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा का कहना है कि नीचे की तरफ 23,200 का लेवल पार करने से मजबूत रिकवरी की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। उन्होंने कहा, ' सूचकांक 22,800 के लेवल पर फिर से पहुंच सकता है। बड़ी चिंता मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जबरदस्त बिकवाली को लेकर है, जो ज्यादा कमजोर जान पड़ते हैं। ट्रेडर्स को सावधान रहने की जरूरत है और उन्हें जोखिम प्रबंधन पर फोकस करना चाहिए।'
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