Currency Check : डॉलर के मुकाबले रुपया 2025 के उच्चतम स्तर 84.78 पर पहुंचा, 76 पैसे की बढ़त लेकर हुआ बंद

Forex Market : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि टैरिफ पर भारत के साथ बातचीत अच्छी चल रही है और उन्हें लगता है कि दोनों देश किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे। ट्रेडरों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया 200-डे मूविंग एवरेज के निकट स्थित टेक्निकल सपोर्ट स्तर से ऊपर रुपए चला गया है। इससे रूपए को और मजबूती मिली है

अपडेटेड Apr 30, 2025 पर 6:03 PM
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Currency markets : कुछ ट्रेडरों ने चेतावनी दी है कि पिछले सप्ताह कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सीमा पार तनाव बढ़ने की स्थिति में रुपये में गिरावट की आशंका बनी रहेगी

Dollar Vs Rupee : भारतीय रुपया बुधवार को 76 पैसे बढ़कर 84.49 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ है। जबकि मंगलवार को यह 85.25 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। डॉलर के मुकाबले रुपया आज इंट्रा में 2025 के उच्चतम स्तर 84.78 पर पहुंचता दिखा। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बढ़ती उम्मीद ने भी रुपये को मजबूती देने में मदद की।

भारतीय रुपया बुधवार को इस साल के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की वापसी,स्थानीय निर्यातकों की ओर से हेजिंग से संबंधित डॉलर की बिक्री में बढ़त और लोकल करेंसी में बियरिश पोजीशनों के कम होने से रुपए को सपोर्ट मिला। रुपया आज 0.5 फीसदी बढ़कर 84.78 रुपए प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। एशियाई मुद्राओं में हुई बढ़त से रुपए को भी सपोर्ट मिला। एशियाई मुद्राओं में आज 0.8 फीसदी तक की बढ़त हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि टैरिफ पर भारत के साथ बातचीत अच्छी चल रही है और उन्हें लगता है कि दोनों देश किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे। ट्रेडरों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया 200-डे मूविंग एवरेज के निकट स्थित टेक्निकल सपोर्ट स्तर से ऊपर रुपए चला गया है। इससे रूपए को और मजबूती मिली है।


एक ब्रोकरेज फर्म के एक बड़े ट्रेडर ने कहा है कि कई बैंकों के स्टॉप लॉस पर असर पड़ा है और कई डॉलर-लॉन्ग पोजीशन में उलटफेर देखने को मिला है। USD/INR के लिए 84.70-84.75 के स्तर पर अगला सपोर्ट दिख रहा है। पिछले दो सप्ताहों में भारतीय इक्विटी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश में आई तेजी से रुपए को बल मिला है। रुपया इस महीने 0.8 फीसदी की बढ़त दर्ज करने की ओर बढ़ रहा है।

एक बैंक के विदेशी मुद्रा सेलर ने बताया कि इस समय,निर्यातक अपने डॉलर रिसीवेबल को हेज करने पर फोकस कर रहे हैं। जबकि आयातकों की ओर से होने वाली मांग धीमी रही है,क्योंकि उनमें से कई ने पिछले महीने रुपए में तेजी आने पर अपनी देनदारियों को कवर कर लिया था। मार्च में रुपया 2 फीसदी से अधिक बढ़ा है। ये नवंबर 2018 के बाद इसका सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन है।

कुछ ट्रेडरों ने चेतावनी दी है कि पिछले सप्ताह कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सीमा पार तनाव बढ़ने की स्थिति में रुपये में गिरावट की आशंका बनी रहेगी।

 

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