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इकोनॉमिस्ट्स ने कहा, विदेशी मुद्रा की आवक बढ़ाने और रुपया में गिरावट रोकने में बहुत सफल नहीं होंगे RBI के उपाय

Dollar Vs Rupees: विदेशी माहौल अनुकूल नहीं है जिससे आरबीआई के उपायों से छोटी अवधि में थोड़ा फायदा हो सकता है। लेकिन, इनसे रुपया की दिशा बदलने की उम्मीद कम है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 80 के लेवल को पार कर गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 19, 2022 पर 1:34 PM
इकोनॉमिस्ट्स ने कहा, विदेशी मुद्रा की आवक बढ़ाने और रुपया में गिरावट रोकने में बहुत सफल नहीं होंगे RBI के उपाय
इस साल डॉलर के मुकाबले रुपया 4.5 फीसदी कमजोर हो चुका है।

RBI ने देश में विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) की आवक बढ़ाने के जो उपाय किए हैं, उनका ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है। इस वजह से डॉलर के मुकाबले रुपया के एक्सचेंज रेट पर इसका असर नहीं पड़ेगा। इकोनॉमिस्ट्स ने मनीकंट्रोल को यह बात बताई है। पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले रुपया में लगातार कमजोरी आ रही है।

कोटक सिक्योरिटीज में करेंसी डेरिवेटिव के हेड विकास बजाज ने कहा, "हमने रुपया में कमजोरी आने पर इस तरह के उपाय पहले भी देखे हैं। इनका खास असर नहीं पड़ता है। हमें यह इस तथ्य को स्वीकार करना होगा कि करंट अकाउंट (बढ़ता व्यापार घाटा) और कैपिटल अकाउंट (पूंजी का देश से बाहर जाना) दोनों ही मोर्चों पर रुपया को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उधर, डॉलर को लेकर माहौल काफी सपोर्टिव है और वित्तीय स्थितियां कठिन हो रही हैं।"

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