₹100 तक नहीं गिरेगा रुपया! गोल्डमैन को भरोसा, RBI और सरकार के इन फैसलों से मिल रहा सपोर्ट

Rupee News: इस समय मार्केट में एक चर्चा जोरों से चल रही है कि एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया कमजोर होकर ₹100 का लेवल छूएगा या नहीं। अब इसे लेकर गोल्डमैन का मानना है कि हाल-फिलहाल में आरबीआई और सरकार ने जो ऐलान किए हैं, उससे अब इसके ₹100 तक टूटने की आशंका खत्म हो गई है। जानिए रुपये को किन बातों से सपोर्ट मिल रहा है और ₹100 नहीं तो किस लेवल पर रुपया रहने वाला है

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 1:06 PM
Rupee News: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में उबाल और विदेशी निवेशकों की भारतीय स्टॉक मार्केट में ताबड़तोड़ बिकवाली से रुपये पर दबाव बढ़ने लगा और पिछले महीने यह ₹96.9650 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक टूट गया था। (File Photo- Pexels)

Rupee News: कुछ समय पहले तक एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये के टूटकर $100 के मनोवैज्ञानिक लेवल को छूने के आसार जताए जा रहे थे। हालांकि अब वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ग्रुप का मानना है कि यह इसकी लगातार कमजोरी थमने वाल है। इसकी वजह है सरकार और केंद्रीय बैंक RBI की तरफ से विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदम हैं। गोल्डमैन का मानना है कि इन कदमों से रुपये का गिरावट का दबाव हल्का होगा। हालांकि इस वैश्विक बैंक को रुपये में बड़ी मजबूती के भी फिलहाल आसार नहीं दिख रहे हैं यानी कि रुपया फिलहाल स्थिर रह सकता है।

RBI और सरकार के किन कदमों से रुपये को सपोर्ट?

न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक गोल्डमैन का दावा है कि भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से रुपये पर पड़ने वाले गिरावट के दबाव को सीमित किया जा सकेगा और डॉलर-रुपये का एक्सचेंज रेट लगभग स्थिर रहेगा। विदेशी निवेशकों को गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश पर टैक्स में छूट और अधिक डेट कैटेगरीज के दरवाजे खोलने के साथ-साथ विदेशी-करेंसी बॉन्ड्स और डिपॉजिट्स जुटाने वाले बैंकों को छूट से रुपये को सपोर्ट मिल सकता है। कुछ एनालिस्ट्स के मुताबिक इन कदमों से $5000 करोड़ तक का निवेश आ सकता है।


$100 नहीं तो किस लेवल पर रहेगा रुपया?

अभी हाल-फिलहाल में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल में उबाल और विदेशी निवेशकों की भारतीय स्टॉक मार्केट में ताबड़तोड़ बिकवाली से रुपये पर दबाव बढ़ने लगा और पिछले महीने यह ₹96.9650 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक टूट गया था। इसके चलते कई एनालिस्ट्स ने एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये के $100 का लेवल छूने तक की आशंका जता दी। हालांकि अब गोल्डमैन का अनुमान है कि तीन महीने में रुपया एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में ₹96 पर पहुंच सकता है। पहले यह अनुमान ₹97 का था। वहीं 6 महीने के अनुमान को ₹96 पर बरकरार रखा है तो 12 महीने के अनुमान को प्रति डॉलर ₹96 से बढ़ाकर ₹97 कर दिया है। अभी की बात करें तो आज सोमवार 8 जून को यह 0.4% गिरकर एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में ₹95.36 पर आ गया जबकि पिछले हफ्ते शुक्रवार को यह दो महीने से अधिक समय में सबसे तेज स्पीड से ऊपर चढ़ा था। गोल्डमैन के मुताबिक भारतीय रुपया फिलहाल डॉलर की तुलना में उभरते देशों की अंडरवैल्यूएड करेंसी में शुमार है।

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