बाजार हफ्ते के पहले दो दिनों उच्च स्तर पर बंद हुआ लेकिन वैश्विक और घरेलू मोर्चे पर कोई बड़ा डेवलपमेंट नहीं होने के बीच अगले दो दिनों के लिए choppy trade (अस्थिरता के साथ कारोबार) करता हुआ देखा गया। हालांकि बुल्स ने साल के आखिरी दिन अपने हाथों में बाजार की कमान संभाली और बेंचमार्क इंडेक्सेस इस हफ्ते 2 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।
पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 1,129.51 अंक (1.98 प्रतिशत) की तेजी के साथ 58,253.82 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 350.25 अंक (2 प्रतिशत) की तेजी के साथ 17,354 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि दिसंबर महीने में भी बाजार ने 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत बढ़ा जिसमें Responsive Industries, Shriram EPC, Jubilant Industries, BGR Energy Systems, Nureca Syncom Formulations, Cybertech Systems and Software, Kingfa Science & Technology, Kabra Extrusion Technik और Vikas WSP में 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखी गई । हालांकि PTL Enterprises, Marathon Nextgen Realty, Rushil Decor, Medicamen Biotech, Dilip Buildcon और ISGEC Heavy Engineering लूजर्स में शामिल रहे।
बीएसई मिड-कैप इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसमें Vodafone Idea, Oil India, Bajaj Holdings & Investment, Torrent Pharmaceuticals, SJVN, GMR Infrastructure, Aditya Birla Capital, Natco Pharma और Glenmark Pharma के नेतृत्व में बढ़त देखने को मिली। हालांकि RBL Bank, Indraprastha Gas, CRISIL, Zee Entertainment Enterprises, Jindal Steel & Power और Steel Authority of India में गिरावट नजर आई।
बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स 2 प्रतिशत बढ़ा जिसमें Titan Company, Sun Pharmaceutical Industries, Cadila Healthcare, Eicher Motors, Lupin, Tata Motors - DVR, Dr Reddys Laboratories, Divis Laboratories और UltraTech Cement में 5-8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते मार्केट वैल्यू में सबसे ज्यादा बढ़त Tata Consultancy Services,HDFC Bank, Titan Company और HCL Technologies में देखने को मिली। दूसरी तरफ Reliance Industries और Tata Steel को मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। (डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स में 5 प्रतिशत और ऑटो और टेलीकॉम इंडेक्स में 3 प्रतिशत की तेजी के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।
विदेशी संस्थागत निवेशक (Foreign institutional investors (FIIs) ने दिसंबर में लगातार तीसरे महीने बिकवाली की। उन्होंने 35,493.59 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (domestic institutional investors (DIIs) ने खरीदारी जारी रखी और उन्होंने लगातार दूसरे महीने 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी खरीदी। वहीं इस हफ्ते एफआईआई ने 2217.1 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची और डीआईआई ने 4,273.55 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
भारतीय रुपया पिछले सप्ताह में और अधिक बढ़ गया। 31 दिसंबर को यह 68 पैसे बढ़कर 74.33 पर बंद हुआ जबकि 24 दिसंबर को 75.01 पर बंद हुआ था।