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निफ्टी 17000 नीचे, पड़ गया है रंग में भंग, जानिए निवेशकों को क्यों रहना है सजग

निफ्टी 18000 के ऊपर दिख रहा है लेकिन मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि बॉन्ड मार्केट के प्रतिफल और इक्विटी मार्केट के प्रतिफल के बीच बढ़ता अंतर रंग में भंग डाल सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 28, 2022 पर 1:08 PM
निफ्टी 17000 नीचे, पड़ गया है रंग में भंग, जानिए निवेशकों को क्यों रहना है सजग
बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों का रुख इक्विटी मार्केट को लेकर क्या होगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि किस वजह से बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो रही है

बाजार में इस समय तेजी का मूड देखने को मिल रहा है। लेकिन निफ्टी के अर्निंग और 10 ईयर बॉन्ड यील्ड के बीच बढ़ता अंतर आगे पार्टी का मूड बिगाड़ सकता है। गौरतलब है कि इस समय (12 सितंबर 2022) को 10 ईयर बॉन्ड यील्ड 7.17 फीसदी पर नजर आ रहा है। वहीं निफ्टी का अर्निंग यील्ड 4.78 फीसदी पर दिख रहा है। इन दोनों यील्डों के बीच का अंतर 2 फीसदी से ज्यादा (2.35 फीसदी) हो गया है। पिछले इतिहास पर नजर डालें तो इन दोनों के यील्ड में जब भी इतना बड़ा अंतर देखने को मिला है तब निफ्टी में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। अक्टूबर 2021, जनवरी 2022 और अप्रैल 2022 में हमें कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। जेफरीज की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी का रजिस्टेंस लेवल 18000- 18500 के बीच रहा है।

बॉन्ड यील्ड और निफ्टी के अर्निंग यील्ड के बीच का संबंध

बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों का रुख इक्विटी मार्केट को लेकर क्या होगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि किस वजह से बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो रही है। अगर इकोनॉमी में ग्रोथ और इसकी वजह से महंगाई में होने वाली बढ़ोतरी के कारण बॉन्ड यील्ड बढ़ती है तो निवेशक इक्विटी मार्केट में निवेश करते नजर आ सकते हैं। इसकी वजह यह है कि निवेशकों को विश्वास होता है कि शानदार ग्रोथ के दौर में कंपनियां अच्छी कमाई कर सकती हैं और अपने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकती हैं।

वहीं अगर बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करते हैं और इसके कारण बॉन्ड यील्ड में बढ़त होती है तो निवेशक इक्विटी बाजार में बढ़ते जोखिम से बचने के लिए बॉन्ड बाजार की तरफ रुख करते नजर आ सकते हैं। ऐसे में निवेशकों में इस बात का डर होता है कि कंपनियां बढ़ती महंगाई के दौर में अच्छी कमाई नहीं कर पाएंगी। इससे स्टॉक मार्केट में उनको घाटा हो सकता है।

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