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RBI MPC Minutes : RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में किस सदस्य की राय बिल्कुल अलग थी?

दुनियाभर में केंद्रीय बैंक अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में बदलाव ला रहे हैं। कुछ ने तो मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अगले महीने से प्रमुख ब्याज दर में वृद्धि का सिलसिला शुरू करने का ऐलान किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 24, 2022 पर 6:55 PM
RBI MPC Minutes : RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में किस सदस्य की राय बिल्कुल अलग थी?
इस महीने की शुरुआत में हुई एमपीसी की बैठक में ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने अकोमोडेटिव रुख जारी रखने का संकेत दिया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के मिनट्स (Minutes of Meeting) जारी कर दिए हैं। इससे पता चलता है कि इस महीने की शुरुआत में हुई बैठक में मॉनेटरी पॉलिसी को अकोमोडेटिव (Accommodative Policy) बनाए रखने का फैसला किस तरह लिया गया। इससे यह भी पता चलता है कि किस सदस्य का इस बारे में क्या रुख था। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

एमपीसी के मिनट्स से पता चलता है कि कमेटी के सदस्य जयंत वर्मा की राय बाकी सदस्यों से जुदा थी। उन्होंने अकोमोडेटिव पॉलिसी जारी रखने के खिलाफ अपनी राय दी थी। उन्होंने कहा था कि कोरोना की महामारी से निपटने पर एमपीसी के लगातार फोकस करने के विपरीत नतीजे सामने आए हैं। वर्मा एमपीसी के एकमात्र सदस्य थे, जिन्होंने न्यूट्रल पॉलिसी की तरफ बढ़ने की राय दी थी।

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इस महीने की शुरुआत में हुई एमपीसी की बैठक में ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने अकोमोडेटिव रुख जारी रखने का संकेत दिया था। इससे पहले भी वर्मा कह चुके हैं कि महामारी से निपटने में मॉनेटरी पॉलिसी की सीमित भूमिका है। वह अकोमोडेटिव पॉलिसी जारी रहने के खिलाफ रहे हैं। उनका मानना रहा है कि आरबीआई को पॉलिसी से जुड़े मुख्य मसलों पर फोकस करना चाहिए।

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