रूस के स्टॉक मार्केट्स (Russian Stock Markets) में गुरुवार को इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट आई। रूस ने गुरुवार को पौ फटते ही यूक्रेन पर हमला कर दिया। इसका सीधा असर रूस के स्टॉक मार्केट्स पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में रूस का मोएक्स इंडेक्स (MOEX Index) 45 फीसदी तक लुढ़क गया। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ा सुधार आया। भारतीय समय के अनुसार शाम 5:14 बजे मोएक्स करीब 32 फीसदी गिरकर 2780 अंक पर था।
रूस की मुद्रा रूबल में भी गुरुवार को बड़ी गिरावट आई। रूस की बड़ी कंपनियों के शेयर भी युद्ध की खबर से लुढ़क गए। रूस की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी गमप्रोम के शेयर 33 फीसदी तक गिर गए। लुकऑयल र नोवाटेक के शेयर 20-20 फीसदी गिर गए। रूबल के डॉलर के मुकाबले गिरकर 89 के स्तर पर आ जाने के बाद मॉस्को एक्सचेंज को थोड़े समय के लिए बंद कर दिया गया। हालांकि, रूस के सेंट्रल बैंक के हस्तक्षेप के बाद यह कुछ हद तक संभलने में कामयाब रहा।
रूस में गुरुवार को बॉन्ड की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई। इससे 10 साल के बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 15 फीसदी पर पहुंच गई। एक दिन पहले यह यील्ड 11 फीसदी से कम थी। रूस के मार्केट में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और पश्चिमी देशों से सख्त प्रतिबंध का अनुमान है। अमेरिका, जर्मनी और इंग्लैंड ने बुधवार को कुछ प्रतिबंध लगाए थे। लेकिन, गुरुवार को यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने का अनुमान है।
उधर, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का असर यूरोपीय स्टॉक मार्केट्स पर भी पड़ा। लंदन स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक FTSE 100 यूक्रेन पर हमले की खबर से 3.21 फीसदी लुढ़क गया। फ्रांस का प्रमुख सूचकांक CAC 40 भी 4.83 फीसदी गिर गया। जर्मनी का सबसे प्रमुख सूचकांक DAX हमले की खबर से 4.90 फीसदी कमजोर चल रहा था। स्विट्जरलैंड का स्विस मार्केट इंडेक्स भी 3.27 फीसदी लुढ़क गया।
इधर, इंडियन मार्केट्स (Indian Stock Markets) गुरुवार को यूक्रेन पर हमले की खबर से बड़ी गिरावट के साथ खुलें। फिर जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गिरावट बढ़ती गई। आखिर में सेंसेक्स 2,702 यानी 4.72 फीसदी गिरकर 54,529 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 815 प्वाइंट्स (4.78 फीसदी) लुढ़कने के बाद 16,247 अंक पर क्लोज हुआ। अच्छी बात यह है कि शाम 3:30 बजे बाजार के बंद होने का टाइम था, नहीं तो सूचकांक कहां तक फिसलते, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता।