Russia Attacks Ukraine : आपने एक्सपर्ट्स की यह राय मान ली तो होंगे मालामाल

एक्सपर्ट्स ने इनवेस्टर्स को 'वेट एंड वॉच' की पॉलिसी अपनाने को कहा है। उनका कहना है कि इस गिरावट में उन्हें छोटी अवधि के लिए बड़ी खरीदारी करने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक खरीदारी कर सकते हैं

अपडेटेड Feb 24, 2022 पर 9:02 PM
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कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मौका इनवेस्टर्स के लिए खरीदारी का है। उन्हें सस्टेनेबल ग्रोथ वाली कंपनियों के शेयरों में इनवेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए।

गुरुवार का दिन शेयरों के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। एक दिन पहले तक किसी को उम्मीद नहीं थी कि गुरुवार को सेंसेक्स (Sensex) 2700 अंक लुढ़क जाएगा। दरअसल, गुरुवार की सुबह यूक्रेन पर रूस (Russia Attacks Ukraine) के हमले की खबर ने दुनियाभर के स्टॉक मार्केट्स को हिला कर रख दिया।

इंडियन मार्केट्स (Indian Stock Markets) बड़ी गिरावट के साथ खुलें। फिर जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गिरावट बढ़ती गई है। आखिर में सेंसेक्स 2,702 यानी 4.72 फीसदी गिरकर 54,529 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 815 प्वाइंट्स (4.78 फीसदी) लुढ़कने के बाद 16,247 अंक पर क्लोज हुआ। अच्छी बात यह है कि शाम 3:30 बजे बाजार के बंद होने का टाइम था, नहीं तो सूचकांक कहां तक फिसलते, इसका अनुमान नहीं है।

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सेंसेक्स में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट 23 मार्च, 2020 को आई थी। उस दिन कारोबार के दौरान सेंसेक्स 4,035 अंक गिर गया था। 2020 में ही सेंसेक्स 13 मार्च को 3,389 अंक गिर गया था। इससे एक दिन पहले यानी 12 मार्च, 2020 को यह 3,204 अंक लुढ़का था। फिर, उसी साल 16 मार्च को यह कारोबार के दौरान 2,827 अंक गिरा था। इस तरह गुरुवार (24 फरवरी, 2022) को आई 2,702 अंक की गिरावट सेंसेक्स की पांचवीं सबसे बड़ी गिरावट है। कोरोना के असर से बाजार के गिरने के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट है।

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इस गिरावट के बारे में जानकारों ने अपनी राय दी है। एक्सिस सिक्योरिटीज के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर नवीन कुलकर्णी ने कहा, "जियोपॉलिटिकल इवेंट्स पर अक्सर मार्केट्स में शॉर्ट-टर्म रिएक्शन देखने को मिलता है। बड़ी खबरें बाजार में अस्थिरता बढ़ा देती हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आएगा।" उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि मौजूदा मैक्रोइकोनॉमिक डेवलपमेंट के चलते सभी एसेट क्लास में उतार-चढ़ाव दिख रहा है। कुछ समय के लिए यह स्थति बनी रहेगी, उसके बाद मार्केट अपनी दिशा तलाश लेगा।"

एक्सपर्ट्स ने इनवेस्टर्स को 'वेट एंड वॉच' की पॉलिसी अपनाने को कहा है। उनका कहना है कि इस गिरावट में उन्हें बड़ी खरीदारी करने से बचना चाहिए। शेयरइंडिया में वाइस-प्रेसिडेंट और रिसर्च हेड रवि सिंह ने कहा, "सेलिंग थोड़ी और जारी रह सकती है। इससे प्रमुख सूचकांक 8 से 10 फीसदी और करेक्ट हो सकते हैं। ऐसे में निफ्टी 15,500 के लेवल तक जा सकता है।" सिंह ने कहा कि लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स जो 3 से 5 साल के लिए खरीदारी करना चाहते हैं वे गिरावट के इस मौके का फायदा उठा सकते हैं।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ विजय चंडोक ने कहा कि कुछ समय बाद हालात सामान्य हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "हमें नहीं लगता कि रूस पर लगने वाले प्रतिबंध से क्रूड में ज्यादा उछाल आएगा। इसकी वजह यह है कि ऐसा होने पर यूरोप और अमेरिका को भी नुकसान होगा। यह मौका इनवेस्टर्स के लिए खरीदारी का है। उन्हें सस्टेनेबल ग्रोथ वाली कंपनियों के शेयरों में इनवेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए।"

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