Gold vs Silver: 'चांदी की कीमतों में आएगा रिकॉर्ड उछाल', ज्वेलर्स बोले- पीएम मोदी की अपील के बाद नया सोना बनी चांदी

Gold vs Silver: पीएम मोदी की गोल्ड खरीद कम करने की अपील के बाद चांदी की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। मंगलवार को ही इसका दाम 12000 रुपये बढ़ गया। ज्वेलरी इंडस्ट्री का कहना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड बना सकती हैं। जानिए पूरी डिटेल।

अपडेटेड May 12, 2026 पर 10:35 PM
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इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की मांग और बढ़ सकती है।

Gold vs Silver: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील का असर अब ज्वेलरी बाजार में भी दिखने लगा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे चांदी की मांग और तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि अब कई लोग सोने के मुकाबले चांदी को सस्ता और किफायती विकल्प मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

यह चीज ज्लेवरी मार्केट में दिख भी गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, चांदी मंगलवार को 12,000 रुपये यानी 4.53 फीसदी उछलकर 2,77,000 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। इसके मुकाबले सोने का दाम सिर्फ 1500 ही बढ़ा।

चांदी में क्यों बढ़ रही दिलचस्पी


CNBC-TV18 से बातचीत में Purple Jewels के मैनेजिंग डायरेक्टर नितेश जैन ने कहा कि सोने की लगातार बढ़ती कीमतें और ग्राहकों की बदलती पसंद चांदी को तेजी से मेनस्ट्रीम ज्वेलरी बाजार में ला रही हैं।

उन्होंने कहा कि अब लोग गोल्ड से सिल्वर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। सोना इतना महंगा हो गया है कि कई लोग अपनी पसंद की ज्वेलरी नहीं खरीद पा रहे। ऐसे में उनके पास अगला बड़ा विकल्प चांदी बनती जा रही है।

पीएम मोदी की अपील से क्यों बढ़ी चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में लोगों से गैर जरूरी गोल्ड खरीद कम करने की अपील की थी। इसका मकसद विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना और आयात पर निर्भरता घटाना है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार आर्थिक सतर्कता पर जोर दे रही है।

भारत में सोना लंबे समय से निवेश और पारिवारिक संपत्ति का अहम हिस्सा माना जाता है। शादी और त्योहारों में भी इसकी खरीदारी परंपरा का हिस्सा रही है। लेकिन FY26 में भारत ने करीब 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जिससे यह कच्चे तेल के बाद देश के सबसे बड़े आयात क्षेत्रों में शामिल हो गया।

क्या सरकार गोल्ड खरीद के खिलाफ है?

Khurana Jewellery House की सौम्या खुराना का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी का बयान गोल्ड के खिलाफ नहीं, बल्कि अनिश्चित समय में जिम्मेदार आर्थिक व्यवहार की अपील है।

उन्होंने बताया कि फरवरी के अंत से मई की शुरुआत तक भारत करीब 32.7 अरब डॉलर का गोल्ड आयात कर चुका है। ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और बढ़ता है।

रिसाइकल गोल्ड पर भी बढ़ रहा जोर

सौम्या खुराना ने कहा कि ज्वेलरी इंडस्ट्री अब लोगों को नया सोना खरीदने की बजाय पुराने गोल्ड को एक्सचेंज और रिसाइकल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। World Gold Council के अनुमान के मुताबिक भारतीय घरों में करीब 25,000 से 30,000 टन सोना मौजूद है।

उन्होंने कहा कि अगर लॉकरों में रखा सोने का थोड़ा हिस्सा भी बाजार में वापस आता है, तो आयात और विदेशी मुद्रा पर दबाव काफी कम हो सकता है।

क्या चांदी की कीमतें और बढ़ सकती हैं?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की मांग और बढ़ सकती है। नितेश जैन के मुताबिक चांदी की कीमतों को इंडस्ट्रियल डिमांड और दुनिया भर में ब्याज दरों में संभावित कटौती से भी सपोर्ट मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि लोग उसी जगह पैसा लगाते हैं, जहां उन्हें तेजी से ग्रोथ दिखती है। उनके मुताबिक चांदी की कीमतें आने वाले समय में नए रिकॉर्ड स्तर तक जा सकती हैं।

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